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Darbhanga : गुरु -शिष्य ज्ञान परंपरा को वर्तमान परिवेश में मेंटरशिप मेथड के तौर पर अपनाया जाना जरूरी

Updated at : 25 Jul 2025 7:21 PM (IST)
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Darbhanga : गुरु -शिष्य ज्ञान परंपरा को वर्तमान परिवेश में मेंटरशिप मेथड के तौर पर अपनाया जाना जरूरी

गुरु शिष्य परंपरा को वर्तमान परिवेश में आत्मसात करने के लिए मेंटरशिप मेथड को अपनाना चाहिए.

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एमएलएसएम कॉलेज में गुरु -शिष्य ज्ञान परंपरा पर व्याख्यान

दरभंगा. एमएलएसएम कॉलेज, दरभंगा में भारतीय शिक्षण मंडल उत्तर बिहार प्रांत एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वाधान में गुरु -शिष्य ज्ञान परंपरा पर व्याख्यान माला की शुरुआत दीप प्रज्वलन तथा वेदव्यास के फोटो पर पुष्पांजलि अर्पण के साथ की गयी. अध्यक्षता करते हुये प्रधानाचार्य डॉ शंभू कुमार यादव ने कहा कि गुरु शिष्य परंपरा को वर्तमान परिवेश में आत्मसात करने के लिए मेंटरशिप मेथड को अपनाना चाहिए. मुख्य अतिथि पीजी मनोविज्ञान विभाग के पूर्व अध्यक्ष सह भारतीय शिक्षण मंडल के पालक अधिकारी डॉ अमरेंद्र प्रकाश चौबे ने गुरू- शिष्य ज्ञान परंपरा पर आदिकाल से अबतक के महत्व को विस्तार पूर्वक बताया. डॉ सतीश कुमार सिंह, डॉ अनिल कुमार चौधरी, डॉ विवेक राय, डॉ रंजन कुमार आदि ने भी गुरु- शिष्य परंपरा पर अनुभव साझा किया. डॉ उदय कुमार साह ने मंच संचालन तथा डॉ अवनीश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया. एनएसएस के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ नरेंद्र कुमार नीरज, डॉ सुबोध चंद्र यादव, छात्र मो. फैजल ने भी विचार रखा. आयोजन में डॉ किरण कुमारी, डॉ कुमुद कुमारी, डॉ सुप्रीता शालिनी, डॉ प्रियंका लाल, डॉ ज्वाला चन्द्र चौधरी, डॉ चंद्रनाथ मिश्र, डॉ आनंद मोहन झा, डॉ मदन मोहन मिश्र आदि मौजूद थे.

प्रो. उमा कांजीलाल को इग्नू का कुलपति बनाये जाने पर जतायी खुशी

दरभंगा. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय का कुलपति प्रो. उमा कांजीलाल को बनाये जाने पर क्षेत्रीय केंद्र, दरभंगा में शिक्षाकर्मियों ने खुशी जतायी है. निदेशक डॉ संतन कुमार राम ने कहा कि प्रो. कांजीलाल, कानपुर विश्वविद्यालय एवं जीवाजी विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा अर्जित की. कैरियर की शुरुआत 1984 में रिसर्च अस्सिटेंट के रूप में आइआइटी कानपुर से की थी. इसके बाद कैटलॉगर एवं प्रोफेशनल असिस्टेंट के रूप में कार्य करते हुए इग्नू में लेक्चरर से लेकर प्रोफेसर तक का सफर तय किया. कहा कि उनके पास विशद प्रशासनिक अनुभव है, जिसमें लाइब्रेरी इंचार्ज, सामाजिक विज्ञान संकाय निदेशक, एडवांस सेंटर फॉर इनफॉर्मेटिक्स एंड इनफार्मेशन निदेशक, अंतर विश्वविद्यालय तकनीक शिक्षा एवं विकास संघ निदेशक और ऑनलाइन शिक्षा केंद्र निदेशक का पद शामिल रहा है. उन्होंने सभी विभागों में अपनी प्रशासनिक कुशलता का लोहा मनवाया. डॉ राम ने आशा व्यक्त किया कि प्रो. कान्जीलाल के नेतृत्व में विश्वविद्यालय नयी उंचाई प्राप्त करेगा.

सीएम साइंस कॉलेज में संगोष्ठी 29 को

दरभंगा. डॉ प्रभात दास फाउण्डेशन एवं चंद्रधारी मिथिला विज्ञान महाविद्यालय के भौतिकी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 29 जुलाई को संगोष्ठी होगी. “21वीं सदी में भौतिकी : नवाचार और खोज ” विषयक संगोष्ठी में सहभागिता निःशुल्क है. यह निर्णय प्रधानाचार्य प्रो. डॉ दिलीप चौधरी की अध्यक्षता में सम्पन्न बैठक में लिया गया. मौके पर डॉ यूके दास, डॉ अजय ठाकुर, डॉ आदित्य नाथ मिश्रा, फाउंडेशन के सचिव मुकेश कुमार झा आदि उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SATISH KUMAR

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