Darbhanga News: हड़ताल पर गये डीएमसीएच के जूनियर चिकित्सक, ओपीडी से निराश लौटे सैंकड़ों मरीज

Updated at : 26 Aug 2025 10:59 PM (IST)
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Darbhanga News: हड़ताल पर गये डीएमसीएच के जूनियर चिकित्सक, ओपीडी से निराश लौटे सैंकड़ों मरीज

Darbhanga News:दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) के जूनियर डॉक्टर यूजी (इंटर्न) मंगलवार की सुबह से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये.

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Darbhanga News: दरभंगा. छात्रवृत्ति बढ़ोतरी की मांग को लेकर दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) के जूनियर डॉक्टर यूजी (इंटर्न) मंगलवार की सुबह से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गयं. सुबह करीब नौ बजे उन्होंने आउटडोर (ओपीडी) के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया. इससे ओपीडी की सेवा पूरी तरह बंद हो गयी. अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे सैकड़ों मरीज बिना उपचार के वापस लौटने को मजबूर हो गए. हालांकि, इमरजेंसी और इनडोर वार्डों में चिकित्सा व्यवस्था सामान्य रही. आपातकालीन सेवाओं पर असर नहीं पड़ा, लेकिन नियमित उपचार व परामर्श के लिए आने वाले मरीज वापस हो गये. छात्रों ने बताया कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये हैं. डॉ उज्ज्वल कुमार, डॉ भावेश कुमार, डॉ मनीष कुमार, डॉ सर्वोत्तम कुमार, डॉ लड्डू कुमार, डॉ साकेत कुमार, डॉ आयुष कुमार, डॉ ज्योति कुमारी, डॉ शांभवी कुमारी, डॉ अस्मिता कुमारी, डॉ श्याम कुमार, डॉ रितेश कुमार यादव आदि आंदोलन में शामिल थे.

230 मरीजों का हो चुका था रजिस्ट्रेशन

जानकारी के अनुसार ओपीडी ठप किये जाने से पहले 230 मरीज इलाज के लिए पर्ची कटा चुके थे. कुछ विभागों में कुछ मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श भी दिया गया. इसी बीच जूनियर छात्रों के गतिरोध से काम रुक गया. बता दें कि ओपीडी मे रजिस्ट्रेशन कार्य सुबह आठ से एक बजे तक चलता है.

मरीजों की नाराजगी

सुबह से ही लंबी कतार में मरीज और उनके परिजन खड़े थे. पर्ची कटवाने के बावजूद चिकित्सक नहीं मिलने से लोग नाराज दिखे. दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आए मरीजों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि निजी अस्पतालों का रुख करना उनकी मजबूरी है. इससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा.

जूनियर डॉक्टरों की ये है मांग

जूनियर डॉक्टरों ने बताया कि वर्तमान में उन्हें 20 हजार रुपये छात्रवृति मिल रही है. जबकि अन्य राज्यों में यह राशि 40 हजार रुपये से अधिक है. कहा कि बार- बार आश्वासन के बावजूद सरकार उनकी मांगों पर अमल नहीं कर रही. मजबूर होकर हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है.

सामान्य दिनों में 2000 मरीजों का होता इलाज

सामान्य दिनों में बुधवार को ओपीडी में लगभग 2000 मरीजों को परामर्श दिया जाता है. इसमें अधिकांश नये मरीज होते हैं. हड़ताल के कारण अस्पताल परिसर की स्थिति आज बदली- बदली नजर आयी.

कहतीं हैं अधीक्षक

जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल की जानकारी विभाग को दी जा चुकी है. छात्रवृति में बढ़ोतरी की मांग को लेकर ओपीडी सेवा को छात्रों ने ठप कर दी है. आपातकालीन व इंडोर की चिकित्सा व्यवस्था सामान्य है. हड़ताल समाप्त कराने की कोशिश हो रही है.

डॉ शीला कुमारी, अधीक्षक

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