Darbhanga News: भारतीय इतिहास के निर्धारण में अशोक के शिलालेख महत्वपूर्ण

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 21 Dec 2024 11:21 PM

विज्ञापन

Darbhanga News: "अशोक के अभिलेखों की भाषा और लिपि का विश्लेषण " विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सिम्पोजियम शनिवार को समाप्त हो गया.

विज्ञापन

Darbhanga News: दरभंगा. मारवाड़ी कॉलेज में संस्कृत विभाग, डॉ प्रभात दास फाउंडेशन और ज्योतिर्वेद विज्ञान संस्थान, पटना की ओर से “अशोक के अभिलेखों की भाषा और लिपि का विश्लेषण ” विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सिम्पोजियम शनिवार को समाप्त हो गया. दूसरे दिन मुख्य अतिथि सह आयरलैंड में भारत के राजदूत अखिलेश मिश्रा ने कार्यक्रम में ऑन लाइन भाग लेते हुए कहा कि भारतीय इतिहास के निर्धारण में अशोक के शिलालेख महत्वपूर्ण हैं. भू-राजनीति की दृष्टि से ये अभिलेख अफगानिस्तान तथा नेपाल तक अशोक के साम्राज्य विस्तार के ठोस प्रमाण हैं. कहा कि सांस्कृतिक विरासत, चिंतन परम्परा की आधारशिला पर स्थापित विकसित भारत की संकल्पना में सम्राट अशोक का बौद्धिक नेतृत्व अत्यावश्यक है. भारत की प्राचीन लिपियों और भाषाओं के अध्ययन से वैश्विक कूटनीति में नई संभावनाएं जुड़ सकती है.

अशोक के अभिलेख हमें देते प्राचीन भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक समझ- प्रो. राव

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रो. सी. उपेंद्र राव ने कहा कि अशोक के अभिलेख हमें न केवल प्राचीन भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक समझ देते हैं, बल्कि यह भी दिखाते हैं कि भाषा और लिपि कैसे संवाद का माध्यम बनती है. संयोजक डॉ विकास सिंह ने कहा कि सम्राट अशोक के अभिलेख भारतीय इतिहास के अमूल्य दस्तावेज हैं. ये अभिलेख न केवल प्राचीन भारत की शासन प्रणाली, समाज और धर्म का चित्रण करते हैं, बल्कि ब्राह्मी लिपि और प्राकृत भाषा के विकास को भी दर्शाते हैं. प्रधानाचार्य डॉ कुमारी कविता, ज्योतिर्वेद विज्ञान संस्थान, पटना के निदेशक डॉ राज नाथ झा ने भी विचार रखा.

कार्यक्रम में इन लोगों ने लिया भाग

कार्यक्रम में श्रीलंका के प्रो. लेनेगल सिरिनिवास महाथेरो, भंते पेपलियावल नारद, पेरादानिया विश्वविद्यालय श्रीलंका से डॉ संमथा इलान्गाकून, थाइलैंड के महाचूलान्ग कोर्नराज विद्यालय विश्वविद्यालय से डॉ फ्राप्लाद सोरावित आफिपन्हो, भंते दीप रतन, फिनलैंड से इरशाद नौरजोई बाल्खी, मंगोलिया से गीत गोविंद शुक्ल, वियतनाम से भंते डॉ थिच दोंग देस ने ऑन लाइन भाग लिया. जम्मू से डॉ अजय कुमार सिंह, पंजाब से प्रो. रितु बाला, उत्तर प्रदेश से प्रो. रमेश प्रसाद, डॉ प्रफुल्ल गडपाल, डॉ कुलदीपक शुक्ल, दिल्ली से डॉ सौरभ, डॉ शारदा गौतम, डॉ राजेन्द्र कुमार, महाराष्ट्र से डॉ संघप्रकाश डुड्डे, तेलंगाना से डॉ गीतांजलि नायक, मध्य प्रदेश से डॉ कीर्ति जैन, पश्चिम बंगाल से सोमनाथ दास, सिक्किम से सुनंद सु कुंडू आदि ने भी सहभागिता दी. स्थानीय स्तर पर डॉ कंदेगम दीपवंसालंकार थेरो, डॉ आरएन चौरसिया, डॉ सूरज नायक, डॉ राजनाथ झा, डॉ सुधीर कुमार, डॉ विनोद बैठा, डॉ उमेश राय, डॉ मुकेश कुमार झा आदि शामिल हुये.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन