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Darbhanga : शहर में बढ़ने लगा वायु प्रदूषण, 150 के पार पहुंचा एयर क्वालिटी इंडेक्स

Updated at : 19 Dec 2025 6:06 PM (IST)
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Darbhanga  : शहर में बढ़ने लगा वायु प्रदूषण,  150 के पार पहुंचा एयर क्वालिटी इंडेक्स

सर्दी का मौसम शुरू होते ही शहर में वायु प्रदूषण बढ़ने लगा है. पिछले कुछ दिनों से एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) का स्तर लगातार ऊपर जा रहा है.

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मरीजों को विशेष एहतियात बरतने की जरूरत

दरभंगा. सर्दी का मौसम शुरू होते ही शहर में वायु प्रदूषण बढ़ने लगा है. पिछले कुछ दिनों से एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) का स्तर लगातार ऊपर जा रहा है. शुक्रवार को शहर में यह 178 के पार पहुंच गया. इसे मध्यम से खराब श्रेणी माना जाता है. चिकित्सकों के अनुसार बच्चों, बुजुर्गों और श्वास संबंधी रोगियों के लिए यह हानिकारक है. पर्यावरण विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में हवा और ठंडी होगी. इसके साथ प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है. नगर के कई क्षेत्रों में सुबह और शाम के समय घना कोहरा रहता है.

101 से 200 के बीच माना जाता मध्यम

जानकारों के मुताबिक एयर क्वालिटी इंडेक्स शून्य से 50 के बीच होना बेहतर माना जाता है. 51 से 100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच मध्यम, 201 से 300 के बीच बेहद खराब, 301 से 400 के बीच खतरनाक स्थिति होती है. वहीं 401 से 500 के बीच वायु गुणवत्ता सूचकांक को गंभीर श्रेणी में माना जाता है.

सड़कों की सही से सफाई नहीं किया जाना बन रहा प्रमुख कारण

शहर की मुख्य समेत शाखा सड़कों पर जमे धूल कण गाड़ियों की आवाजाही से लगातार हवा में उड़ते रहते हैं. नगर निगम के सफाई कर्मी सड़कों के किनारे जमे धूल को हटाने में दिलचस्पी नहीं लेते. गंदगी हटाकर धूल कणों को यथावत छोड़ दिया जाता है. शहर में कई स्थलों पर आरओबी निर्माण हो रहा है. इसके आसपास सड़कें तोड़ी गयी है. वहां मिट्टी तथा धूल भरा रहता है. सुबह-शाम पानी का छिड़काव नहीं होने से हवा को प्रदूषित करने में इन जगहों का भी हाथ बताया जाता है.

दिनांक- एक्यूआइ लेवल

19 दिसंबर- 17820 दिसंबर- 188

21 दिसंबर- 183

22 दिसंबर- 175

23 दिसंबर- 171

24 दिसंबर- 170

प्रदूषित हवा श्वसन तंत्र पर डालता सीधा प्रभाव : डॉ सिंह

दरभंगा. डीएमसीएच के मेडिसिन विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ बीके सिंह ने बताया कि 150 से ऊपर का एक्यूआइ श्वसन तंत्र पर सीधा प्रभाव डालता है. इस स्तर पर हवा में मौजूद सूक्ष्म कण (पीएम 2.5 और पीएम 10) फेफड़ों में गहराई तक प्रवेश करते हैं, जिससे खांसी, सांस फूलना, एलर्जी, आंखों में जलन होता है. दमा के मरीजों में समस्या बढ़ सकती है. कहा कि जिन लोगों को पहले से अस्थमा, ब्रोंकाइटिस या हृदय रोग है, उन्हें विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है. अचानक सांस फूलने व अन्य शारीरिक समस्या होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिये.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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