इन 5 चीजों का घमंड इंसान को कर देता है बर्बाद, अर्श से फर्श पर नहीं आना है तो मान लें चाणक्य की यह सलाह

Edited by Saurabh Poddar
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इंसान को किन चीजों का घमंड कभी नहीं करना चाहिए? AI image

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य की नीतियां आज भी हमें सही रास्ता दिखाती हैं. उनके अनुसार किसी भी व्यक्ति को जीवन में कुछ चीजों का अहंकार करने से कोसों दूर रहना चाहिए. किस भी चीज का घमंड अपने अंदर पालने से सोचने-समझने की ताकत खो जाती है और आगे चलकर जीवन बर्बाद भी हो सकता है.

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Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य को अपने समय के सबसे ज्ञानी और बुद्धिमान पुरुष के तौर पर भी जाना जाता है. उन्होंने अपने समय में जिन बातों का भी जिक्र किया था वे आज के समय में भी हमें एक सही रास्ता दिखाने का काम कर रही हैं. आचार्य चाणक्य ने जिन बातों का जिक्र किया था उन्हें ही हम आज के समय में चाणक्य नीति के नाम से जानते हैं. अपनी इन्हीं नीतियों में उन्होंने कुछ ऐसी चीजों का भी जिक्र किया है जिनपर कभी भी किसी भी इंसान को घमंड या अहंकार करने की गलती नहीं करनी चाहिए. आचार्य चाणक्य के अनुसार जो भी व्यक्ति इन चीजों का घमंड करता है, उसके सोचने-समझने की ताकत समय के साथ कमजोर होती चली जाती है. आज इस आर्टिकल में हम आपको इन्हीं 5 चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका घमंड किसी भी व्यक्ति की बर्बादी का कारण बन जाता है. तो चलिए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से.

नहीं होना चाहिए धन और दौलत का घमंड

आचार्य चाणक्य के अनुसार पैसा अगर आज आपके पास है तो वह कल भी आपके पास हो ऐसा जरूरी नहीं है. धन की प्रकृति चंचल होती है, जो कभी भी एक जगह पर टिक कर नहीं रहती. कई बार लोग अमीर होने पर दूसरों को छोटा समझने लगते हैं और अपनी दौलत का दिखावा करते हैं. चाणक्य के अनुसार, जो व्यक्ति अपने पैसों पर घमंड करता है और गरीबों का अपमान करता है, मां लक्ष्मी उससे रूठ जाती हैं. समय बदलते ही ऐसे व्यक्ति की सारी धन-दौलत बर्बाद हो जाती है और उसे पाई-पाई के लिए तरसना पड़ता है. इसलिए, धन होने पर आपको हमेशा विनम्र रहना चाहिए और दूसरों की मदद करनी चाहिए.

रूप और सुंदरता का घमंड भी कर सकता है बर्बाद

चाणक्य नीति के अनुसार किसी भी व्यक्ति को अपनी शारीरिक सुंदरता पर कभी भी घमंड नहीं करना चाहिए. चाणक्य का मानना है कि रूप और जवानी हमेशा रहने वाली चीजें नहीं हैं. बढ़ती उम्र के साथ चेहरे की चमक और शरीर की ताकत दोनों कम होने लगती हैं. जो इंसान केवल अपने बाहरी रूप को देखकर दूसरों का मजाक उड़ाता है, वह समाज में अपनी इज्जत खो बैठता है. सच्ची सुंदरता इंसान के स्वभाव, उसके अच्छे व्यवहार और उसके विचारों में होती है. बाहरी रूप का घमंड करने वाले लोग अक्सर वक्त बीतने के साथ अकेले रह जाते हैं.

कभी न करें ज्ञान और बुद्धि का घमंड

आचार्य चाणक्य बताते हैं कि ज्ञान का मकसद इंसान को हमेशा समझदार और विनम्र बनाना होता है, न कि अहंकारी. लेकिन कुछ लोग थोड़ा सा ज्ञान या शिक्षा पाकर खुद को सबकुछ जानने वाला समझने लगते हैं. वे दूसरों की राय का सम्मान करना बंद कर देते हैं और खुद को सबसे ऊपर मानते हैं. चाणक्य कहते हैं कि ज्ञान का घमंड करने वाले व्यक्ति की मेंटल ग्रोथ रुक जाती है. इस तरह का व्यक्ति नई चीजें सीखना बंद कर देता है, जिससे उसकी बुद्धि का पतन होने लगता है. आपको हमेशा अपने दिमाग में यह बात रखनी होगी कि ज्ञान बांटने से बढ़ता है, घमंड करने से नहीं.

बर्बादी लाता है पद और ऊंचे ओहदे का घमंड

आचार्य चाणक्य कहते है कि जब किसी व्यक्ति को समाज या नौकरी में कोई बड़ा पद या अधिकार मिल जाता है, तो कई बार उसका व्यवहार बदल जाता है. वह अपने नीचे काम करने वाले लोगों को प्रताड़ित करने लगता है. चाणक्य के अनुसार, कुर्सी या पद हमेशा किसी एक व्यक्ति के पास ही नहीं रहता है. आज जो अधिकार आपके पास है, कल वह किसी और के पास भी हो सकता है. जो लोग अपने ऊंचे पद का घमंड करके दूसरों का दिल दुखाते हैं, पद हटते ही समाज में उनका कोई सम्मान नहीं करता.

शक्ति और ताकत का घमंड भी बेकार

चाणक्य नीति के अनुसार शारीरिक शक्ति या सत्ता की ताकत का घमंड भी इंसान को पूरी तरह बर्बाद कर देता है. आचार्य चाणक्य की मानें तो, जो व्यक्ति अपनी ताकत के नशे में चूर होकर कमजोर और बेबस लोगों पर अत्याचार करता है, उसका अंत बहुत ही ज्यादा बुरा होता है. उनके अनुसार बड़े से बड़े और शक्तिशाली से शक्तिशाली राजाओं का साम्राज्य भी उनके घमंड के कारण मिट्टी में मिल जाता है. ताकत का सही इस्तेमाल दूसरों की रक्षा करने में है, उन्हें डराने या सताने में नहीं.

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Saurabh Poddar

लेखक के बारे में

By Saurabh Poddar

सौरभ पोद्दार एक लाइफस्टाइल जर्नलिस्ट हैं और पिछले 4 सालों से डिजिटल मीडिया में एक्टिव हैं. उन्होंने रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है. फिलहाल, सौरभ 'प्रभात खबर' के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहे हैं. सौरभ को उन विषयों पर लिखना सबसे ज्यादा पसंद है, जो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं. उनके आर्टिकल्स में आपको हेल्थ, फिटनेस, स्किन-हेयर केयर, पेरेंटिंग, हेल्दी रेसिपीज, घरेलू नुस्खे, रिलेशनशिप और वास्तु शास्त्र जैसी उपयोगी जानकारियां मिलेंगी. फिटनेस और अच्छी सेहत सौरभ की निजी जिंदगी का भी अहम हिस्सा हैं. वे जिन विषयों पर लिखते हैं, उन्हें अपनी रूटीन में फॉलो भी करते हैं. उनका मानना है कि जब आप किसी चीज को खुद एक्सपीरियंस करते हैं, तभी दूसरों तक सही और प्रैक्टिकल जानकारी पहुंचा सकते हैं. उनकी हमेशा यही कोशिश रहती है कि वे ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर बिल्कुल आसान और आम बोलचाल की भाषा में लिखें, ताकि हर पाठक उसे आसानी से समझ सके. यही वजह है कि उनके लिखे आर्टिकल्स काफी एंगेजिंग और एसईओ फ्रेंडली होते हैं.

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