गिर रहा रेलवे के पार्सल का ग्राफ, आय पर असर

Published at :16 May 2016 6:56 AM (IST)
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गिर रहा रेलवे के पार्सल का ग्राफ, आय पर असर

रेलवे . ट्रेनों का स्केल बदलने से बुकिंग पर पड़ रहा प्रभाव रेलवे यात्री किराया में वृद्धि करें या न करें, लेकिन प्राय: प्रत्येक साल माल भाड़े में इजाफा जरूर होता है. बावजूद इसके दरभंगा जंकशन के जावक माल का ग्राफ गिर रहा है. आवक माल में भी कमी आ रही है. जाहिर तौर पर […]

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रेलवे . ट्रेनों का स्केल बदलने से बुकिंग पर पड़ रहा प्रभाव

रेलवे यात्री किराया में वृद्धि करें या न करें, लेकिन प्राय: प्रत्येक साल माल भाड़े में इजाफा जरूर होता है. बावजूद इसके दरभंगा जंकशन के जावक माल का ग्राफ गिर रहा है. आवक माल में भी कमी आ रही है. जाहिर तौर पर इसका असर रेलवे की आय पर पड़ रहा है.
दरभंगा : रेलवे के राजस्व में प्रमुख भूमिका निभानेवाले पार्सल का ग्राफ गिर रहा है. साल-दर-साल इसमें कमी आ रही है. इसका सीधा असर दरभंगा जंकशन की आय पर पड़ रहा है. आवक से अधिक असर जावक पार्सल पर देखने को मिल रहा है. यानि यहां से बाहर के लिये सामान बुक करानेवालों की संख्या मंे कमी आती जा रही है. आमदनी का ग्राफ उस स्थिति में गिर रहा है, जब रेलवे ने अपने माल भाड़ा मंे वृद्धि कर दी है. किराया में इजाफा के बाद राजस्व पर असर पड़ना सीधा संकेत दे रहा है
कि यहां बड़ी तेजी से सामान बुक करानेवालों की संख्या कम होती जा रही है. यह रेलवे के लिये चिंता का सबब बना हुआ है. वैसे इसके कई कारण हैं. कई गाड़ियों के विस्तार के साथ ही रेक बदलने से रेल खंड बंद होना प्रमुख है. वैसे ट्रेनों का स्केल परिवर्त्तन भी एक खास वजह मानी जा रही है.
जावक पार्सल में तेजी से गिरावट
बाहर से माल मंगवाने और यहां से बाहर माल भेजनेवालों से विभाग को आय होती है. वैसे तो आवक तथा जावक दोनों पार्सल का ग्राफ गिर रहा है, लेकिन जावक के ग्राफ में कुछ ज्यादा ही तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है. विभागयी आंकड़ों पर गौर करें तो यह स्पष्ट होता है. पिछले साल वर्ष 2014-15 की तुलना में विभाग को जावक माल की बुकिंग से वित्तीय वर्ष यानि 2015-16 में करीब 14 लाख के राजस्व की कम आमद हुई.
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