सामा खेले गईली हम भईया अंगनवा हे...

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 15 Nov 2015 6:43 PM

विज्ञापन

सामा खेले गईली हम भईया अंगनवा हे… फोटो::::25परिचय : सामा चकेवा.मिथिलांचल की सांस्कृतिक पहचान का अनोखा पर्व है सामा चकेवा कमतौल. छठ के खरना और कहीं-कहीं पारण के दिन से मिथिलांचल क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान के एक अनोखे पर्व सामा चकेवा का आगाज हो जाता है़ शाम ढलते ही गांव की सड़कों पर लोकगीत ‘सामा […]

विज्ञापन

सामा खेले गईली हम भईया अंगनवा हे… फोटो::::25परिचय : सामा चकेवा.मिथिलांचल की सांस्कृतिक पहचान का अनोखा पर्व है सामा चकेवा कमतौल. छठ के खरना और कहीं-कहीं पारण के दिन से मिथिलांचल क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान के एक अनोखे पर्व सामा चकेवा का आगाज हो जाता है़ शाम ढलते ही गांव की सड़कों पर लोकगीत ‘सामा खेलबई है… के स्वर सुनाई देेने लगता है. ग्लोबलाइजेशन के इस दौर में भले ही पाश्चात्य संस्कृति के आक्रमण से देश-गांव अछूता नहीं है, फिर भी लोकआस्था और लोकाचार की प्राचीन परंपरा से जुड़े भाई-बहन के बीच स्नेह का लोकपर्व सामा-चकेवा मिथिलांचल में आज भी काफी हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है़सामा-चकेवा के पौराणिक गीतों के बोल सामूहिक रूप से मिथिलांचल की परंपरा को जीवंतता प्रदान करते हैं. कार्तिक शुक्ल सप्तमी को छठ गीत के थमते ही, शाम होते ही गांव सामा-चकेवा के गीतों से गुलजार हो जाती है़ चूल्हा-चौका के बाद गांव की लड़कियां रात में दरवाजे, सार्वजनिक स्थानों पर जुटकर सामा-चकेवा के गीत शुरू कर देती हैं. इस दौरान विवाहित महिलाओं द्वारा जट-जटिन का खेल भी खेला जाता है़ जहां सभी लड़कियां पारंपरिक वेशभूषा में दीया, लालटेन के प्रकाश में नाचती गाती रहती है़ कार्तिक शुक्ल सप्तमी से पूर्णिमा तक चलने वाले इस नौ दिवसीय लोकपर्व में भाई-बहन के सात्विक स्नेह की गंगा-यमुना निरंतर प्रवाहित होती रहती है़ भाई-बहन के सात्विक प्रेम के बीच दरार डालने वाले चुगला-चुगली को सामा खेलने के दौरान जलाने की पुरानी परंपरा है. चुगला-चुगली तो प्रतीक मात्र हैं ‘असल उद्देश्य तो सामाजिक बुराई का नाश’ करना है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन