वैज्ञानिक तरीके से रबी की खेती कर अधिक मुनाफा लें किसान
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 14 Nov 2015 8:20 PM
वैज्ञानिक तरीके से रबी की खेती कर अधिक मुनाफा लें किसान खेती के वैज्ञानिक तरीके को पहुंचायें पंचायत स्तर पर प्रमंडल स्तरीय कार्यशाला में वैज्ञानिकों ने बताये गुर कम उपलब्धि वाले प्रखंडों बिरौल, अलीनगर, कुशेश्वरस्थान पश्चिमी एवं पूर्वी, सिंहवाड़ा, हायाघाट के बीएओ पर होगी कार्रवाई फोटो- 19परिचय- प्रमंडल स्तरीय रबी कार्यशाला में उपस्थित प्रमंडलीय आयुक्त […]
वैज्ञानिक तरीके से रबी की खेती कर अधिक मुनाफा लें किसान खेती के वैज्ञानिक तरीके को पहुंचायें पंचायत स्तर पर प्रमंडल स्तरीय कार्यशाला में वैज्ञानिकों ने बताये गुर कम उपलब्धि वाले प्रखंडों बिरौल, अलीनगर, कुशेश्वरस्थान पश्चिमी एवं पूर्वी, सिंहवाड़ा, हायाघाट के बीएओ पर होगी कार्रवाई फोटो- 19परिचय- प्रमंडल स्तरीय रबी कार्यशाला में उपस्थित प्रमंडलीय आयुक्त आरके खंडेलवाल, संयुक्त कृषि निदेशक व उपस्थित अन्य.दरभंगा. राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने शनिवार को प्रमंडलीय आयुक्त के सभागार में तीनों जिले के कृषि पदाधिकारियों को वैज्ञानिक तरीके से रबी फसल की बुआई करने और मिट्टी की जांच कराने की अनिवार्यता की जानकारी दी. कहा कि वैज्ञानिक तरीके से खेती कर किसान अधिक मुनाफा कमा सकते हैं. इन बातों को हमें किसानों तक पहुंचाना होगा. यह हमारी जिम्मेवारी है. कार्यशाला का उद्घाटन प्रमंडलीय आयुक्त आरके खंडेलवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया. इस मौके पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि किसानों को सरकार की विभिन्न कृषि लाभकारी योजनाओं की जानकारी ससमय देकर हम उन्हें लाभ पहुंचा सकते हैं. वैज्ञानिकों के बताये तरीकों से खेती कर किसान अच्छी पैदावार के साथ साथ अच्छी आमदनी भी ले सकते हैं. रबी अभियान को लेकर आयोजित प्रमंडल स्तरीय कार्यशाला में तीनों जिला के डीएम, डीडीसी, कृषि पदाधिकारियों को वैज्ञानिकों ने श्रीविधि से गेहूं की खेती करने के लिए किसानों को प्रेरित करने का आह्वान किया साथ ही जीरो टीलेज एवं सी ड्रिल से खेती के महत्व को विस्तारपूर्वक समझाया. वैज्ञानिकों ने दलहन के उत्पादन में मिट्टी जांच की अनिवार्यता को प्रोजेक्टर के माध्यम से दर्शाते हुए जैविक खेती को भी अपनाने का सुझाव दिया. कार्यशाला में खरपतवार नियंत्रण पर व्याख्यान देते हुए वैज्ञानिकों ने कहा कि किसानों को हेल्थ कार्ड देना अनिवार्य कर दिया गया है. इसके लिए हमें मिट्टी जांच के नमूनों को अधिक से अधिक मात्रा में लैब तक पहुंचाना होगा. कार्यशाला में प्रमंडलीय संयुक्त निदेशक कहा कि मिट्टी जांच में दरभंगा जिला बहुत पीछे है. अबतक मात्र 5 हजार मिट्टी के नमूने जांच के लिए लैब में लाये गये हैं. जबकि निर्धारित लक्ष्य 16 हजार का था. उन्होंने कम उपलब्धि वाले प्रखंडों बिरौल, अलीनगर, कुशेश्वरस्थान पश्चिमी एवं पूर्वी, सिंहवाड़ा, हायाघाट के बीएओ पर कार्रवाई करने की बात कही. उन्होंने दरभंगा सदर प्रखंड से प्राप्त नमूने का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां बेहतर कार्य हुआ है. कार्यशाला में उपस्थित आत्मा के प्रभारी निदेशक पूर्णेंदु कुमार ने कहा कि मिट्टी जांच की अनिवार्यता को देखते हुए इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि यह भारत सरकार की योजना है. किसानों को हेल्थ कार्ड दिया जाना है. कार्यशाला में समस्तीपुर, मधुबनी एवं दरभंगा के डीएम, डीडीसी, जिला कृषि पदाधिकारी सहित स्थानीय प्रखंडों के पदाधिकारी मौजूद थे. कार्यशालान में बताया गया कि जिलास्तर पर 16 नवंबर को तथा प्रखंडों में 20 नवंबर से किसानों को चरणवार प्रशिक्षण दिया जायेगा. रबी अभियान 20 नवंबर से 24 नवंबर तक चलाने का निर्देश है.
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