ePaper

बिहार में दाखिल-खारिज अब नये तरीके से होगा, जमीन माफियाओं पर नकेल कसने की सरकार ने की तैयारी

Updated at : 22 Jun 2024 8:13 AM (IST)
विज्ञापन
बिहार में दाखिल-खारिज अब नये तरीके से होगा, जमीन माफियाओं पर नकेल कसने की सरकार ने की तैयारी

बिहार में दाखिल-खारिज अब नये तरीके से होगा. जमीन माफियाओं पर नकेल कसने की तैयारी सरकार ने शुरू कर दी है.

विज्ञापन

बिहार में दाखिल-खारिज अब नये तरीके से होगा. 20 साल पहले के केवाला की जांच एडीएम से करने के बाद ही उस केवाला के आधार पर दाखिल- खारिज या जमाबंदी कायम किया जायेगा. यह नयी व्यवस्था राज्य में नकली केवाला के आधार पर दाखिल- खारिज रोकने के लिए की गयी है. इसके तहत केवाला को इससे पहले राजस्व विभाग के किसी सिस्टम में यदि नहीं लाया गया हो तभी एडीएम से जांच होगी. यह जानकारी शुक्रवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने अपने विभागीय सभाकक्ष में संवाददाता सम्मेलन में दी.

कामकाज में भ्रष्टाचार की यहां करें शिकायत..

इसके साथ ही अंचल कार्यालयों सहित विभागीय कामकाज में भ्रष्टाचार के किसी भी मामले की सूचना या शिकायत के लिए उन्होंने आम लोगों से अपील की है. इसके लिए लोग विभाग के अपर मुख्य सचिव या मंत्री के इ-मेल आइडी revenueminister.bihar@gmail.com पर सीधे शिकायत कर सकते हैं.

अनियमितता मामले मे तीन दर्जन सीओ पर हुई है कार्रवाई : मंत्री

इस दौरान मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि काम में अनियमितता मामले में फिलहाल करीब तीन दर्जन अंचल अधिकारियों पर कार्रवाई की गयी है. मैं इस कुर्सी पर दाग नहीं लगने दूंगा, मैं किसी भी भ्रष्टाचारी कर्मचारी और अधिकारी पर हर हाल में कार्रवाई होगी. उन्होंने बताया कि नकली केवाला का एक रैकेट करीब तीन साल से राज्य में सक्रिय है. इससे जुड़े लोग 20-30 लाख रुपये लेकर 100 साल पहले का केवाला तैयार कर देते हैं. उस बारे में निबंधन कार्यालय बताता है कि इसका रिकॉर्ड नहीं है. हालांकि, उस केवाला के नंबर वगैरह की जानकारी दिखती है, लेकिन रैयत का पूरा विवरण नहीं दिखता. ऐसे में माफिया नकली केवाला में जमीन मालिक का नाम बदल देते हैं.

ALSO READ: सोशल मीडिया पर बिहार के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के खिलाफ अनाप-शनाप लिखना पड़ा भारी, केस दर्ज

जमीन के लिए हत्या का दौर थमेगा

मंत्री ने कहा कि ऐसे करीब एक दर्जन मामले पूर्णिया सहित कई जिलों में आये और नकली केवाला पकड़ा गया है. ऐसे ही मामले में हाल ही में रूपौली विधानसभा में गोपाल यादुका का कत्ल हुआ. ऐसे में नयी व्यवस्था से जमीन माफियाओं द्वारा हत्या के दौर पर लगाम लगेगा.

न्यायिक प्रक्रिया में सुधार के लिए पोर्टल मददगार

मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि विभाग ने न्यायिक प्रक्रिया में सुधार के लिए एक पोर्टल लांच किया है. इसमें अंचल अधिकारी, भूमि सुधार उपसमाहर्ता और अपर समाहर्ता द्वारा प्रत्येक सुनवाई दी जायेगी. साथ ही अंतिम सुनवाई के दिन ही शाम तक आदेश पारित कर पोर्टल पर डालना होगा. मामले का निराकरण अधिकतम 90 दिन में करना होगा. आवेदक को सुने बिना आवेदन खारिज नहीं करेंगे, उसका जिक्र पोर्टल पर अनिवार्य रूप से करेंगे. साथ ही डीएम और कमिश्नर भी मामलों की नियमित समीक्षा करेंगे. विभाग में अब जमाबंदी सहित अन्य सुधार के लिए परिमार्जन प्लस पोर्टल शुरू किया गया है. साथ ही ई-मापी की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की गई है. सरकारी जमीन की दाखिल खारिज के लिए भी नया पोर्टल शुरू किया गया है.

राजस्व कर्मचारियों का तबादला

शहरी क्षेत्रों में दो वर्ष से पदस्थापित राजस्व कर्मचारियों का ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थापन किया जायेगा. वहीं पांच साल से अधिक समय से एक ही जगह पदस्थापित राजस्व कर्मचारियों के तबादले का सभी डीएम को निर्देश दिया गया था. करीब 18 जिलों ने यह कार्रवाई कर रिपोर्ट दी है. अन्य जगह कार्रवाई हो रही है. इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगा.

विज्ञापन
ThakurShaktilochan Sandilya

लेखक के बारे में

By ThakurShaktilochan Sandilya

डिजिटल मीडिया का पत्रकार. प्रभात खबर डिजिटल की टीम में बिहार से जुड़ी खबरों पर काम करता हूं. प्रभात खबर में सफर की शुरुआत 2020 में हुई. कंटेंट राइटिंग और रिपोर्टिंग दोनों क्षेत्र में अपनी सेवा देता हूं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन