वैक्सीन नहीं लेने वाले भी दे सकेंगे मैट्रिक और इंटर की परीक्षा, आंगनबाड़ी नेटवर्क से पूरा होगा वैक्सीनेशन

शिक्षा विभाग और समाज कल्याण विभाग के सहयोग से किशोर-किशोरियों का टीकाकरण किया जायेगा. कोई भी परीक्षार्थी टीका नहीं लेने के कारण परीक्षा से वंचित नहीं होगा.
बिहार के 83 लाख किशोर-किशोरियों को 26 दिसंबर तक शत प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य हासिल नहीं होने से स्वास्थ्य विभाग ने रणनीति में बदलाव किया है. स्कूलों के बंद होने और मैट्रिक व इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं के सेंटअप होने के कारण यह लक्ष्य निर्धारित समय सीमा में पूरा नहीं किया गया है. राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह ने बताया कि स्कूलों के बंद होने के कारण अब शिक्षा विभाग और समाज कल्याण विभाग के सहयोग से किशोर-किशोरियों का टीकाकरण किया जायेगा. उन्होंने बताया कि कोई भी परीक्षार्थी टीका नहीं लेने के कारण परीक्षा से वंचित नहीं होगा. परीक्षा देने में कोरोना टीका बाधक नहीं है.
स्वास्थ्य विभाग ने फरवरी में मैट्रिक व इंटरमीडिएट की परीक्षाओं को देखते हुए 15-18 आयु वर्ग के सभी 83.46 लाख किशोरों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया था. यह कार्य 26 जनवरी तक पूरा होना था. निर्धारित लक्ष्य के एक दिन पहले तक राज्य में सिर्फ करीब 38 लाख टीकाकरण ही हुआ है. संजय कुमार सिंह ने बताया कि अगले महीने से संभावित मैट्रिक-इंटर की परीक्षा के मद्देनजर शत प्रतिशत किशोरों को टीका देने का लक्ष्य था.
इस लक्ष्य को हासिल करने में सबसे बड़ी बाधा स्कूलों की बंदी के कारण हुई है. कोविड की तीसरी लहर की वजह से प्रदेश के स्कूलों के साथ 10-12 वीं तक के स्कूल भी बंद हैं. अब विभाग ने किशोर टीकाकरण में आंगनबाड़ी नेटवर्क की मदद लेने का फैसला किया है. आंगनबाड़ी सेविकाएं किशोरों के टीकाकरण के लिए उनके घर तक जायेंगी. इस दौरान वे 60 से अधिक आयु वाले बीमार बुजुर्गों की पहचान भी करेंगी.
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने 2022 में भी विशेष परीक्षा का आयोजन करेगा. इंटर व मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2022 में शामिल होने से वंचित स्टूडेंट्स को एक और मौका दिया जायेगा. बोर्ड ने कहा है कि जो स्टूडेंट्स विद्यालय व महाविद्यालय द्वारा आयोजित सेंटअप परीक्षा में सफल हैं, लेकिन शिक्षण संस्थान के प्रधान की लापरवाही के कारण उनका ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म नहीं भरा जा सका, जिसके कारण वे परीक्षा में सम्मिलित होने से वंचित रह गये हैं, वैसे स्टूडेंट्स के लिए छात्रहित में मैट्रिक व इंटर विशेष परीक्षा 2022 में विशेष अवसर दिया जायेगा.
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समिति द्वारा ऐसे स्टूडेंट्स के लिए विशेष परीक्षा का आयोजन अप्रैल 2022 में अथवा अधिकतम मई 2022 तक तथा उसका परीक्षाफल मई में अथवा जून 2022 तक प्रकाशित करने का लक्ष्य रखा गया है. वैसे बोर्ड कोरोना के तत्कालीन स्थिति के आलोक में आगे निर्णय लेगी. किसी भी स्टूडेंट्स को उच्चतर शिक्षा ग्रहण करने के लिए उसी सत्र में स्टूडेंट्स अपना एडमिशन करा सकें, जिससे उनके शैक्षणिक सत्र का नुकसान नहीं हो सके. ऐसे स्टूडेंट्स का मैट्रिक व इंटर परीक्षा 2022 के अनुरूप परीक्षाफल श्रेणी के साथ प्रकाशित किया जायेगा.
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By Prabhat Khabar News Desk
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