Chhath Puja: उलार सूर्य मंदिर में बढ़ी छठव्रतियों की भीड़, मन्नत पूरा होने पूरी करनी होती है अनोखी परंपरा
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 29 Oct 2022 4:42 PM
Chhath Puja की शुरुआत हो चुकी है. राजधानी पटना से 40 किलोमीटर दूर देश के 12 सूर्य मंदिरों में शामिल दुल्हीनबाजार प्रखंड स्थित उलार सूर्य मंदिर में छठ पूजा के दूसरे दिन से ही छठवर्तियों का आना शुरू हो चुका है. जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार के तरफ से भी सूर्य मंदिर में विशेष व्यवस्था की गई है.
Chhath Puja की शुरुआत हो चुकी है. राजधानी पटना से 40 किलोमीटर दूर देश के 12 सूर्य मंदिरों में शामिल दुल्हीनबाजार प्रखंड स्थित उलार सूर्य मंदिर में छठ पूजा के दूसरे दिन से ही छठवर्तियों का आना शुरू हो चुका है. कोरोना संक्रमण के कारण दो सालों के बाद इस वर्ष छठ पूजा को लेकर जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार के तरफ से भी सूर्य मंदिर में विशेष व्यवस्था की गई है. सुरक्षा को लेकर एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है. मान्यता के अनुसार व्रती मंदिर में जाने से पहले प्राचीन तालाब की परिक्रमा करते हैं. ऐसा माना जाता है कि यहां छठ करने से लोगों की मन्नत पूरी होती है. जिन लोगों की मनोकामना पूरी होती है नेटवा नाच और मुंडन कराना होता है. लोगों की भीड़ को देखते हुए पालीगंज एएसपी अवधेश सरोज, स्थानीय थानाध्यक्ष मनोज कुमार दल बल के उलार छठघाट पर मौजूद हैं.
भगवान सूर्य के पूत्र ने बनाया था ये मंदिर
शाम्ब पुराण के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण के जाम्बन्ति पुत्र राजा शाम्ब सुंदर स्त्रियों व युवतियों के साथ सरोवर में स्नान कर रहे थे. उसी समय महर्षि गर्ग सरोवर के नजदीक वाले रास्ते से कहीं जा रहे थे जिन्हें देखने के बावजूद भी राजा शाम्ब ने उनकी न तो अभिवादन किया बल्कि युवतियों से अलग तक नहीं हटे. वहीं राजा शाम्ब ने महर्षि का उपहास किया जिससे क्रोधित होकर महर्षि गर्ग ने राजा शाम्ब को कुष्ठ रोगी होने का श्राप दे दिया. घटना की जानकारी पाकर भगवान श्रीकृष्ण को बहुत दुख हुआ. उन्होंने राजा शाम्ब को इस श्राप से मुक्ति के लिए शाकद्वीप से वैद्य व सूर्य उपासक ब्राह्मणों को बुलाकर उपचार व भगवान सूर्य की उपासना करवाया. वहीं जिन नदियों व तालाबों के किनारे की मिट्टी व जल में गन्धक की मौजूदगी पायी गयी, वहां यज्ञ का आयोजन करवाया गया.
देश के 12 प्रसिद्ध सूर्य मंदिरों में शामिल है उलार
उलार सूर्य मंदिर के महंत एवं मुख्य पुजारी अवध बिहारी दास ने बताया कि देश के 12 सूर्य मंदिर में शामिल उलार सूर्य मंदिर का इतिहास काफी पुराना है. यह पौराणिक सूर्य मंदिर है. जहां अगर सच्चे मन से श्रद्धालु कुछ मांगते हैं तो उनकी मुरादे पूरी होती है. यहां पर पूजा करने के लिये देश-विदेश से भी हर साल लोग आते है. वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पालीगंज एएसपी अवधेश सरोज दीक्षित ने कहा कि पटना पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन की तरफ से उलार सूर्य मंदिर में छठ व्रतियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है. सुरक्षा को लेकर सभी जगहों पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है. सीसीटीवी के साथ निगरानी में रखा गया है.
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