एमजेके हॉस्पिटल में बंद हो गया रसोईघर

Updated at : 10 Apr 2018 5:48 AM (IST)
विज्ञापन
एमजेके हॉस्पिटल में बंद हो गया रसोईघर

बेतिया : तकरीबन 10 वर्ष पहले 26 जुलाई 2009 का दिन शायद एमजेके अस्पताल के लिए अविस्मरणीय रहा होगा. क्योंकि उस दिन तत्कालीन केंद्रीय पेट्रोलियम सचिव व मौजूदा बगहा विधायक राघव शरण पांडेय की पहल पर हॉस्पिटल में रसोईघर का निर्माण हुआ था. उद्देश्य था कि हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों के परिजनों खुद से शुद्ध […]

विज्ञापन

बेतिया : तकरीबन 10 वर्ष पहले 26 जुलाई 2009 का दिन शायद एमजेके अस्पताल के लिए अविस्मरणीय रहा होगा. क्योंकि उस दिन तत्कालीन केंद्रीय पेट्रोलियम सचिव व मौजूदा बगहा विधायक राघव शरण पांडेय की पहल पर हॉस्पिटल में रसोईघर का निर्माण हुआ था.

उद्देश्य था कि हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों के परिजनों खुद से शुद्ध भोजन बना सके और मरीज को भी खिला सके. इसके लिए बर्तन व चूल्हे की व्यवस्था भी थी. कुछ साल तक यह सुविधा मिलती रही,
लेकिन हॉस्पिटल प्रशासन की उदासीनता के चलते यह व्यवस्था कई वर्षों से बंद हो गया है. यह बेहतरीन व्यवस्था क्यों बंद है? इसको चालू करवाने में कौन सी कठिनाई सामने आ रही है? इसके लिए अस्पताल प्रशासन की क्या योजना है? यह किसी को भी पता नहीं है. जबकि तत्कालीन केंद्रीय पेट्रोलियम सचिव राघवशरण पांडेय ने हॉस्पिटल को यह नायाब तोहफा दिया था. लेकिन इसे हॉस्पिटल प्रशासन की लापरवाही कहे या फिर उपेक्षात्मक रवैया कि यह व्यवस्था बंद हो गई. इलाज कराने सदर अस्पताल पहुंचे बैरिया के रोज मियां ने बताया कि अस्पताल में खाना पकाने की कोई व्यवस्था नहीं है.
10 रुपये भुगतान पर मिलती थी सुविधा : हॉस्पिटल में बने रसोई घर में खाना पकाने के लिए मरीजों को आटा, चावल पकाने के लिए ले जाना पड़ता था. बर्तन, गैस चूल्हा आदि रसोई घर से ही मिलता था. इसके शुल्क में एक घंटा का दर 10 रुपये रखा गया था. कच्चा सामान ले जाकर मरीज के परिजन अपना खाना आराम से पका सकते थे, लेकिन बंद होने से मरीजों के परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है .
एंबुलेंस को भी ठीक से नहीं रख सका विभाग : 26 जुलाई 2009 के दिन रसोईघर के उद्घाटन के बाद अस्पताल प्रशासन को तत्कालीन पेट्रोलियम सचिव ने एक एंबुलेंस भी उपलब्ध कराई थी. गरीब मरीजों को ले जाने आने के लिए एंबुलेंस दी गई थी, लेकिन कुछ वर्षों के बाद एंबुलेंस खराब हो गई. वह एंबुलेंस अस्पताल परिसर में अभी तक लगा हुआ है, लेकिन आज तक अस्पताल प्रशासन की ओर से एंबुलेंस का मरम्मत भी नहीं कराई गई है.
उदासीनता
एमजेके हॉस्पिटल का मामला, तत्कालीन पेट्रोलियम सचिव की पहल पर हुई थी शुरुआत
बरतन व रसोई चूल्हा मुहैया कराता था हॉस्पिटल प्रशासन
कोढ़ा गिरोह का सरगना गिरफ्तार
शातिर अपराधी शिब्बू अपने सहयोगियों के साथ मिल सनसरैया के मुखिया की हत्या की बनायी थी योजना
सनसरैया पंचायत से भाई के चुनाव हारने से बौखला गया था शिब्बू, दिवाली व ताजिया के समय जानबूझ कर कराया था बवाल
शार्प शूटर जसीम व आर्म्स सप्लायर मैनुद्दीन के साथ हत्याकांड को अंजाम देने के िलए की थी बैठक
जांच
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का मामला, दो दिन बाद भी वार्डन के नहीं लौटने पर छात्राएं भी गयीं घर
शौचालय में भूत देखने को लेकर हुआ था शोर, डरी-सहमी छात्राओं
ने वार्डन से की थी शिकायत
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन