रक्सौल से काठमांडू के बीच होंगे 12 स्टेशन, 40-50 किमी में होगी सुरंग

Updated at : 11 Jun 2019 5:50 AM (IST)
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रक्सौल से काठमांडू के बीच होंगे 12 स्टेशन, 40-50 किमी में होगी सुरंग

रक्सौल : भारत सरकार ने नेपाल सरकार के विदेश मंत्रालय को रक्सौल-काठमांडू रेल परियोजना से संबंधित निर्माण पूर्व इंजीनियरिंग एवं यातायात सर्वेक्षण रिपोर्ट सौंप दी है. रक्सौल को काठमांडू से जोड़ने वाली इस परियोजना को कोंकण रेलवे काॅर्पोरेशन लिमिटेड ने आठ महीने में रिपोर्ट तैयार की है. रिपोर्ट में रेलवे नेटवर्क की कुल लंबाई, संरेखण […]

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रक्सौल : भारत सरकार ने नेपाल सरकार के विदेश मंत्रालय को रक्सौल-काठमांडू रेल परियोजना से संबंधित निर्माण पूर्व इंजीनियरिंग एवं यातायात सर्वेक्षण रिपोर्ट सौंप दी है. रक्सौल को काठमांडू से जोड़ने वाली इस परियोजना को कोंकण रेलवे काॅर्पोरेशन लिमिटेड ने आठ महीने में रिपोर्ट तैयार की है. रिपोर्ट में रेलवे नेटवर्क की कुल लंबाई, संरेखण व अन्य तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गयी है. इसमें भूमिगत सुरंग की लंबाई 40-50 किमी तक होगी.

रिपोर्ट के बाद अभी रेलवे ट्रैक के गेज को लेकर दोनों पक्षों में बातचीत जारी है. भारतीय पक्ष ने ब्रॉड गेज के आधार पर सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार की है, जबकि नेपाली तकनीशियनों का कहना है कि ब्रॉड गेज अब पुराना हो गया है. इसके बजाय मानक गेज के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाये. बलराम मिश्रा का कहना है कि हम पहले रिपोर्ट देखेंगे और डीपीआर कार्यों के बारे में फैसला करेंगे.
उन्होंने कहा कि भारत का कहना है कि डीपीआर तैयार होने और काम शुरू होने के बाद इस परियोजना को पूरा करने में कम-से-कम पांच साल लगेंगे. इसके आधार पर यह कहा जा सकता है कि सबकुछ सुचारु रूप से चलता रहा, तो रक्सौल-काठमांडू रेलवे परियोजना को अंतिम रूप देने में कम-से-कम सात साल का समय लग जायेगा.
रक्सौल-काठमांडू रेल परियोजना
भारत ने सौंपी यातायात सर्वेक्षण रिपोर्ट
काम शुरू होने के बाद निर्माण पूरा होने में लगेंगे पांच साल
वीरगंज के सूखा बंदरगाह, जीतपुर, नीजगढ़ होते हुए काठमांडू के चौभर पहुंचेगी रेल लाइन
भारत ने सौंपी यातायात सर्वेक्षण रिपोर्ट
काम शुरू होने के बाद निर्माण पूरा होने में लगेंगे पांच साल
वीरगंज के सूखा बंदरगाह, जीतपुर, नीजगढ़ होते हुए काठमांडू के चौभर पहुंचेगी रेल लाइन
200 किलोमीटर की होगी परियोजना
रिपोर्ट के अनुसार परियोजना 200 किमी की होगी. इसमें कुल 12 रेलवे स्टेशन होंगे. नेपाल रेलवे विभाग के महानिदेशक बलराम मिश्रा की माने तो रिपोर्ट विदेश मंत्रालय को एक महीने पूर्व ही मिल गयी है. इसके अनुसार रक्सौल रेलवे से नेपाल के वीरगंज में स्थित सूखा बंदरगाह तक रेलवे लाइन पूर्व से है.
नयी लाइन वीरगंज सूखा बंदरगाह से शुरू होगी और जीतपुर से होकर उत्तर की ओर डुमरवाना की ओर जायेगी. वहां से रेलवे लाइन को निजगढ़ से जोड़ा जायेगा, जहां नेपाल के दूसरे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण किया जायेगा. रिपोर्ट के अनुसार काठमांडू शहर के चौभर का शून्य बिंदु के रूप में निर्धारण हुआ है. दो अलग-अलग स्थानों पर फास्ट ट्रैक को इंटरसेप्ट किया जायेगा.
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