गंगा दशहरा के दिन ही हुआ था गंगा जी का अवतरण
Updated at : 11 Jun 2019 1:36 AM (IST)
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पीपराकोठी : गंगा दशहरा 12 जून बुधवार को मनाया जायेगा. ज्येष्ठ शुक्लपक्ष दशमी को गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाता है. इसी दिन गंगा जी का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था. इस दिन गंगा नदी में स्नान, दान एवं उपवास का विशेष महत्व है. यह दिन समस्त मांगलिक कार्यों के लिए सर्वसिद्ध मुहूर्त माना जाता […]
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पीपराकोठी : गंगा दशहरा 12 जून बुधवार को मनाया जायेगा. ज्येष्ठ शुक्लपक्ष दशमी को गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाता है. इसी दिन गंगा जी का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था. इस दिन गंगा नदी में स्नान, दान एवं उपवास का विशेष महत्व है. यह दिन समस्त मांगलिक कार्यों के लिए सर्वसिद्ध मुहूर्त माना जाता है.
वेद विद्यालय के प्राचार्य सुशील कुमार पांडेय ने कहा कि ब्रह्मपुराण के अनुसार हस्त नक्षत्र से संयुक्त ज्येष्ठ शुक्लपक्ष दशमी दश प्रकार के पापों को हरने के कारण दशहरा कहलाता है. ये दस पाप बिना अनुमति के दूसरे की वस्तु लेना, हिंसा, परस्त्री गमन, कटु बोलना, झूठ बोलना, पीछे से बुराई या चुगली करना, निष्प्रयोजन बातें करना, दूसरे की वस्तुओं को अन्यायपूर्ण ढंग से लेने का विचार करना, दूसरे के अनिष्ट का चिंतन करना तथा नास्तिक बुद्धि रखना.
बताया कि इस दिन गंगाजी या समीप की पवित्र नदी, सरोवर अथवा घर में स्नान करने के बाद गंगा के साथ नारायण, शिव, ब्रम्हा, सूर्य, राजा भगीरथ और हिमालय पर्वत का भी पूजन करना चाहिए. गंगा दशहरे को जो वस्तुएं उपयोग में ली जाये उनकी संख्या दस होनी चाहिए. पूजा में दस प्रकार के पुष्प, दशांगध धूप, दस दीपक, दस प्रकार के नैवेद्य, दस तांबूल और दस फल होने चाहिए. दक्षिणा भी दस ब्राम्हणों को देने का विधान है.
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