मां...मां, मुझे छोड़ कहां गयी, सुन पसीज रहा दिल

पांच वर्षीय अज्ञात दिव्यांग बच्ची 15दिनों से अस्पताल है भर्ती केसरिया से रेफर होकर आयी हैसदर अस्पताल मोतिहारी : …..मां, …..मां की चीत्कार से बच्ची के साथ रो रहे हैं सदर अस्पताल में भर्ती मरीज और उनके परिजन. पांच वर्षीय बच्ची 15 दिनों से सदर अस्पताल के जनरल वार्ड में अज्ञात के रूप में भर्ती […]
पांच वर्षीय अज्ञात दिव्यांग बच्ची 15दिनों से अस्पताल है भर्ती
केसरिया से रेफर होकर आयी हैसदर अस्पताल
मोतिहारी : …..मां, …..मां की चीत्कार से बच्ची के साथ रो रहे हैं सदर अस्पताल में भर्ती मरीज और उनके परिजन. पांच वर्षीय बच्ची 15 दिनों से सदर अस्पताल के जनरल वार्ड में अज्ञात के रूप में भर्ती है. एक मार्च को केसरिया स्वास्थ्य केंद्र से रेफर होकर यहां आयी. तब से उसकी देखरेखव अस्पताल की सिस्टर, दूसरे मरीज के परिजन और कैदियों की सुरक्षा में तैनात जवान कर रहे है.
दोनों पैर से दिव्यांग है. मां (माई) के सिवाय कुछ बोल नहीं पा रही है. बेड पर ही बिस्कुट, फल रखे हैं, जिसे सिस्टरर व गार्ड खिलाते हैं. बच्ची के पास के बेड वाले मरीज के परिजन लखौरा के ध्रुव सहनी कहते है कि यह बच्ची अकेला होने पर चित्कार मार कर रोती है. रोने के क्रम में मां-मां चिल्लाती है. उसे लगता है कि एक दिन मां मुझे जरूर लेने आयेगी अस्पताल.
क्योंकि नौ माह तक अपने कोख में रख जन्म के पांच साल बाद क्यों छोड़ देगी. अगर मां छोड़ भी देगी तो समाज सेवा, अनाथ, बेसहारा बच्चों की सेवा का दंभ भरनेवाले जरूर आयेंगे. अगर कोई न आया तो जन्म देनेवाले भगवान जरूर बुला लेंगे. नाम न छापने की शर्त पर अस्पताल की सिस्टर (नर्स) व ध्रुव सहनी ने कहा कि जब बच्ची मां-मां कह कर चिल्लाती है तो वार्ड के अलावा आसपास खड़े सभी लोग रोने लगते हैं और पास पहुंच इशारों में चुप कराते हैं.
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