मोतिहारी में एसबीआइ पर 17.83 करोड़ का ब्याज दंड

Updated at : 10 Jul 2017 6:52 AM (IST)
विज्ञापन
मोतिहारी में एसबीआइ पर 17.83 करोड़ का ब्याज दंड

मोतिहारी : आम लोगों को ऋण व अन्य मामलों में राशि वसूली को ले कार्रवाई करनेवाले बैंक को 183 करोड़ विलंबित राशि पर सूद अदा करने में पसीने छूट रहे हैं. ये पांच शाखाएं स्टेट बैंक की हैं. उन्हें विलंबित राशि पर 17 करोड़ 83 लाख का ब्याज देना है. ब्याज पर आपत्ति के बाद […]

विज्ञापन

मोतिहारी : आम लोगों को ऋण व अन्य मामलों में राशि वसूली को ले कार्रवाई करनेवाले बैंक को 183 करोड़ विलंबित राशि पर सूद अदा करने में पसीने छूट रहे हैं. ये पांच शाखाएं स्टेट बैंक की हैं. उन्हें विलंबित राशि पर 17 करोड़ 83 लाख का ब्याज देना है. ब्याज पर आपत्ति के बाद सीए की टीम गठित कर जांच आरंभ की गयी. इसमें कागजात नहीं देने व सहयोग नहीं करने का प्रतिवेदन सीए ने निबंधन विभाग को दिया है. मामला पांच निबंधन कार्यालयों से जुड़ा है.

मोतिहारी में एसबीआइ…
विलंबित शुल्क 2011-12 से 2015-16 तक का है. सीए की रिपोर्ट के बाद जिला अवर निबंधक सुशील सुमन ने राज्य अवर निबंधक के निर्देश के आलोक में एसबीआइ अधिकारी को हाल में ही पत्र लिखा है. इधर रक्सौल और पकड़ीदयाल निबंधन कार्यालय से जुड़े बैंकों में ट्रेजरी में विलंब से राशि जमा करने का मामला उजागर हुआ है, जिसकी जांच शुरू की गयी है.क्या है मामलानिबंधन विभाग में पक्षकारों द्वारा
दस्तावेज निबंधन के एवज में चालान से निबंधन शुल्क जमा किया जाता है. यह राशि संबंधित बैंक से जिला एसबीआइ ट्रेजरी ब्रांच में तत्काल जमा की जानी थी. लेकिन सरकार के खाते में न जमा कर बैंक ने अपने पास रख लिया. कुल राशि थी 183 करोड़. यह मामला गणना में उजागर हुआ. इसका दंड ब्याज शुल्क 17 करोड़ 83 लाख हुआ. बैंक से आपत्ति दी गयी, तो सीए से जांच आरंभ करायी गयी. सीए को जांच में सहयोग न मिलने की रिपोर्ट को निबंधन विभाग ने गंभीरता से लिया है. राशि 2011-12 से 2015-16 तक की है.
बैंक व निबंधन कार्यालय का है मामला
ढाका, छौड़ादानो, चकिया, केसरिया, अरेराज अवर निबंधन कार्यालय से जुड़ा है. इन अवर निबंधन कार्यालयों का संबंध निकटवर्ती स्टेट बैंक की शाखाओं से है. इधर, रक्सौल और पकड़ीदयाल अवर निबंधन कार्यालय से जुड़े बैंकों से विलंब राशि जमा करने का मामला उजागर हुआ है. इसकी विभागीय स्तर पर जांच की जा रही है.सीए को सहयोग न करना गंभीर मामला है. इसको ले बैंक अधिकारी को पत्र लिखा गया है. करीब 18 करोड़ दंड ब्याज शुल्क की राशि विभाग बैंकों से लेगा.
सुशील सुमन, जिला अवर निबंधक, पूर्वी चंपारण
183 करोड़ समय से ट्रेजरी ब्रांच में नहीं हुआ जमा
निबंधन विभाग ने विलंबित राशि पर मांगा सूद
बैंक की शाखाअों के छूट रहे पसीने, जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप
जिला अवर निबंधक ने बैंक
को लिखा पत्र
पांच वर्षों की है विलंबित शुल्क की राशि
रक्सौल व पकड़ीदयाल बैंक भी जांच के दायरे में
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन