80 लाख की लागत से बनेगी बांस नर्सरी

Updated at : 10 Jun 2017 9:25 AM (IST)
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80 लाख की लागत से बनेगी बांस नर्सरी

पीपराकोठी (पूचं) : स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र किसान धाम बनेगा. यहां मधुमक्खीपालन व गुड़ प्रोसेसिंग यूनिट का कार्य शुरू हो गया है. शीघ्र ही पशुओं के लिए चारा केंद्र भी बनेगा, जहां पशुओं के लिए नये किस्म का चारा मिलेगा. यह चारा 40-50 दिनों में तैयार हो जायेगा. केंद्रीय कृषि सह किसान कल्याण मंत्री राधामोहन […]

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पीपराकोठी (पूचं) : स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र किसान धाम बनेगा. यहां मधुमक्खीपालन व गुड़ प्रोसेसिंग यूनिट का कार्य शुरू हो गया है. शीघ्र ही पशुओं के लिए चारा केंद्र भी बनेगा, जहां पशुओं के लिए नये किस्म का चारा मिलेगा.
यह चारा 40-50 दिनों में तैयार हो जायेगा. केंद्रीय कृषि सह किसान कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह ने शुक्रवार को कृषि विज्ञान केंद्र पीपराकोठी में गुड़ प्रसंस्करण इकाई व मधुमक्खी पालन प्लांट के उद्घाटन के मौके पर यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि किसानों की आमदनी तब बढ़ेगी जब किसान नयी तकनीक के साथ खेती करेंगे.
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जय जवान जय विज्ञान व जय किसान का नारा दिया था. इसके लिए किसानों की आमदनी बढ़नी आवश्यक है. किसान इस पथ पर अग्रसर भी है. उन्होंने कहा कि पीपराकोठी में 80 लाख की लागत से अच्छी नस्ल की बांस की नर्सरी बनेगी. साथ ही पांच एकड़ जमीन में दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट का निर्माण होगा. यह काम दो माह के अंदर शुरू हो जायेगा. अब दिल्ली व नागपुर के बाद मोतिहारी के लोग मदर डेयरी का आइसक्रीम खायेंगे.
योग गुरु रामदेव बाबा ने कहा कि मोतिहारी में गौ अनुसंधान केंद्र खोलेंगे. इससे देशी गायों की दुग्ध उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, जो देशी गाय चार से पांच लीटर दूध देती है, वह 40 से 50 लीटर दूध देगी. चंपारण की धरती उर्वरा है. यहां बहुत संभावनाएं हैं. प्रगति किसान वह होता है जो लिंक से हट कर काम करें. मैंने योग व उद्योग किया है. मैं किसान का बेटा हूं. मैंने हल चलाया है. ऊंट गाड़ी व बैल गाड़ी चलायी है. खेतों में गोबर भी फेंका है. किसानों के दर्द व संघर्ष को अच्छी तरह समझता हूं.
बाबा रामदेव ने घोषणा की कि बिहार में जितना शहद उत्पादन होगा, उसे पतंजलि खरीदेगी. मंच पर लीची खाने के बाद कहा लीची के शहद का बहुत डिमांड है. वे लीची से जूस निकालने वाली यूनिट भी चंपारण में लगायेंगे. योग गुरु ने किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए किसानों को बंगलोर का पौधा लगाने की बात कहीं.
किसानों को रासायनिक खाद के बदले खेतों में गोबर व गौ मूत्र देने की बात कहीं. पहली बार योग के अच्छे दिन आये हैं. नियत, नेतृत्व व नीति अच्छी हो, तो देश आगे बढ़ेगा. कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा वेद आत्मवेद है. उन्होंने कहा कि पतंजलि चरणबद्ध तरीके से काम करता है. सरकार सहयोग करें तो अच्छी बात है, पर असहयोग करें तो बड़ी बात है.
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