पटना में प्रतिदिन कट रहा 10 लाख का चालान, ट्रैफिक नियम तोड़नेवालों से एक साल में सरकार ने वसूले 45 करोड़

Published at :23 Jan 2024 7:22 PM (IST)
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पटना में प्रतिदिन कट रहा 10 लाख का चालान, ट्रैफिक नियम तोड़नेवालों से एक साल में सरकार ने वसूले 45 करोड़

आइसीसीसी के कैमरे, एचएचडी मशीन और इंटरसेप्टर वाहन से चालान काटे जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद पटनावासी ट्रैफिक नियमों को तोड़ने से बाज नहीं आ रहे हैं. इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि पिछले साल पटना में 358238 वाहन चालकों का 45,65,38,300 रुपये का चालान काटा गया.

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शुभम कुमार, पटना. ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है. आइसीसीसी के कैमरे, एचएचडी मशीन और इंटरसेप्टर वाहन से चालान काटे जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद पटनावासी ट्रैफिक नियमों को तोड़ने से बाज नहीं आ रहे हैं. इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि पिछले साल पटना में 358238 (तीन लाख अट्ठावन हजार दो सौ अड़तीस) वाहन चालकों का 45,65,38,300 (पैतालिस करोड़ पैसठ लाख अरतिस हजार तीन सौ) रुपये का चालान काटा गया.

कभी-कभी 20 लाख रुपये के पार जाता है चालान

इतना ही नहीं हर दिन वाहन चालकों का दस लाख रुपये से अधिक का चालान काटा जा रहा है. कभी-कभी यह आंकड़ा 20 लाख रुपये के पार हो जाता है. पटना के लोग इतने बड़े पैमाने पर अपना आर्थिक नुकसान करने के बावजूद भी बाज नहीं आ रहे हैं. हैरत की बात यह भी है कि सिर्फ हेलमेट नहीं पहनने को लेकर 2 लाख 59 हजार 949 वाहन चालकों ने 25 करोड़ 99 लाख 49 हजार रुपये जुर्माना भरा है. यह आंकड़े जनवरी 2023 से दिसंबर 2023 तक का है.

रांग साइड चलाने से बाज नहीं आ रहे चालक

पटना में ज्यादातर सड़क हादसों की वजह तेज गति और रांग साइड है. इसके बावजूद वाहन चालक इन दोनों ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन धड़ल्ले से कर रहे हैं. आंकड़ों के अनुसार पिछले साल गलत दिशा वाहन चालाने वाले 8530 वाहनों पर 4 करोड़ 35 लाख 98 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है. इसके अलावा तेज गति से वाहन चलाने वाले 17946 वाहन चालकों पर 3 करोड़ 94 लाख 2 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

नो पार्किंग कर लोगों ने चुकाये 2 करोड़ से अधिक जुर्माना

इन जुर्मानों के अलावा नो पार्किंग में वाहन लगाने वाले 36872 वाहन चालकों पर 2 करोड़ 26 लाख 95 सौ रुपये का जुर्माना लगाया गया है. सिट बेल्ट नहीं लगाने 5507 वाहन चालकों पर 55 लाख 7 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया. वाहन चलाते समय मोबाईल फोन का उपयोग करने वाले 322 वाहन चालकों से 16 लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है. इसके अलावा अन्य ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन करने वाले 36872 वाहन चालकों पर 2 करोड़ 26 लाख 9500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

ट्रैफिक सुधार के लिए किये गये कई बदलाव

ट्रैफिक में सुधार लाने के लिए कई सारे बदलाव किये गये हैं. सबसे पहला और समस्या उत्पन्न करने वाला मैन्युअल चालान को बंद कराया गया. इसके बाद ट्रैफिक पोस्ट पर तैनात अधिकारियों को एचएचडी मशीन दे दिया गया, जिससे वह चालान काटते हैं. आइसीसीसी के कैमरे से चालान काटना शुरू हुआ. वहीं पारदर्शिता लाने के लिए ट्रैफिक पोस्ट पर तैनात पदाधिकारियों के वर्दी पर बॉडी वॉन कैमरा लगाया गया. वहीं महिला सशक्तिकरण को बढ़ाने देने के लिए यातायात पुलिस में कुल 40.81 फीसदी महिलाओं की भागीदारी की गयी.

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छह महीने में ग्रीवांस सेल में आये 468 आवेदन

चालान संबंधित हो रही समस्या को देखते हुए ट्रैफिक एसपी ने पिछले साल जुलाई माह में ग्रीवांस सेल का गठन किया. इसमें कुल छह महीने में यानि दिसंबर तक 468 आवेदनों का निष्पादन किया गया. सबसे अधिक गलत वाहन नंबर पर चालान काटने का 310 आवेदनों का निष्पादन किया गया. इसके अलावा 40 आवेदकों का हेलमेट पहनने के बावजूद चालान काट दिया गया था, जिसे सुधार गया. वहीं 62 वैसे आवेदन आये जिसमें पगड़ी धारण किये गये वाहन चालकों का चालान कट गया. आवेदन के बाद उसका निष्पादन किया गया. साथ ही साथ 56 ऐसी शिकायतों का निष्पादन किया गया, जिसमें दूसरे किसी का नंबर लगाया गया है. वहीं सात आवेदनों को ग्रीवांस सेल ने रिजेक्ट भी किया है.

पिछले साल 220 लोगों की हुई मौत, मई में 26

पिछले साल 375 सड़क हादसों में कुल 220 लोगों ने अपनी जान गवायी और 193 लोग जख्मी हो गये. सबसे अधिक मई में 26 लोगों की मौत हुई है. ट्रैफिक एसपी के जारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी में 24 हादसों में 13 मरे और 11 घायल, फरवरी में 25 हादसों में 17 मरे और 07 घायल, मार्च में 36 हादसों में 22 मरे और 19 घायल, अप्रैल में 31 हादसों में 20 मरे और 15 घायल, मई में 35 हादसों में 26 मरे और 16 घायल, जून में 33 हादसों में 22 मरे और 21 घायल हुए.

जुलाई में हुई सर्वाधिक 23 मौतें

इसी प्रकार जुलाई में 35 हादसों में 23 मरे और 20 घायल, अगस्त में 37 सड़क हादसों में 16 की मौत और 25 घायल, सितंबर में 31 सड़क हादसों में 17 लोगों की मौत और 16 घायल, अक्तूबर में 23 सड़क हादसों में 10 लोगों की मौत हुई और 14 लोग घायल, नवंबर में 33 सड़क हादसों में 19 लोगों की मौत हुई और 15 घायल, दिसंबर में 32 सड़क हादसे हुए, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गयी और 14 लोग जख्मी हो गये.

ट्रैफिक सुधार के लिए चलाये जा रही योजना

ट्रैफिक पुलिस लोगों को जागरूक और समस्याओं को सुनने के लिए फेसबुक लाइव पर आ रहे हैं. यहां लोगों की समस्या और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार लेने के लिए बातचीत करते हैं. यही नहीं समय-समय पर खुद अधिकारी अवेयरनेस चलाये जा रहे हैं. इसके अलावा चौक-चौराहों पर लगाये गये टीवी स्क्रीन पर ट्रैफिक नियमों से संबंधित मैसेज दिया जा रहा है. वहीं जल्द ही जीपीएस मैप ट्रैकिंग के माध्यम से जाम की समस्याओं का निबटारा किया जायेगा.

ट्रैफिक पुलिस के पास ये वाहन

  • – क्रेन: 11

  • – इंटरसेप्टर वाहनः 04

  • – बॉडी वॉन कैमराः कुल उपलब्ध -115

  • – सबसे सड़क हादसों वाले प्वाइंट: अटल पथ, एम्स एलिवेटेड, मरीन ड्राइव, बेली रोड फ्लाइओवर और बाइपास जगनपुरा मोड़.

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