जिले की 43 जगहों पर जलापूर्ति के लिए बनीं पानी टंकियां बंद

Updated at : 07 Jun 2024 9:37 PM (IST)
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जिले की 43 जगहों पर जलापूर्ति के लिए बनीं पानी टंकियां बंद

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के महत्वाकांक्षी योजना नल जल का हाल बक्सर जिले में बेहद खराब है. जिले के तमाम जगहों पर बंद पड़े पानी टंकी की मरम्मत के नाम पर तकरीबन दो करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए

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बक्सर. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के महत्वाकांक्षी योजना नल जल का हाल बक्सर जिले में बेहद खराब है. जिले के तमाम जगहों पर बंद पड़े पानी टंकी की मरम्मत के नाम पर तकरीबन दो करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए. बावजूद इसके नल जल की टंकी से अभी तक हजारों घरों में शुद्ध पानी नहीं पहुंच रहा है. इधर लगातार बढ़ रही गर्मी से पंचायत के लोगों का हलक सूख रहा है. पानी को लेकर हाहाकार मचा है. मगर शासन-प्रशासन का ध्यान इस तरफ नहीं के बराबर है. बताया जाता है कि बक्सर जिले में पीएचइडी विभाग को पंचायती राज विभाग ने दस माह पहले नल जल योजना के तहत कुल 1154 पानी टंकी की जिम्मेवारी पीएचडी विभाग को सौंप था. उसमें से कुछ जगहों पर अधूरा पड़े कामों को पूरा करने का दायित्व भी शामिल था. इसे चालू कराने के लिए विभाग ने दो करोड़ रुपये भी खर्च कर दिया. मगर मरम्मत के नाम खर्च की गयी राशि के बाद भी 43 जगहों पर नल-जल योजना का लाभ विभिन्न पंचायतों में नहीं मिल रहा है. जबकि मुख्यमंत्री की इस अतिमहत्वपूर्ण योजना नल जल की शुरुआत 2016 में की गयी. जिले में करोड़ों रुपये की लागत से बने नल जल योजना का काम भी सरकारी आंकड़ों में पूरा कर लिया गया है. यह अलग बात है कि इस योजना का लाभ अभी तक विभिन्न पंचायतों में तमाम वार्डवासियों की नहीं मिल रहा है, लिहाजा शुद्ध पेयजल के लिए लोग तरस रहे हैं. पीएचइडी के कार्यपालक अभियंता कुमार अरुप ने बताया की 10 माह पहले यह योजना हमारे विभाग को पंचायती राज विभाग ने सौंपा है. पर जो छोटे मोटे कारण है, जैसे बिजली बिल बकाया या छोटे लीकेज, ऑपरेटर का मानदेय भुगतान नहीं होने के कारण नल जल बंद पड़ा था. उसे चालू करा दिया गया है. बाकी बंद पडे 43 जगहों पर नल जल को दुरुस्त करने को लेकर कवायद जारी है. बंद पड़े नल जल को एक माह में चालू करने का प्रयास विभाग के द्वारा किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि बंद पड़े नल जल योजना जो पंचायती राज विभाग के द्वारा विभिन्न वार्डों में कराया गया है. जबकि बहुत सारे नल जल का तो मोटर ही जल गया है. कई जगह पर तो बोरिंग ही फेल हो चुकी है. लेकिन सभी जगह पर विभाग प्रयास कर रहा है कि जल्दी चालू कर दिया जाये. जिले के 2200 वार्ड में पीएचडी विभाग करता है पानी का सप्लाई पीएचडी विभाग की पानी की टंकी से पानी की सप्लाई की योजना फाइल में ही चल रही है. यह हम नहीं बल्कि जिले के उमरपुर निवासी रामनिवास राय, जयप्रकाश राय, सिमरी निवासी नित्यानंद कुमार, बोकसा निवासी विजय शंकर राय, रमेश राय का कहना है कि लोक सभा चुनाव में किसी भी प्रत्याशी के चुनावी घोषणा पत्र में यह शामिल नहीं था. चुनाव के दिनों में क्षेत्र में तरह तरह के विकास की दावे किए जा रहे थे, लेकिन आम जीवन जीने के लिए पानी की जलापूर्ति कराने जैसे महत्वपूर्ण योजना पर किसी भी जनप्रतिनिधि का इस पर विशेष ध्यान नहीं रहा. रिपेयरिंग के नाम पर दो करोड़ खर्च होने के बाद जिले के हर घर तक नहीं पहुंचा पानी पंचायती राज विभाग के द्वारा 10 माह पहले ही पंचायत के हर वार्ड में बनाया गया 1154 हर घर नल जल योजना के तहत बनाई गई टंकी को पीएचइडी विभाग को ट्रांसफर किया गया था. जिसकी मरम्मत करने के लिए पीएचइडी विभाग के द्वारा दो करोड़ रुपये मरम्मत के नाम पर खर्च करने के बाद भी 43 योजना बंद पडी है. शासन-प्रशासन को इसकी सूध नही हैं. विभागीय डाटा के अनुसार तो जिले में 43 ही पानी टंकी से जलापूर्ति बंद है लेकिन जमीन पर सौ से अधिक छोटे मोटे कारणों से बंद पड़ा हैं. क्या कहते हैं कार्यपालक अभियंता पीएचइडी पंचायती राज्य विभाग के द्वारा ट्रांसफर होने के दो माह बाद विभागीय गाइडलाइन मिला. पहले फेज में 96 लाख रुपये का आवंटन हुआ था जिससे बिजली बिल बकाया का भुगतान किया गया था. पुनः कुछ दिन बाद एक करोड़ चार लाख रुपये विभाग को आवंटन हुआ जिससे रिपेयरिंग का काम कराया गया. शेष बचे 43 जगहों पर बने पानी टंकी का भी काम इस माह तक पूरा करा लिया जाएगा. कुमार अरुप, कार्यपालक अभियंता बक्सर, पीएचइडी

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