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Bihar News: बिहार को मिलेगी पहली फिनटेक सिटी, 409 करोड़ की लागत से फतुहा में खुलेगा नेशनल–इंटरनेशनल दफ्तरों का हब

Bihar News: अब बिहार सिर्फ कृषि और परंपरागत उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा. फतुहा के जैतिया गांव से एक ऐसी शुरुआत होने जा रही है, जो राज्य को फाइनेंस और टेक्नोलॉजी के राष्ट्रीय नक्शे पर मजबूत पहचान दिला सकती है.

Bihar News: फतुहा स्थित जैतिया गांव में बिहार की पहली फिनटेक सिटी बनने का सपना तेजी से आकार ले रहा है. 408.81 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना का बुधवार को पटना के जिलाधिकारी त्यागराजन एसएम ने स्थल निरीक्षण किया.

242 एकड़ में प्रस्तावित फिनटेक सिटी और इसके ठीक सटे 105 एकड़ में बनने वाला लॉजिस्टिक पार्क बिहार के आर्थिक भविष्य के लिए बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है. इससे न सिर्फ वित्तीय समावेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राज्य के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे.

फाइनेंस और टेक्नोलॉजी का नया केंद्र बनेगा जैतिया

फिनटेक सिटी में फाइनेंस और टेक्नोलॉजी से जुड़ी स्टार्टअप कंपनियों से लेकर बड़े कॉर्पोरेट दफ्तरों तक की मौजूदगी होगी. यहां डिजिटल पेमेंट, बैंकिंग टेक्नोलॉजी, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाएगा.

जिला प्रशासन के अनुसार इसका नक्शा तैयार हो चुका है और इसे आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ विकसित किया जाएगा, ताकि बिहार निवेश के लिहाज से एक आकर्षक गंतव्य बन सके.

लॉजिस्टिक पार्क से बढ़ेगी कारोबारी रफ्तार

फिनटेक सिटी के साथ ही 105 एकड़ में प्रस्तावित लॉजिस्टिक पार्क को व्यापारिक गतिविधियों का मजबूत केंद्र बनाया जाएगा. यह पार्क ट्रांसपोर्टेशन, वेयरहाउसिंग और सप्लाई चेन मैनेजमेंट को बेहतर करेगा. इससे राज्य में उद्योगों को सुगम ढांचा मिलेगा और निवेशकों को अपने कारोबार के विस्तार के लिए बेहतर विकल्प मिलेंगे.

युवाओं के लिए खुलेगा रोजगार का बड़ा द्वार

इस परियोजना से बिहार के हजारों युवाओं को आईटी, फाइनेंस, मैनेजमेंट और टेक्निकल सेक्टर में काम करने का अवसर मिलेगा. अभी तक बड़े कॉर्पोरेट और मल्टीनेशनल कंपनियों के लिए बिहार के युवाओं को दूसरे राज्यों की ओर रुख करना पड़ता था, लेकिन फिनटेक सिटी बनने के बाद उन्हें अपने ही राज्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर का कार्य वातावरण मिल सकेगा.

जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों की चिंता

निरीक्षण के दौरान जैतिया और आसपास के गांवों के किसानों ने डीएम से मुलाकात कर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं. किसानों का कहना था कि बिना पूर्व सूचना या नोटिस दिए उनकी जमीन पर अधिग्रहण के झंडे लगा दिए गए हैं. उन्होंने मांग की कि उनकी जमीन को कृषि नहीं, बल्कि आवासीय श्रेणी में मानते हुए उचित मुआवजा दिया जाए. कुछ किसानों ने मौके पर ही विरोध जताया.

डीएम का आश्वासन, प्रक्रिया होगी पारदर्शी

किसानों की शिकायत सुनने के बाद डीएम त्यागराजन एसएम ने भरोसा दिलाया कि जमीन अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी और किसी भी किसान के साथ अन्याय नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि नियमानुसार अधिकतम और उचित मुआवजा दिया जाएगा, ताकि विकास और किसानों के हितों के बीच संतुलन बना रहे.

बदलते बिहार की नई पहचान

फिनटेक सिटी और लॉजिस्टिक पार्क का यह प्रोजेक्ट बिहार को डिजिटल इकोनॉमी से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है. यह न सिर्फ राज्य की छवि को बदलेगा, बल्कि निवेश, रोजगार और आधुनिक तकनीक के मामले में बिहार को एक नई पहचान देगा.

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Pratyush Prashant
Pratyush Prashant
कंटेंट एडिटर और तीन बार लाड़ली मीडिया अवॉर्ड विजेता. जेंडर और मीडिया विषय में पीएच.डी. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम में कार्यरत. डेवलपमेंट, ओरिजनल और राजनीतिक खबरों पर लेखन में विशेष रुचि. सामाजिक सरोकारों, मीडिया विमर्श और समकालीन राजनीति पर पैनी नजर. किताबें पढ़ना और वायलीन बजाना पसंद.

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