सीएमएस से निगरानी के बाद भी खराब पड़ी हैं सोलर स्ट्रीट लाइटें

Updated at : 19 Mar 2025 10:25 PM (IST)
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सीएमएस से निगरानी के बाद भी खराब पड़ी हैं सोलर स्ट्रीट लाइटें

जिला सूबे में सात निश्चय पार्ट 2 में लगातार कई माह से अव्वल आ रहा है. लेकिन मुख्यमंत्री के महत्वाकांक्षी योजना शहर के तरह गांवों को भी जगमग करने के लिए जिले के सभी पंचायत में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाया जा रहा है.

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बक्सर.

जिला सूबे में सात निश्चय पार्ट 2 में लगातार कई माह से अव्वल आ रहा है. लेकिन मुख्यमंत्री के महत्वाकांक्षी योजना शहर के तरह गांवों को भी जगमग करने के लिए जिले के सभी पंचायत में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाया जा रहा है. जिनको तीन फेज में बांटा गया है. पहले फेज में जिले के सभी पंचायत के एक से चार वार्ड में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाया गया है. वहीं दूसरे फेज में पांच से आठ तक के सभी वार्ड में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाया जा रहा है. तीसरे फेज में बचे सभी वार्ड सहित मुखिया के द्वारा चिह्नित 10 सार्वजनिक स्थानों पर लगाया जायेगा. तीसरे फेज में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का जिम्मा गनेश ग्रीन एजेंसी को दिया गया है. पंचायतों में सोलर स्ट्रीट लाइट की मॉनीटरिंग के लिए केंद्रीयकृत अनुश्रवण व्यवस्था (सीएमएस) बनाया गया है. ताकि इसके माध्यम से जिला से लेकर मुख्यालय सहित विभिन्न स्तरों पर दिखेगा कि सोलर लाइट कब जला, कितने दिनों से खराब है. इससे खराब सोलर लाइट की मरम्मत जल्द होगी. सोलर स्ट्रीट लाइट की स्थिति से संबंधित जानकारी वार्ड स्तर, ग्राम पंचायत स्तर, प्रखंड स्तर, जिला स्तर और सामूहिक रूप से राज्य स्तर पर एक डैशबोर्ड पर देखी जा सकेगी. जिलों और राज्य स्तर पर सीएमएस के तहत लगाये गये टीवी स्क्रीन पर आम जनता भी अपने क्षेत्र में लगे सोलर स्ट्रीट लाइट की अद्यतन स्थिति को देख सकेंगी. सोलर लाइट की मॉनिटरिंग के लिए पंचायती राज विभाग की ओर से सीएमएस व्यवस्था लागू की गयी है. लेकिन सीएमएस व्यवस्था लागू होने के बाद भी सुचारू रूप से जिले में लगाये गये सोलर स्ट्रीट लाइट ससमय से नहीं जल रहा है.

जिले में अभी तक लगायी गयी हैं 10090 स्ट्रीट लाइटें : जिले में पंचायती राज्य विभाग के द्वारा 19810 लाइट लगाने का लक्ष्य विभाग के द्वारा प्राप्त हुआ था. लेकिन खबर लिखे जाने तक विभागीय सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार 10090 लाइट लगाये गये हैं. लेकिन मेंटनेंस के अभाव में पहले फेज के 20 प्रतिशत और दूसरे फेज का 70 प्रतिशत लाइट खराब पड़ी हैं. इसके अलावा मेंटनेंस के अभाव में बहुत सारी लाइट खराब पड़ी हुई हैं. इस समस्या के कारण जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय में अंधेरा रहता है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है. इसके अलावा, खराब लाइटों के कारण सड़कों पर आपराधिक गतिविधियों का खतरा भी बढ़ जाता है. जिला प्रशासन ने इस समस्या के समाधान के लिए दो नंबर भी जारी किया गया है. 7903379428, 7486020197 जो खराब लाइटों की मरम्मत और नयी लाइट लगाने का काम करेगी. इसके अलावा प्रशासन ने स्थानीय निवासियों से भी सहयोग करने की अपील की है ताकि इस समस्या का समाधान जल्द से जल्द किया जा सके. इस प्रकार जिले में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना के तहत अभी तक केवल 10090 लाइट ही लगाये गये हैं और मेंटनेंस के अभाव में बहुत सारी लाइट खराब पड़ी हुई हैं. इसके समाधान के लिए नंबर भी जारी किया गया है.

खराब पड़ी सोलर स्ट्रीट लाइट को 72 घंटे के अंदर बनाने का है निर्देश : पंचायत में लगाये गये सोलर लाइट की मॉनीटरिंग केंद्रीयकृत अनुश्रवण प्रणाली (सीएमएस) से की जा रही है. जिसको लेकर जिला मुख्यालय में केंद्र बनाया गया है. इसके तहत पंचायतों में सोलर लाइट ऑन और ऑफ होने की जानकारी दफ्तरों में बैठकर देखी जा सकेगी. कहां लाइट खराब है, कहां नहीं जल रही है, इसे देखा जा सकेगा. अभी विभाग के अधिकारी ही इसे देख पायेंगे. बाद में इसे सभी के लिए सार्वजनिक किया जायेगा. विभागीय सूत्रों को माने तो पंचायतों में खराब सोलर लाइट को 72 घंटे के अंदर ठीक करना होगा. पहले 48 घंटे में इसे ठीक करने का समय निर्धारित था. सोलर लाइट लगाने वाली एजेंसी को पांच साल तक लाइट का मेंटेनेंस का काम करना है.

मेंटेनेंस करने वाले एजेंसी का हर पोल पर लिखना था नंबर : जिले के सभी पंचायतों में पोल पर सोलर स्ट्रीट लाइट लगाया गया है. विभागीय गाइडलाइन के अनुसार उस पोल पर मेंटेनेंस करने वाली एजेंसी का नंबर लिखना था. ताकि आम जनता भी इसका सूचना एजेंसी को दे सकें . लेकिन जब प्रभात खबर की टीम मंगलवार को रात सोलर स्ट्रीट लाइट की वास्तविकता जानने के लिए पंचायत में पहुंची तो पाया गया कि बहुत सारे लाइट 11 बजे ही बंद पाये गये. वहीं देखा गया कि जिस जगह लाइट लगाया गया है. उस पोल पर केवल वार्ड संख्या व लाइट संख्या लिखकर छोड़ दिया गया है. अगर वहीं मेंटेनेंस करने वाले एजेंसी का नंबर रहता तो आम जनता भी इसका सूचना दे सकती थी. प्रभात खबर की टीम से बातचीत करते समय चुरामनपुर मुखिया प्रतिनिधि विवेक कुमार ने बताया कि पहले फेज का तो लाइट कुछ देर रात जलता भी है लेकिन दूसरे फेज का तो बहुत सारे लाइट जलते ही नहीं जो जलता भी है वह कुछ देर के बाद ही बंद हो जाता है. इसकी सूचना हम लोग ने मौखिक रूप से व फोन के माध्यम से कई बार पंचायत सचिव व प्रखंड पंचायती राज्य पदाधिकारी को दिया है लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है. वहीं उमरपुर पंचायत के वार्ड नंबर दो 11:45 में टीम पहुंची तो पाया गया कि अधिकतर लाइट पर लाल बत्ती जल रही है.

क्या कहते हैं पदाधिकारीआपके अखबार के माध्यम जानकारी मिली है. पंचायत सचिव को निर्देश दिया गया था कि रात्रि में जांच करके रिपोर्ट दिजिए, लेकिन पंचायत सचिव के द्वारा उस समय रिपोर्ट नहीं दिया गया. संबंधित एजेंसी जो रिपेयरिंग कर रही है. उससे हम कॉल लॉग बुक है कि आप जहां पर मेंटेनेंस का काम कर रहे हैं. शिकायत वाली लॉग बुक की भी मांग की है. जैसे ही मेरे पास लाइट नहीं जलने की सूचना आती है. वैसे ही हम संबंधित एजेंसी को भेज देते हैं. उसका निगरानी भी करते हैं कि जो कंप्लेंट आया इसका मेंटेनेंस हुआ या नहीं हुआ. वहीं जो भी रिपोर्ट हम लोग लेते है, पंचायत सचिव से उसे हम लोग वरीय अधिकारी व संबंधित एजेंसी को भेज देते हैं.

ममता कुमारी, प्रखंड पंचायती राज्य पदाधिकारी, सदर

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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