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ईसापुर खीरी पथ पर जगह-जगह बन गये हैं गड्ढे, हादसे की आशंका

Updated at : 10 Nov 2024 9:33 PM (IST)
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ईसापुर खीरी पथ पर जगह-जगह बन गये हैं गड्ढे, हादसे की आशंका

थाना क्षेत्र के ईसापुर खीरी मुख्य पथ पर जगह-जगह गड्ढा बन गया है. गड्ढों में कहीं-कहीं पानी भर जाने से गंभीर समस्या हो गयी है.

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राजपुर.

थाना क्षेत्र के ईसापुर खीरी मुख्य पथ पर जगह-जगह गड्ढा बन गया है. गड्ढों में कहीं-कहीं पानी भर जाने से गंभीर समस्या हो गयी है. ईसापुर बाजार के पास लगभग 100 मीटर गड्ढा बन जाने से गंदा पानी का जल जमाव हो गया है. अधिक दिनों से जल जमाव होने से इस रोड पर लगभग एक से दो फुट तक गड्ढा बन गया है. जिस रास्ते से चलना मुश्किल हो गया है. दो पहिया चालक अक्सर इसमें गिरकर घायल हो जाते हैं. इस पथ के किनारे ही साप्ताहिक सब्जी बाजार लगता है. जहां हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं. जिन्हें सामान लेकर घर जाने में दिक्कत होता है. दर्जनों गांवों के साथ रोहतास एवं कैमूर जिला को जोड़ने वाले इस पथ से प्रतिदिन लोगों का आना-जाना रहता है. फिर भी इस समस्या का समाधान नहीं हो रहा है. विगत लोकसभा चुनाव के समय जगह-जगह इन गड्ढों को विभाग ने भर दिया था. पिछले एक महीने से वर्षा के बाद जल जमाव से गाड़ियों के परिचालन के बाद जगह-जगह गड्ढा बन गया है. अनजान व्यक्ति अक्सर इस गड्ढे में गिर जा रहे हैं. इस रोड पर ईसापुर बाजार, सौरी, पलिया, संगराव बाजार, ईटवा, हंकारपुर के अलावा जहां भी गांव की बस्ती है. वहां रोड पर गड्ढा बन गया है. हंकारपुर में नाला किनारे का रोड कभी भी ध्वस्त हो सकता है. पुलिया के पास मिट्टी धंसने से एक फुट गड्ढा बन गया है. कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. रोड के किनारे कही-कहीं पंचायत निधि से नाली का निर्माण भी हुआ है. फिर भी ग्रामीणों के अतिक्रमण से नाली का पानी नहीं निकल रहा है. संगराव बाजार में भी जल निकासी की समस्या का समाधान नहीं होने से अक्सर यहां बड़ा गड्ढा बन जाता है. अगर विभाग गांव के बस्ती के पास नालियों को अतिक्रमण मुक्त करा दे तो जल जमाव की समस्या नहीं होगी. पंचायतीराज व्यवस्था के तहत गांव को स्वच्छ सुंदर बनाने की कवायद की जा रही है. जिसके लिए सरकार ने पक्की नाली गली निर्माण के लिए राशि भी निर्गत किया है. ऐसे में पंचायत स्तर के भी जनप्रतिनिधियों का ध्यान इसके तरफ नहीं है. क्षेत्र के ग्रामीण विनय पांडेय,ललन पांडेय, मिथिलेश सिंह, कृष्णा राम, अनिल राम के अलावा अन्य लोगों ने बताया कि समस्या का निदान नहीं होता है, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.

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