Buxar News: डीपीओ के जांच में आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय निर्माण में मिली अनियमितता

Published by : RAVIRANJAN KUMAR SINGH Updated At : 22 Aug 2025 8:38 PM

विज्ञापन

आंगनबाड़ी केंद्रों में नये शौचालय के निर्माण के बदले पुराने शौचालय को ही दिखाने की मामला सामने आया है

विज्ञापन

बक्सर

. जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय निर्माण में अनियमितता सामनें आई है. आंगनबाड़ी केंद्रों में नये शौचालय के निर्माण के बदले पुराने शौचालय को ही दिखाने की मामला सामने आया है. वहीं पुराने को ही नया दर्शा विभाग से दी गई राशि निकासी करने की बातें सामने आई है. आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय निर्माण सरकारी एजेंसी से करना था. इस नियम को भी दरकिनार कर दिया गया है. कहीं निजी एजेंसी को टेंडर के माध्यम से कराने का मामला सामने आया है तो किसी केंद्र पर सेविका को ही निर्माण का जिम्मा दे दिया गया है. प्रति शौचालय 36 हजार रूपये खर्च किया गया है. इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों को बेहतर बनाने के उदेश्य से सक्षम आंगनबाड़ी बनाने का निर्देश सरकार से मिला है. इसको लेकर सक्षम आंगनबाड़ी केद्र बनाने के लिए प्रतिदिन 1 लाख रूपये लिमिट का प्रावधान किया गया है. इस निर्धारित राशि में भी आनियमितता पाई गई है. इस राशि के तहत पोषण वाटिका लगाने, रेन हार्वेस्टिंग करने, बाला पेटिंग कराने समेत अन्य कार्यों के लिए निर्धारित आवश्यक खर्च करना है. जिसमें बाला पेंटिंग में भी अनियमितता उजागर हुई है. बाला पेंटिंग केंद्रों द्धारा कराई जा रही है जिनकी पेंटिंग पूर्व से ही अच्छी है. जिन केंद्रो में कुछ पहले ही पेंटिंग कराई गई है. तत्काल में 65 हजार रुपये विभाग ने भेज दिया है. परंतु इसमें भी विभाग के सभी नियम व गाइड लाइन को दरकिनार कर दिया गया है. इसका खुलासा डीपीओ आईसीडीएस कवि प्रिया के द्धारा शुक्रवार को चौसा एवं 14 अगस्त को ब्रह्वपुर में जांच के दौरान हुई है. जिसकी रिपोर्ट वह अपने उच्चाधिकारियों डीएम, डीडीसी के साथ ही विभाग को प्रेषित करेंगी.

36 हजार से कराना है शौचालय का निर्माणजिले के सरकारी भवन में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों में जीर्ण शीर्ण व टूट चुके शौचालय वाले आंगनबाड़ी केंद्रो को शौचालय निर्माण को लेकर 36 हजार की राशि दी गई है. जिससे आंगनबाड़ी केंद्र में नये शौचालय का निर्माण काराया जा सके. इसके लिए सरकार की ओर से 36 हजार रुपये की राशि मुहैया कराई गई है. विभागीय जानकारी के अनुसार इसके लिए ब्रह्मपुर में सात, चौसा में 21 व डुमरांव में 10 के करीब शौचालय के लिए आंगनबाड़ी को राशि मुहैया कराया गया है. अन्य प्रखंडों में भी इस तरह के मामले है. डीपीओ ने अभी तक ब्रह्मपुर, डुमरांव व चौसा प्रखंड का जांच किया है. जिसमें यह मामला सामने आया है. जहां विभागीय नियमों को दरकिनार कर कार्य कराया गया है. जहां पूर्व से शौचालय बेहतर हालत में है उन्ही केंद्रों को राशि मुहैया कराई गई हे. निर्धारित राशि 36 हजार दिया गया है. जबकि यह राशि पूरी तरह से शौचालय खराब वाले आंगनबाड़ी को दिया जाना था. उसमें भी शौचालय का निर्माण विभाग के निर्देश के अनुसार सरकाराी एजेंसी एवं मनरेगा से कराया जाना है. डीडीसी द्धारा जिला में इस कार्य को कराने के लिए मनरेगा को चिन्हित किया था. ब्रह्मपुर में विभागीय निर्देश के विपरीत नीजी एजेंसी से कार्य करा दिया गया है. वहीं चौसा में सेविका को ही निर्माण कराने का जिम्मे दे दिया गया है.

कहती है डीपीओ आईसीडीएस

तीन प्रखंडों में जांच के दौरान काफी गड़बड़ी पाई गई है. प्रथम दृष्टया गड़बड़ी दिखाई पड़ रही है. विभागीय निर्देशों का उल्लंघन करते हुए कार्य कराया गया है. सक्षम आंगनबाड़ी एवं शौचालय के निर्माण में काफी अनियमितता दिख रही है. वहीं जांच में जो बातें सामने आई है उस रिपोर्ट को जिले के उच्चाधिकारियों को सौपी जाएगी. जिससे सामने प्रथम द़ष्टया दिख रही अनियमितता की वास्तविक रूप से जांच हो सके. कवि प्रिया डीपीओ आईसीडीएस

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RAVIRANJAN KUMAR SINGH

लेखक के बारे में

By RAVIRANJAN KUMAR SINGH

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन