मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के तहत बक्सर जिला को मिला 212 का लक्ष्य

Updated at : 22 May 2024 9:49 PM (IST)
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मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के तहत बक्सर जिला को मिला 212 का लक्ष्य

जिले में मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के तहत कुल 212 नलकूप लगाने का लक्ष्य मिला था. वित्तीय वर्ष 2023-24 में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध अभी तक विभाग को कुल 181 आवेदन किसानों को मिला. जिसमें 32 आवेदन स्वीकृत भी कर दिया गया है.

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बक्सर.

जिले में मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के तहत कुल 212 नलकूप लगाने का लक्ष्य मिला था. वित्तीय वर्ष 2023-24 में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध अभी तक विभाग को कुल 181 आवेदन किसानों को मिला. जिसमें 32 आवेदन स्वीकृत भी कर दिया गया है. शेष प्रक्रिया के अंतर्गत है. बता दें कि मुख्यमंत्री की अति महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक सात निश्चय-2 में शामिल हर खेत को पानी पहुंचाने के तहत मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना इस योजना से बंजर भूमि में भी सिंचाई कर फसल उपजाया जा सके. इस सोच के तहत यह योजना बनायी गयी थी. बंजर भूमि में खेती से किसानों की आय में भी वृद्धि होगी. इससे जिले के छोटे किसान भी सिंचाई के मामले में आत्मनिर्भर बनेंगे. मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के तहत किसानों की मदद के लिए तैयार की गयी है. योजना ऐसे क्षेत्रों में लागू होगी, जहां इस समय सिंचाई की बेहतर सुविधा नहीं है. यह योजना केवल असिंचित क्षेत्र के लिए ही निर्धारित है. असिंचित क्षेत्र के किसानों को लघु जल संसाधन विभाग निजी नलकूप लगाने में मदद करेगी.

2019 में किया गया था योजना के लिए सर्वे का काम :

वर्ष 2019 में विभाग की ओर से जिले के असिंचित क्षेत्र के वैसे लघु एवं सीमांत किसान जिनके पास न्यूनतम 40 डिसमिल भूमि उपलब्ध है, और निजी नलकूप का लाभ लेने के लिए इच्छुक है उनका सर्वे किया गया था. इस दौरान किसानों से योजना का लाभ लेने के लिए सभी जरूरी जानकारियां मांगी गयी थी. सर्वे पूरा होने के बाद स्वीकृति के लिए इसे अग्रसारित कर दिया गया था. सर्वे के पांच वर्षों के बाद स्वीकृत किसानों की सूची उनके प्लॉट संख्या के साथ विभाग को भेज दिया गया है.

जिले को मिला है 212 निजी नलकूपों का लक्ष्य :

जिले को 212 निजी नलकूपों का लक्ष्य दिया गया है. मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के तहत जिले किसानों से विभाग के वेबसाइट ऑनलाइन मांगा गया था. लेकिन विभाग के द्वारा प्रचार-प्रसार नहीं होने से जानकारी के अभाव में जिले के 181 किसानों ने आवेदन किया है. आश्चर्य की बात यह है कि जिले को मिले टारगेट से भी कम आवेदन आया है. 181 किसानों के आवेदन विभागीय कनीय अभियंता चयनित प्लॉट पर जाकर भौतिक सत्यापन करने का कार्य भी पूर्ण कर लिया है. सत्यापन के दौरान किसानों से अनुदान के लिए एलपीसी लिया गया. इसके अलावा उन्हें बताना पड़ा कि उनके प्लॉट पर पहले से कोई बोरिंग नहीं है. भौतिक सत्यापन का कार्य पूर्ण होने के बाद अब तय मानक के आधार पर चयनित किसानों को सरकार के इस योजना का समुचित लाभ मिल पायेगा.

181 आवेदन में से अब तक 32 आवेदन का स्वीकृति प्राप्त है :

मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के तहत 181 किसानों ने विभाग के वेबसाइट पर आवेदन किया है लेकिन भौतिक सत्यापन में अभी तक 32 आवेदन का स्वीकृति प्राप्त है बाकी सभी आवेदन कि जांच कि प्रकिया चल रही है. लोक सभा चुनाव को देखते हुए विभाग द्वारा स्वीकृति के लिए वेबसाइट बंद कर दिया गया. चुनाव बाद जैसे ही वेबसाइट खुलेगा वैसे ही बाकी सारे आवेदन की जांच कर विभाग के वेबसाइट पर लोड कर दिया जायेगा.

सामान्य वर्ग के किसानों को मिलेगा 50 प्रतिशत का अनुदान : इस योजना के तहत चयनित सामान्य वर्ग के किसानों को 50 प्रतिशत, पिछड़ा वर्ग के किसानों को 70 प्रतिशत और एससी एवं एसटी वर्ग के किसानों को प्रतिशत का अनुदान मिलेगा. लेकिन सभी वर्गों के किसानों को पहले अपने खर्च पर बोरिंग स्थापित करना होगा और जांच पड़ताल के बाद उन्हें अनुदान का लाभ दिया जायेगा. सरकार के इस नियम से कोई भी किसान बिना बोरिंग स्थापित किये अनुदान का लाभ नहीं ले पायेंगे.

योजना के लाभ लेने के लिए जरूरी दस्तावेज :

आवेदक बिहार राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए. इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने वाले किसान के पास अपने नाम से 40 डिसमिल भूमि होना आवश्यक है. अनुसूचित जाति के लिए न्यूनतम 16 प्रतिशत एवं अनुसूचित जनजाति के लिए एक प्रतिशत किसानों का प्रत्येक जिले में चयन किया जायेगा. अनुसूचित जनजाति के अनुपलब्ध होने पर यह एक प्रतिशत अनुसूचित जाति के लिए 16 प्रतिशत में जोड़ कर 17 प्रतिशत होगा. इनके अनुदान के लेखा की अलग व्यवस्था रखी जायेगी. इस योजना के अंतर्गत बिहार के लघु सीमांत कृषकों को प्राथमिकता दी जायेगी. आवेदक का आधार कार्ड, पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र, कृषि योग्य भूमि के कागजात, भू-धरकता प्रमाण पत्र- अद्यतन रसीद, प्लॉट पर पहले से कोई बोरिंग उपलब्ध नहीं है इसका प्रमाणपत्र, किसी अन्य संस्था से संबंधित नलकूप के लिए वित्तीय सहायता नहीं लेने का घोषणा पत्र/ शपथ पत्र, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज का दो फोटो जरूरी है.

क्या कहते हैं कार्यपालक अभियंता

योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को 4 से 6 इंच व्यास के निजी नलकूपों पर 15 से 30 मीटर गहराई के लिए अनुदान दिया जायेगा. बोरिंग के पहले और उसके बाद स्थल की अक्षांश, देशांतर सहित फोटोग्राफी कर विभाग के वेब पोर्टल पर अपलोड करना होगा या पुनः कनीय अभियंता की ओर से इसका भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट सूपूर्द किया जायेगा. उसके बाद इस योजना का लाभ मिलेगा.रंजीत कुमार, कार्यपालक अभियंता लघु सिंचाई बक्सरकिस प्रखंड से कितना आया है आवेदन और कितना हुआ है स्वीकृतप्रखंड आवेदन स्वीकृतसिमरी 3 0चक्की 0 0ब्रहमपुर 30 0चौगाईं 7 0केसठ 10 0डुमरांव 55 0बक्सर 8 4चौसा 13 5राजपुर 30 13इटाढ़ी 14 10नावानगर 11 3

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