फार्मर रजिस्ट्री में बक्सर की बड़ी उपलब्धि, समीक्षा बैठकें से पहले प्रशासन ने तेज की तैयारियां

Published by : raginisharma Updated At : 19 May 2026 11:13 AM

विज्ञापन

सांकेतिक तस्वीर

Bihar News: बिहार की महत्वाकांक्षी एग्री स्टैक योजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री में बक्सर जिले ने पूरे राज्य में तीसरा स्थान हासिल किया है. आगामी मुख्य सचिव की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पहले जिला प्रशासन ने लंबित कार्यों की समीक्षा तेज कर दी है. अब प्रखंडवार रिपोर्ट तलब की जा रही है.

विज्ञापन

Bihar News:(संतोष कांत) बिहार में कृषि व्यवस्था को डिजिटल, आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी एग्री स्टैक योजना के तहत बक्सर जिला प्रशासन तेजी से सक्रिय हो गया है. किसानों के डेटा संग्रहण, सरकारी योजनाओं के सीधे लाभ और कृषि प्रबंधन को तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से जिले में कार्यों की रफ्तार बढ़ा दी गई है. मुख्य सचिव की आगामी हाई लेवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पहले समाहरणालय सहित संबंधित विभागों में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं.

फार्मर रजिस्ट्री में बक्सर को मिला तीसरा स्थान

फार्मर रजिस्ट्री (किसानों के डिजिटल पंजीकरण) और भू-अभिलेखों के एकीकरण के कार्य में बक्सर जिले ने पूरे बिहार में तीसरा स्थान हासिल किया है. राज्य के 38 जिलों में टॉप-3 में जगह बनाना जिला प्रशासन, कृषि विभाग और राजस्व कर्मियों के समन्वित प्रयास का परिणाम बताया जा रहा है. अब मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक से पहले जिला प्रशासन के सामने इस रैंकिंग को बनाए रखने और इसे और बेहतर करने की चुनौती है. इसी को लेकर जिला स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं.

ब्लॉकवार रिपोर्ट तलब, लंबित कार्यों की समीक्षा

मुख्य सचिव की बैठक को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारियों को पूरी तैयारी के साथ उपस्थित रहने का निर्देश दिया है. सभी प्रखंडों से किसानों के पंजीकरण और संबंधित कार्यों की अद्यतन रिपोर्ट मांगी गई है. बैठक में कई बिंदुओं पर विशेष समीक्षा की जाएगी. जिसमें सभी 11 प्रखंडों में किसानों के पंजीकरण की स्थितिको देखा जाएगा. आधार आधारित सत्यापन की प्रगति, भूमि अभिलेख (जमाबंदी) का कृषि डेटा से लिंक की जानकारी ली जाएगी. इसके साथ डिजिटल किसान पहचान आईडी निर्माण की स्थिति पर भी पूरी निगरानी राखी जाएगी.

धीमी प्रगति वाले प्रखंडों पर कार्रवाई के संकेत

जिले के कुछ प्रखंडों में कार्य की गति अपेक्षाकृत धीमी बताई जा रही है. जिला प्रशासन ने ऐसे क्षेत्रों को लेकर सख्त रुख अपनाया है. स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि एग्री स्टैक योजना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है. इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. खराब प्रदर्शन करने वाले कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है और विभागीय कार्रवाई भी संभव है.

क्या है एग्री स्टैक योजना का उद्देश्य?

एग्री स्टैक योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता लाना और बिचौलियों की भूमिका को समाप्त करना है. इसके तहत किसानों का एकीकृत डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है.

इस प्रणाली के लागू होने के बाद किसानों को-

  • पीएम किसान सम्मान निधि
  • डीजल अनुदान
  • बीज एवं खाद पर सब्सिडी
  • कृषि यंत्रों पर अनुदान
  • फसल सहायता योजना

जैसी योजनाओं का लाभ सीधे बैंक खाते में मिलेगा, जिससे प्रक्रिया सरल और पारदर्शी हो जाएगी।

पंचायत स्तर पर तेज हुआ काम

लक्ष्य प्राप्त करने के लिए जिले की सभी पंचायतों में कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार और राजस्व कर्मियों के माध्यम से किसानों का पंजीकरण, आधार सत्यापन और भूमि संबंधी डेटा संग्रहण का कार्य तेजी से किया जा रहा है. आगामी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिलाधिकारी के साथ जिला कृषि पदाधिकारी, भू-अभिलेख अधिकारी, सभी अंचलाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी और तकनीकी टीम के विशेषज्ञ शामिल रहेंगे.

Also Read:जहानाबाद सदर अस्पताल में हंगामा: युवक के पोस्टमार्टम पर विवाद, डॉक्टरों से बदसलूकी के बाद इमरजेंसी सेवा प्रभावित

विज्ञापन
raginisharma

लेखक के बारे में

By raginisharma

raginisharma is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन