जहानाबाद सदर अस्पताल में हंगामा: युवक के पोस्टमार्टम पर विवाद, डॉक्टरों से बदसलूकी के बाद इमरजेंसी सेवा प्रभावित

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अस्पताल की तस्वीर

Bihar News: जहानाबाद में गोली लगने से एक युवक की मौत हो गई. जिसके बाद मृत युवक के पोस्टमार्टम को लेकर सोमवार की रात सदर अस्पताल में हंगामा होने लगा. परिजनों और डॉक्टरों के बीच विवाद बढ़ने पर इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों के साथ बदसलूकी और मारपीट की गई. जिसके बाद डॉक्टर ड्यूटी छोड़कर चले गए. रात भर सिविल सर्जन ने खुद इमरजेंसी संभाली.

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Bihar News:(संजय अनुराग) जहानाबाद में सोमवार की रात भारी हंगामा और बवाल हुआ. भेलावर थाना क्षेत्र के डेढ़सैया गांव के समीप युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई. जिसके बाद उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पतालले जाया गया. इस दौरान इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों के साथ बदसलूकी और मारपीट की घटना भी सामने आई, जिसके बाद अस्पताल की आपातकालीन सेवा पूरी तरह प्रभावित हो गई.

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पोस्टमार्टम को लेकर शुरू हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, मृत युवक के सिर में गोली लगी थी. डॉक्टरों का कहना था कि सदर अस्पताल में फॉरेंसिक विशेषज्ञ, ब्रेन कटिंग मशीन और आवश्यक संसाधनों की कमी है, जिसके कारण सिर से गोली निकालना संभव नहीं है. इसी वजह से पोस्टमार्टम पीएमसीएच पटना में कराने की सलाह दी गई. मृतक के परिजन और पुलिस प्रशासन जहानाबाद में ही पोस्टमार्टम कराने पर अड़े हुए थे. इसी बात को लेकर अस्पताल परिसर में विवाद बढ़ गया.

डॉक्टरों के साथ बदसलूकी और मारपीट

हंगामे के दौरान इमरजेंसी ड्यूटी पर मौजूद डॉ. अंबर और डॉ. कृष्ण मोहन पासवान के साथ बदसलूकी और मारपीट की गई. घटना के बाद दोनों डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी छोड़कर अस्पताल से चले गए. इसके बाद सदर अस्पताल की इमरजेंसी सेवा डॉक्टर विहीन हो गई. हालात को देखते हुए अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया.

प्रशासन पर भी दबाव बनाने का आरोप

सूत्रों के अनुसार, पुलिस प्रशासन की ओर से भी डॉक्टरों पर जहानाबाद में ही पोस्टमार्टम करने का दबाव बनाया जा रहा था. इस मामले में कोई अधिकारी खुलकर कुछ बोलने को तैयार नहीं है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सर्जन डॉ. राजेश कुमार को भी बुलाया गया. उन्होंने पोस्टमार्टम रूम में शव का निरीक्षण करने के बाद जहानाबाद में पोस्टमार्टम किए जाने की संभावना से इनकार कर दिया.

रात भर सिविल सर्जन ने संभाली इमरजेंसी

हंगामे और डॉक्टरों के ड्यूटी छोड़ने के बाद प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. विनोद कुमार सिंह ने खुद मोर्चा संभाला. उन्होंने नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्यकर्मियों को वापस बुलाकर इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का इलाज शुरू कराया. इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर पूरी रात वापस नहीं लौटे, जिसके कारण सुबह तक डॉ. विनोद कुमार सिंह ही मरीजों को देखते रहे.

सुबह चार बजे पटना भेजा गया शव

लगातार चले हंगामे और विवाद के बाद मंगलवार सुबह करीब चार बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए पीएमसीएच पटना भेजा गया. गौरतलब है कि सोमवार शाम भेलावर थाना क्षेत्र के डेढ़सैया गांव के समीप चातर गांव निवासी दीपक कुमार की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. गोली युवक के सिर में लगी थी, जिसके कारण फॉरेंसिक जांच और विशेष संसाधनों की जरूरत बताई जा रही थी.

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