फर्जी रसीद पर पैक्स ने खरीदा हजारों क्विंटल धान

Published at :03 Oct 2013 10:09 PM (IST)
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फर्जी रसीद पर पैक्स ने खरीदा हजारों क्विंटल धान

संवाददाता, बक्सर चौसा प्रखंड के बनारपुर स्थित पैक्स में फर्जी रसीद पर लाखों रुपये मूल्य का धान खरीदने का मामला प्रकाश में आया है. सीओ के जांच प्रतिवेदन स्पष्ट हो गया है कि फर्जी रसीद पर बिचौलियों के माध्यम से धान की खरीदारी पैक्स में की गयी है. सीओ ने फर्जी रसीद पर खरीदारी करने […]

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संवाददाता, बक्सर

चौसा प्रखंड के बनारपुर स्थित पैक्स में फर्जी रसीद पर लाखों रुपये मूल्य का धान खरीदने का मामला प्रकाश में आया है. सीओ के जांच प्रतिवेदन स्पष्ट हो गया है कि फर्जी रसीद पर बिचौलियों के माध्यम से धान की खरीदारी पैक्स में की गयी है. सीओ ने फर्जी रसीद पर खरीदारी करने से संबंधित प्रतिवेदन सहकारिता प्रसार पदाधिकारी को सौंप दिया है. किसानों का आरोप है कि हर वर्ष धान क्रय केंद्र खुलते जरूर हैं, लेकिन उसका लाभ किसानों से अधिक बिचौलिया पैक्स अध्यक्ष से सांठ-गांठ कर उठाते हैं. प्रखंड के बनारपुर गांव के राजेश तिवारी ने जिलाधिकारी के जनता दरबार में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि वित्तीय वर्ष 2011-12 में बनारपुर पैक्स के अध्यक्ष शिवनाथ सिंह यादव और प्रबंधक विनोद सिंह यादव के सांठ-गांठ से फर्जी रसीद के आधार पर सात हजार क्विंटल धान की खरीदारी बिचौलियों के माध्यम से की गयी. जिलाधिकारी को दिये गये आवेदन में आरोप लगाया गया है कि बनारपुर के शिव पूजन सिंह के पुत्र श्रीभगवान सिंह और रामजी सिंह ने 54 एकड़ 29 डिसमिल का रसीद देकर पैक्स को धान बेचा था, जबकि वास्तव में उनके पास मात्र 10 एकड़ भी जमीन नहीं है. इसी प्रकार बनारपुर के इंद्रदेव शर्मा के पुत्र अमर नाथ शर्मा ने 15 एकड़ 74 डिसमिल जमीन की रसीद पर पैक्स में धान की बिक्री की है, जबकि उनके पास छह एकड़ से अधिक जमीन नहीं है. बनारपुर के ही चंद्रिका सिंह के पुत्र महेंद्र सिंह ने 17 एकड़ 15 डिसमिल जमीन की रसीद पर पैक्स को धान बेचा है, जबकि उनके पास सात एकड़ से अधिक जमीन नहीं है. बनारपुर के ही हरिवंश सिंह के पुत्र राम नारायण सिंह ने नौ एकड़ तीन डिसमिल जमीन की रसीद पर धान की बिक्री की है. जबकि इनके हिस्से में मात्र तीन एकड़ जमीन भी नहीं है. आरोपकर्ता राजेश तिवारी का कहना है कि पैक्स अध्यक्ष व प्रबंधक की मिलीभगत से किसानों की जगह बिचौलियों से फर्जी रसीद पर धान की खरीदारी की गयी है. दरबार में प्राप्त आवेदन पर सहकारिता विभाग ने जमीन की रसीदों की जांच के लिए अंचलाधिकारी चौसा को भेजा. चौसा के अंचलाधिकारी ने अपने पत्रंक 471 दिनांक 30.9.2013 के माध्यम से सहकारिता प्रसार पदाधिकारी को भेजे गये प्रतिवेदन में कहा है कि हल्का कर्मचारी के माध्यम से मालगुजारी रसीद की सत्यता की जांच की गयी.जांच में पाया गया कि रसीद संख्या 424216 में अराजी तीन एकड़ 24 डिसमिल के स्थान पर 13 एकड़ 24 डिसमिल कर दिया गया है. रसीद संख्या 601413 अराजी चार एकड़ तीन डिसमिल की जगह नौ एकड़ तीन डिसमिल, रसीद संख्या 601456 में अराजी सात एकड़ 15 डिसमिल के स्थान पर फर्जी ढंग से 17 एकड़ 15 डिसमिल अंकित किया गया है. रसीद संख्या 601486 में सात एकड़ 93 डिसमिल की जगह फर्जी तरीके से 17 एकड़ 93 डिसमिल अंकित की गयी है.अंचलाधिकारी ने बताया कि जांच में यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि धान बिक्री करने के मामले में सरकारी रसीद में हेराफेरी कर फर्जी ढंग से धान की बिक्री की गयी है. उन्होंने बताया कि आगे की कार्रवाई के लिए जांच प्रतिवेदन सहकारिता प्रसार पदाधिकारी ने सौंप दिया गया है. इस बीच बनारपुर के पैक्स के प्रबंधक विनोद सिंह यादव ने बताया कि जिन लोगों से धान की खरीदारी की गयी है, उनके खाते में राशि जमा करायी गयी है. उन्होंने पैक्स की ओर से गड़बड़ी होने की बात से इनकार किया है.

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