करोड़ों खर्च, फिर भी नहीं मिल रहा पानी

Published at :25 May 2015 6:33 AM (IST)
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करोड़ों खर्च, फिर भी नहीं मिल रहा पानी

डुमरांव : पेयजल आपूर्ति चाहे शहरी इलाके में हो या ग्रामीण इलाकों में, सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ उन लाभुकों तक अभी भी नहीं पहुंच पा रही है. बात यदि नगर पर्षद क्षेत्र की करें, तो पिछले पांच से सात वर्षो में विभिन्न वार्डो में दो-तीन चापाकल लगाये गये हैं, लेकिन इनका हालत क्या […]

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डुमरांव : पेयजल आपूर्ति चाहे शहरी इलाके में हो या ग्रामीण इलाकों में, सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ उन लाभुकों तक अभी भी नहीं पहुंच पा रही है. बात यदि नगर पर्षद क्षेत्र की करें, तो पिछले पांच से सात वर्षो में विभिन्न वार्डो में दो-तीन चापाकल लगाये गये हैं, लेकिन इनका हालत क्या है, कितने चापाकलों का लाभुकों को मिल रहा है.
यह देखने व जांच करने का विषय है. यह जानकार आश्चर्य होगा कि लगाये गये चापाकलों में से आधे से अधिक चापाकल बंद हो चुके हैं. नागरिक सुविधाओं को उपलब्ध कराने की जिम्मेवारी नगर पर्षद सहित संबंधित विभाग पर होती है, लेकिन यह भी अपनी जिम्मेदारी से भटक गये हैं.
नगर को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने को लेकर करीब एक दशक पूर्व प्रखंड मुख्यालय में पानी टंकी का निर्माण हुआ था, लेकिन लोगों को इसका लाभ नहीं मिल सका. जबकि नगर के शक्ति द्वार के समीप सरकारी ट्यूबवेल लगा, लेकिन इसका भी लाभ नगरवासियों को नहीं मिल सका, जिससे यही लगता है कि करोड़ों रुपये खर्च के बावजूद लोगों को पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने में स्थानीय प्रशासन विफल है.दलित बस्ती में भी पेयजल समस्या : नगर के स्टेशन रोड दलित बस्ती के लोग सरकारी नल पर निर्भर हैं.
बस्ती में सरकारी चापाकल लगाये गये थे, लेकिन कुछ दिनों के बाद यह बंद हो गये. वहीं, सफाखाना रोड दलित बस्ती भी एक चापाकल के सहारे है. नगर के फूलचंद कानू पथ राम जानकी मंदिर के समीप, निमेज टोला, चौक रोड मसजिद के समीप सहित अन्य मुहल्लों में नप और स्थानीय विधायक कोष से लगे चापाकल लगने के कुछ दिनों बाद दम तोड़ दिये.
सरकारी नल से निकलता है दरुगधयुक्त पानी
नगर के दक्षिण टोला में सरकारी ट्यूबवेल द्वारा नगर के विभिन्न मुहल्लों में पानी सप्लाई की जाती है, लेकिन सप्लाई पाइप फटने से दरुगध युक्त पानी गिरता है. गंदा पानी निकलने के कारण मुहल्लेवासी सरकारी चापाकल से पानी लेते हैं. मुहल्ले के मनोज कुमार, मुन्ना गुप्ता, राजू यादव, अनूप कुमार, पवन कुमार, अर्चना जायसवाल, पप्पू कहते हैं कि सरकारी सप्लाई नल से दरुगध युक्त पानी गिरता है, जिससे घर के कार्यो के लिए बाहर से पानी लाना पड़ता है.
क्या कहते हैं मुहल्लेवासी
महेंद्र प्रसाद- फूलचंद कानू पथ राम जानकी मंदिर के समीप लगा चापाकल महीनों से खराब है. नप में शिकायत के बावजूद अब तक ठीक नहीं कराया गया.
चौक रोड मसजिद के पास लगा चापाकल सालों से खराब है. कई बार मुहल्ले के लोगों ने शिकायत की, लेकिन खराब पड़ा चापाकल ठीक नहीं हुआ.
राजन प्रसाद
राज हाइ दलित बस्ती के समीप चापाकल लगा है, लेकिन लगने के कुछ माह बाद से खराब पड़ा है. बस्ती के लोग सरकारी नल पर निर्भर हैं.
सुगन डोम
सफाखाना रोड स्थित दलित बस्ती में मात्र एक ही चापाकल है, जिससे काफी परेशानी होती है.
सुगिया देवी
क्या कहते हैं नगर पर्षद के चेयरमैन
नप के चेयरमैन मोहन मिश्र व चुनमुन प्रसाद वर्मा कहते हैं कि नगर में खराब पड़े चापाकलों को ठीक कराया जायेगा. अगर मरम्मत के बाद ठीक नहीं हुए, तो नये चापाकल लगाये जायेंगे. जबकि फूटी पाइप के बारे में कहा कि विभाग को लिखित रूप से मरम्मत के लिए सूचना दी जायेगी.
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