काश! बेटी को नहीं भेजते स्कूल

Published at :24 Aug 2013 12:56 AM (IST)
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काश! बेटी को नहीं भेजते स्कूल

बक्सर: छात्रा जया की मां को क्या पता था कि जिस बेटी को खुशी-खुशी विद्यालय भेज रही है अब उसे जिंदा नहीं देख पायेगी. घर से निकलने के चंद मिनटों के बाद ही बेटी की मौत की खबर मिलते ही पांडेयपट्टी स्थित घर में कोहराम मच गया. बिलखते हुए दादी मीना श्रीवास्तव कहती हैं कि […]

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बक्सर: छात्रा जया की मां को क्या पता था कि जिस बेटी को खुशी-खुशी विद्यालय भेज रही है अब उसे जिंदा नहीं देख पायेगी. घर से निकलने के चंद मिनटों के बाद ही बेटी की मौत की खबर मिलते ही पांडेयपट्टी स्थित घर में कोहराम मच गया.

बिलखते हुए दादी मीना श्रीवास्तव कहती हैं कि काश! पता होता कि हादसे में जया की मौत हो जायेगी, तो उसे कभी स्कूल नहीं भेजती. घटनास्थल पर बेटी के शव को देख कर दादी और मां दहाड़ मार कर रो पड़ी. कक्षा चार की छात्रा जया की मौत पर सरस्वती विद्या निकेतन में भी मातम का माहौल था. बच्चों के चेहरे पर उदासी थी. हर कोई अपने बच्चे को सुरक्षित घर आने की हिदायत दे रहा था.

शुक्रवार की सुबह पांडेयपट्टी स्थित आवास से अधिवक्ता अविनाश श्रीवास्तव अपनी बाइक पर बेटा आदित्य नारायण श्रीवास्तव व बेटी जया श्रीवास्तव को बैठा कर स्कूल छोड़ने जा रहे थे. बेटी अपने पिता को पकड़ कर पीछे बैठी हुई थी, जबकि छोटा भाई आदित्य पिता के साथ आगे बैठा हुआ था. जैसे ही बाइक प्रखंड कार्यालय के समीप पहुंची, वैसे ही पीछे की ओर से अनियंत्रित ढंग से ट्रैक्टर चलाते हुए चालक ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर लगते ही बाइक के साथ अधिवक्ता गिर पड़े. गिरने के दौरान जया का बैग ट्रैक्टर की ट्राली में फंस गया और वह सीधे चक्के के नीचे चली गयी. चक्का चढ़ने के साथ ही उसकी मौत हो गयी. बेटी की आंखों के सामने मौत होते देख अधिवक्ता अविनाश श्रीवास्तव के आंखों के आगे अंधेरा छा गया. पल भर में हंसती खेलती बेटी मौत की बांहों में झूल गयी. घटना स्थल पर स्कूली छात्रा के शव को देख लोगों का गुस्सा फूट पड़ा.

लोगों ने ट्रैक्टर चालक निर्मल यादव को अपने कब्जे में लिया और पीट-पीट कर अधमरा कर दिया. मौके पर पहुंची पुलिस और अंचलाधिकारी विजय कुमार सिंह के प्रयास से चालक को किसी तरह भीड़ से छुड़ाया गया.

स्थानीय लोगों के सहयोग से चालक को सदर अस्पताल में इलाज के लिए दाखिल कराया गया. चालक की नाजुक स्थिति देख चिकित्सकों ने बनारस रेफर कर दिया है. लोगों के आक्रोश के कारण प्रशासन और पुलिस को स्थिति को नियंत्रण करने में घंटों मशक्कत करनी पड़ा. नागरिकों का कहना है कि नया बाजार की सड़क पर चालक बेलगाम होकर गाडि़यों का परिचालन करते हैं, जिससे आये दिन दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं. इस पथ पर कई विद्यालय हैं और विद्यालयों में विभिन्न इलाकों से बच्चे पढ़ने आते हैं.

ऐसे में चालकों की लापरवाही से वाहन परिचालन करने के कारण आये दिन हादसों की पुनरावृत्ति होती रहती है. लोगों के आक्रोश के कारण लगभग तीन घंटे तक नया बाजार को जोड़ने वाली सड़क पर वाहनों का आवागमन ठप रहा. बाद में प्रशासन के पहल के बाद स्थिति सामान्य हुई.

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