दलाल स्ट्रीट पर बिहार का भौकाल, बड़े शहरों को पीछे छोड़ निकला सबसे आगे 

Published by :Soumya Shahdeo
Published at :02 May 2026 2:54 PM (IST)
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India Investor Base Growth

इंडिया इन्वेस्टर बेस ग्रोथ (Photo: Freepik)

India Investor Base Growth: भारत में शेयर बाजार के इन्वेस्टर्स की संख्या 12.9 करोड़ के पार पहुंच गई है. इसमें बिहार सबसे तेजी से बढ़ने वाला राज्य बना है.

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India Investor Base Growth: भारत का शेयर बाजार अब सिर्फ मुंबई, दिल्ली या बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा है. अब छोटे शहरों और राज्यों के लोग भी तेजी से इनवेस्टमेंट की दुनिया में कदम रख रहे हैं. इसी बदलाव की सबसे बड़ी मिसाल बनकर उभरा है बिहार. बीते कुछ सालों में यहां इन्वेस्टर्स की संख्या इतनी तेजी से बढ़ी है कि बिहार अब देश के सबसे तेजी से बढ़ते इन्वेस्टर राज्यों में शामिल हो गया है. 

बाजार में कितना बढ़ा भरोसा?

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के मार्च 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, देश में कुल रजिस्टर्ड इन्वेस्टर्स की संख्या 12.9 करोड़ पहुंच गई है. यह पिछले साल के मुकाबले 14.4 फीसदी ज्यादा है. एक समय था जब शेयर बाजार में 1 करोड़ इन्वेस्टर्स जोड़ने में 14 साल लग गए थे. लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. NSE के अनुसार, अब हर 5 से 7 महीने में 1 करोड़ नए इन्वेस्टर्स जुड़ रहे हैं. यह दिखाता है कि लोगों का भरोसा बाजार पर लगातार बढ़ रहा है. 

बिहार क्यों बना चर्चा में?

बिहार ने पिछले पांच सालों में इन्वेस्टर्स की संख्या में 5.8 गुना की बढ़त दर्ज की है. FY21 में बिहार इन्वेस्टर्स की रैंकिंग में 14वें स्थान पर था, लेकिन अब यह 10वें स्थान पर पहुंच चुका है. मार्च 2026 तक बिहार में कुल 60.11 लाख रजिस्टर्ड इन्वेस्टर्स हो चुके हैं. यह देश के कुल इन्वेस्टर्स आधार का 4.7 फीसदी हिस्सा है. अगर पुराने आंकड़ों को देखें तो यह बढ़त और भी खास लगती है. FY2024-25 में बिहार में 50.85 लाख इन्वेस्टर्स थे. FY2019-20 में यह संख्या सिर्फ 6.7 लाख थी, जबकि FY2014-15 में केवल 2.94 लाख लोग बाजार से जुड़े थे. 

क्या छोटे शहर बदल रहे तस्वीर?

जी बिलकुल, NSE की रिपोर्ट बताती है कि बिहार के साथ-साथ अरुणाचल प्रदेश, असम और मिजोरम जैसे राज्यों में भी इन्वेस्टर्स की संख्या तेजी से बढ़ी है. देश के टॉप 10 राज्यों से बाहर के इलाकों की हिस्सेदारी अब कुल इन्वेस्टर्स आधार का 27 फीसदी हो चुकी है. इसका साफ मतलब है कि शेयर बाजार अब बड़े शहरों की चीज नहीं रही. Tier-2 और Tier-3 शहरों के लोग भी अब खुलकर इन्वेस्ट कर रहे हैं. 

आगे क्या संकेत हैं?

2026 में NIFTY50 करीब 8 फीसदी नीचे रहा है, फिर भी लोगों का भरोसा बाजार से कम नहीं हुआ. मार्च 2026 में विदेशी इन्वेस्टर्स की बिकवाली के बीच घरेलू इन्वेस्टर्स ने बाजार को सहारा दिया. बिहार का यह उभार साफ दिखाता है कि अब भारत का इनवेस्टमेंट फ्यूचर छोटे शहरों से तय होगा.

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Soumya Shahdeo

लेखक के बारे में

By Soumya Shahdeo

सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

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