ठुकरा दिया US का स्वास्थ्य समझौता, अमेरिका ने 40 गुना छोटे देश से ऐसा क्या मांग लिया?

Published by :Anant Narayan Shukla
Published at :02 May 2026 3:23 PM (IST)
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Ghana rejects US health agreement over data privacy concerns.

घाना ने डेटा प्राइवेसी का हवाला देते हुए अमेरिकी समझौता रद्द किया. फोटो- कैनवा.

Ghana Rejects US Health Deal: घाना ने अमेरिका के स्वास्थ्य समझौते को ठुकरा दिया है. ऐसा करने वाला वह नया देश बना है. इससे पहले जिम्बॉब्वे और जाम्बिया ने भी इस पर चिंताएं जताई थीं.

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Ghana Rejects US Health Deal: घाना ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित स्वास्थ्य समझौते को अस्वीकार कर दिया है. अधिकारियों के मुताबिक, इस फैसले के पीछे सबसे बड़ा कारण डेटा की गोपनीयता को लेकर चिंता है. घाना अब इस मुद्दे पर नए सिरे से बातचीत करना चाहता है ताकि उसके नागरिकों की संवेदनशील जानकारी सुरक्षित रह सके.

समझौते में क्या थी आपत्ति

एपी की रिपोर्ट के अनुसार, घाना के डेटा संरक्षण आयोग के कार्यकारी निदेशक अर्नोल्ड कावारपुओ ने बताया कि प्रस्तावित समझौते में ऐसे प्रावधान थे, जिनसे अमेरिकी संस्थाओं को घाना के स्वास्थ्य से जुड़े संवेदनशील डेटा तक व्यापक पहुंच मिल सकती थी. उन्होंने कहा कि यह पहुंच सामान्य जरूरत से कहीं ज्यादा थी और इसमें पर्याप्त सुरक्षा उपाय भी नहीं थे.

अमेरिका का क्या कहना है?

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने इस पर सीधे टिप्पणी करने से इनकार किया. उन्होंने कहा कि मंत्रालय आमतौर पर द्विपक्षीय (दो देशों के बीच) वार्ता की जानकारी सार्वजनिक नहीं करता, लेकिन दोनों देशों के बीच साझेदारी मजबूत करने के प्रयास जारी हैं.

‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत समझौते

रिपोर्ट के अनुसार, युनाइटेड स्टेट्स ने अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत 30 से ज्यादा देशों के साथ इस तरह के स्वास्थ्य समझौते किए हैं. इनमें ज्यादातर अफ्रीकी देश शामिल हैं. इन समझौतों के तहत अमेरिका उन देशों को आर्थिक मदद देने की पेशकश करता है, जिनकी स्वास्थ्य व्यवस्था कमजोर है या जिन्हें हालिया फंडिंग कटौती से नुकसान हुआ है.

मदद के साथ शर्तों पर सवाल, अफ्रीकी देशों ने जताई चिंता

इन समझौतों का उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करना और बीमारियों से लड़ने में मदद करना है. हालांकि, कई देशों ने डेटा साझा करने की शर्तों पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि इससे उनके नागरिकों की निजी जानकारी खतरे में पड़ सकती है. जिम्बॉब्वे पहले ही इस समझौते को ठुकरा चुका है. वहीं जाम्बिया ने भी समझौते के कुछ हिस्सों पर आपत्ति जताई है, हालांकि वहां अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है.

इस फैसले के बाद यह साफ है कि अफ्रीकी देश अब विदेशी समझौतों में डेटा सुरक्षा को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क हो गए हैं और किसी भी समझौते से पहले अपनी शर्तों को प्राथमिकता दे रहे हैं.

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घाना कितना छोटा है; क्षेत्रफल और इकॉनमी के लिहाज से 

घाना, अमेरिका की तुलना में काफी छोटा है.ो इसका क्षेत्रफल लगभग 238,535 वर्ग किलोमीटर (या 92,099 वर्ग मील) है, जो लगभग यूएस के ओरेगन राज्य के बराबर है. यूएस का क्षेत्रफल 3.8 मिलियन वर्ग मील है, जो घाना से लगभग 40 गुना बड़ा है. अर्थव्यवस्था के लिहाज से देखें, तो नॉमिनल जीडीपी के आधार पर आर्थिक तुलना करें, तो 2026 में अमेरिका की जीडीपी लगभग 28.8 ट्रिलियन डॉलर होने का अनुमान है. वहीं, 2026 में घाना की जीडीपी लगभग 82.3 बिलियन डॉलर हो सकती है. इसका मतलब है कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था घाना से लगभग 350 गुना बड़ी है.

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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