सर्पदंश का इलाज करने वाले कृष्ण मंडल को जहरीले सांप चंद्रबोड़ा ने डंसा, हो गयी मौत

Updated:
विज्ञापन

रसेल वाईपर सांप और कृष्ण मंडल.

पूर्व बर्धमान जिले में सर्पदंश का इलाज करने वाले प्रसिद्ध ओझा कृष्ण मंडल की एक जहरीले सांप के डंसने से मौत हो गयी. वे करीब एक दशक से लोगों की झाड़-फूंक से जान बचाते आ रहे थे. सांपों के जानकार कृष्ण मंडल की कहां और कैसे हुई मौत, पूरा विवरण यहां जानें.

विज्ञापन

बर्धमान/पानागढ़ से मुकेश तिवारी की रिपोर्ट

पूर्व बर्धमान जिले के भाटार इलाके में सर्पदंश से पीड़ित लोगों की झाड़-फूंक से जान बचाने वाले ‘ओझा’ के नाम से मशहूर कृष्ण मंडल की जहरीले सांप के डंसने से मौत हो गयी है. मंगलकोट थाना क्षेत्र के जाबग्राम निवासी कृष्ण मंडल खेत में घास काटने गये थे. इसी दौरान उन्हें जहरीले चंद्रबोड़ा (रसेल वाइपर) सांप ने डंस लिया. हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें तुरंत भाटार ब्लॉक अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.

झाड़-फूंक से सर्पदंश का इलाज करते थे मंडल

कृष्ण मंडल पिछले करीब एक दशक से इलाके में ओझा के रूप में जाने जाते थे. ग्रामीणों का दावा है कि इलाके में अगर किसी को सांप काटता, तो लोग झाड़-फूंक कराने के लिए उनके पास जाते थे. हालांकि, समय के साथ चिकित्सा के प्रति जागरूकता बढ़ने से उनके पास आने वालों की संख्या कम हो गयी थी.

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बर्धमान भेजा

घटना की सूचना मिलते ही भाटार थाना की पुलिस अस्पताल पहुंची. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बर्धमान मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया. मामले की जांच भी पुलिस ने शुरू कर दी है.

ये भी पढ़ें: West Bengal : सर्पदंश की नयी दवा ने जगायी उम्मीद ,मौतों पर लगेगा अंकुश

कृष्ण मंडल की मौत से गांव में शोक का माहौल

गांव के लोगों का कहना है कि कृष्ण मंडल सांपों की पहचान और उनके व्यवहार को लेकर काफी सतर्क रहते थे. ऐसे व्यक्ति की सांप के डंसने से मौत की सूचना जिसने भी सुनी, वह हैरान रह गया. पूरे गांव में शोक का माहौल है.

ये भी पढ़ें: बांकुड़ा : बारिश का मौसम आते ही बढ़ने लगे सर्पदंश के मामले, दहशत में किसान


विज्ञापन
मिथिलेश झा

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola