बारिश में डूबा जीआरपी का बैरक, कमरों में घुसा पानी

Updated at : 01 Oct 2019 8:11 AM (IST)
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बारिश में डूबा जीआरपी का बैरक, कमरों में घुसा पानी

बक्सर : दानापुर रेलमंडल के बक्सर रेलवे स्टेशन से जुड़े जीआरपी कर्मी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं. जिसके कारण इन बैरकों में रहने वाले लोग असुरक्षा के आतंक के साथ-साथ बीमार होने पर प्राथमिक उपचार तक नहीं करा पाते हैं. रेलवे ने अपने कर्मचारियों को घर तो दे दिया, लेकिन यह जानने की कोशिश नहीं […]

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बक्सर : दानापुर रेलमंडल के बक्सर रेलवे स्टेशन से जुड़े जीआरपी कर्मी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं. जिसके कारण इन बैरकों में रहने वाले लोग असुरक्षा के आतंक के साथ-साथ बीमार होने पर प्राथमिक उपचार तक नहीं करा पाते हैं.

रेलवे ने अपने कर्मचारियों को घर तो दे दिया, लेकिन यह जानने की कोशिश नहीं की उन घरों में उनका गुजारा कैसे हो रहा है. रेलवे मकान की बदहाली की लगातार आ रही शिकायत के बाद आज तक मरम्मत नहीं की गयी. लिहाजा लगातार हो रही बारिश में जीआरपी बैरक में रहने वाले लोगों के घरों में घुटने भर पानी जमा हो गया है. लोगों के सामान पानी में तैर रहे हैं.
बारिश के कारण जीआरपी और आरपीएफ का बैरक पूरी तरह से डूब गया है. वहीं कई कमरों में पानी टपक रहा था. जिसके चलते पुलिस के जवानों को बारिश में एक ही कमरे में रात गुजारनी पड़ रही है. जहां पुलिस के जवानों को आने जाने में काफी परेशानी का सामाना करना पड़ा. वहीं रेलवे प्रशासन की तरफ से पानी निकालने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गयी.
जीआरपी के बैरक में बारिश के दिनों में बुरा हाल हो जाता है, लेकिन रेलवे प्रशासन बारिश से पहले कभी इसका कोई व्यवस्था नहीं करती है. वहीं हाल रेलवे के कॉलोनियों का भी है. जहां बारिश के दिनों में कॉलोनियों में पानी घुस जाता है. कभी-कभी तो कर्मचारियों को रात में छाता लेकर रात गुजारनी पड़ती है. रेलवे कॉलोनी में रहने वाले लोगों ने बताया कि कॉलोनी के सभी क्वार्टरों के खिड़की-दरवाजे पर्याप्त रखरखाव के अभाव में पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं.
बारिश में एक ही कमरे में सोने को मजबूर
जवानों ने बताया कि छत टपकने की वजह से सभी जवानों को एक ही कमरे में सोने को मजबूर हैं, लेकिन आज तक अधिकारियों के द्वारा मरम्मत नहीं करायी जाती है. बारिश के दिनों में ज्यादातर एक ही कमरों में सभी जवान सोते हैं. बार-बार शिकायत की गयी, लेकिन कुछ नहीं हुआ.
सांप का भी रहता है डर
पुलिस के जवानों ने बताया कि बारिश के दिनों में यहां सांप का भी खतरा बढ़ जाता है. आये दिन लोगों के घरों में सांप घुस जाता है. कई बार शिकायत हुई कि झार-झंकाड़ को साफ करा दें, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई.
क्या कहते हैं लोग
घर में पानी घुसने की वजह से खाने-पीने की किल्लत उत्पन्न हो गयी है. रसोई का घर भी पानी से लबालब भरा है. जरूरी सामान पानी में तैर रहे हैं.
विवेक कुमार
चार दिनों से हो रही बारिश के कारण घरों में पानी घुस गया है. जिस कारण आने-जाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. पानी में जहरीले जीव-जंतु का भी खतरा मंडरा रहा है.
अवधेश चौधरी
बारिश के बाद जब सुबह नींद खुली तो अपने आपको जैसा लगा कि कोई नदी में लाकर सुला दिया है. चौकी के नीचे पानी लबालब भरा हुआ था. ज्योंही पैर नीचे रखा तो सीधे पानी में पाया.
धर्मेंद्र कुमार
घर में पानी घुटने भर से अधिक लगा हुआ है. रात भर जग कर बिताना पड़ रहा है. ज्योंही बारिश रात में हो रही है तो डर सा लगा रहता है कि कहीं घर का छज्जा न गिर जाये.
शिवपूजन साह
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