नालंदा में स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी मांगों मांगों को लेकर दूसरे दिन भी काला बिल्ला लगाकर किया काम, 1 जून को पटना में बड़ा प्रदर्शन
Published by : Aditya Kumar Ravi Updated At : 22 May 2026 4:00 PM
काला बिल्ला लगाकर विरोध करते स्वास्थ्य कर्मी
Nalanda News: नालंदा जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में शुक्रवार को दूसरे दिन भी नियमित और संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी मांगों के समर्थन में काला बिल्ला लगाकर ड्यूटी की. बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मी पदोन्नति, संविदा कर्मियों के नियमितीकरण और आउटसोर्सिंग कर्मियों को ₹26,000 न्यूनतम वेतन देने की मांग कर रहे हैं. संघ की महिला उपसमिति ने आंदोलन को मजबूत करने के लिए 1 जून 2026 को पटना के गर्दनीबाग में आयोजित राज्यस्तरीय प्रदर्शन में भारी संख्या में पहुंचने की अपील की है.
Nalanda News(रणजीत सिंह): अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर नालंदा जिले में आंदोलन तेज हो गया है. विरोध एवं एकजुटता के बीच दूसरे दिन शुक्रवार को भी जिले के सभी छोटे-बड़े सरकारी अस्पतालों में नियमित और संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने बांह पर काला बिल्ला लगाकर सरकारी कार्यों का संपादन किया. स्वास्थ्य कर्मियों के इस शांतिपूर्ण लेकिन मुखर विरोध प्रदर्शन के कारण स्वास्थ्य महकमे में हलचल मची हुई है.
चरणबद्ध आंदोलन के तहत दूसरे दिन भी दर्ज कराया विरोध
बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, नालंदा के उपाध्यक्ष राजीव रंजन, अनुपमा कुमारी, संयुक्त मंत्री वीरेन्द्र कुमार, नीलम कुमारी, कोषाध्यक्ष अरबिंद कुमार, संघर्ष उपाध्यक्ष राजेश कुमार और संघर्ष संयुक्त मंत्री मो. शाकिव ने संयुक्त रूप से कहा कि राज्य संघ द्वारा निर्धारित चरणबद्ध आंदोलन के तहत जिले के सभी नियमित व संविदा कर्मचारी आज भी अपने-अपने चिकित्सा संस्थानों में काला बिल्ला लगाकर मुस्तैदी से कार्य कर रहे हैं, ताकि मरीजों को कोई असुविधा न हो.
प्रमोशन, नियमितीकरण और 26 हजार मानदेय सहित ये हैं मुख्य मांगें
अनुमंडल मंत्री अरुण कुमार, बिहार शरीफ अनुमंडल अध्यक्ष रागिणी कुमारी, परबलपुर अध्यक्ष शशिभूषण मिश्रा और अस्थावां अध्यक्ष सुमंत कुमार ने संघ की मुख्य मांगों को रेखांकित करते हुए कहा कि जब तक सरकार उनकी जायज मांगें पूरी नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा. संघ की प्रमुख मांगें हैं कि नियमानुसार सभी संवर्ग के स्वास्थ्य कर्मियों को अविलंब पद प्रोन्नति का लाभ दिया जाए. एएनएम सहित राज्य संवर्ग के सभी कर्मियों का मातृत्व अवकाश, उपार्जित अवकाश, सेवा सम्पुष्टि और एमएसीपी का आदेश जारी करने का अधिकार सिविल सर्जन, अधीक्षक और प्राचार्य को सौंपने हेतु नया आदेश निर्गत किया जाए. साथ ही स्वास्थ्य समिति के कर्मचारियों का संवर्ग नियमावली का गठन करते हुए उनकी सेवा को समायोजित किया जाए. अर्बन एएनएम को सभी निर्धारित सरकारी अवकाश दिए जाएं और लंबे समय से कार्यरत संविदागत कर्मियों की सेवा को स्थायी (नियमित) किया जाए. आउटसोर्सिंग के तहत काम कर रहे कर्मियों को न्यूनतम वैधानिक पारिश्रमिक के रूप में कम से कम ₹26,000 प्रति माह का भुगतान सुनिश्चित किया जाए.
1 जून को पटना के गर्दनीबाग में महाप्रदर्शन की तैयारी
महिला उपसमिति की संयोजिका ज्योत्सना कुमारी, उपसंयोजिका रजनीश कुमारी, मीरा कुमारी, बेबी कुमारी और अर्पण कुमारी ने जिले के सभी संविदा और नियमित कर्मियों से एकजुट होने की अपील की है. उन्होंने कहा कि इस चरणबद्ध आंदोलन को और धार देने के लिए आगामी 01 जून 2026 को पटना के गर्दनीबाग में राज्यस्तरीय विशाल प्रदर्शन का आयोजन किया गया है. नालंदा जिले से हजारों की संख्या में स्वास्थ्य कर्मी अपनी आवाज बुलंद करने पटना पहुंचेंगे, जिसकी तैयारियां अभी से ही ब्लॉक स्तर पर शुरू कर दी गई हैं.
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