सरकारी स्कूलों में AI का कमाल, सरकारी स्कूलों के रिजल्ट में दिखा बदलाव
Published by : Ravi Mallick Updated At : 22 May 2026 6:16 PM
सांकेतिक फोटो
Government Schools AI Learning: देश के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदलती दिख रही है. झारखंड, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मेघालय और राजस्थान जैसे राज्यों के सरकारी स्कूलों में एक खास AI आधारित शिक्षा मॉडल ने ऐसा असर दिखाया है, जिसने हजारों छात्रों की पढ़ाई का तरीका ही बदल दिया है.
Government Schools AI Learning: इस प्रोग्राम का नाम है ‘संपूर्ण शिक्षा कवच’ यानी SSK. यह पहल राज्य सरकारों और Filo Official Website नाम के AI एजुकेशन प्लेटफॉर्म के साथ मिलकर चलाई जा रही है. इसका मकसद सिर्फ टॉपर्स तैयार करना नहीं, बल्कि कमजोर छात्रों को भी पढ़ाई में आगे लाना है.
पर्सनल टीचर का सपोर्ट
इस मॉडल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि छात्रों को 24×7 लाइव पर्सनल टीचर सपोर्ट मिलता है. यानी अगर किसी छात्र को रात 10 बजे भी कोई सवाल समझ नहीं आता, तो वह तुरंत मदद ले सकता है.
प्लेटफॉर्म पर AI और लाइव टीचर दोनों की मदद से पढ़ाई कराई जाती है. खास बात यह है कि सरकारी स्कूलों के छात्रों और उनके परिवारों को इसके लिए कोई फीस नहीं देनी पड़ती.
Government Schools के रिजल्ट में बड़ा बदलाव
इस पहल का असर अब बोर्ड रिजल्ट्स में भी साफ दिखने लगा है. कई स्कूलों में सिर्फ एक साल के अंदर फेलियर रेट में 70 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है.
झारखंड के गुमला जिले का पास प्रतिशत 87% से बढ़कर 99.3% तक पहुंच गया. वहीं लातेहार जिला, जो पहले पिछड़े जिलों में गिना जाता था, अब राज्य की साइंस रैंकिंग में पहले नंबर पर पहुंच चुका है.
दुमका में SSK से जुड़े स्कूलों का रिजल्ट बाकी स्कूलों से करीब 20 प्रतिशत बेहतर रहा. वहीं रामगढ़ जिले के कमजोर माने जाने वाले स्कूलों में भी रिकॉर्ड सुधार देखने को मिला.
महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में भी दिखा असर
महाराष्ट्र के सांगली जिले में जिन स्कूलों के छात्रों ने AI ट्यूटरिंग प्लेटफॉर्म का ज्यादा इस्तेमाल किया, वहां रिजल्ट बाकी स्कूलों की तुलना में काफी बेहतर रहा.
वहीं मध्य प्रदेश के विदिशा में शुरू हुए पायलट प्रोजेक्ट में हजारों लाइव सेशंस हुए और कई छात्रों ने 90 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल किए. हिमाचल प्रदेश, मेघालय और राजस्थान में भी इस मॉडल को तेजी से लागू किया जा रहा है.
सरकार से भी मिल चुके हैं कई बड़े अवॉर्ड
इस AI आधारित शिक्षा मॉडल को भारत सरकार की तरफ से कई बड़े सम्मान भी मिल चुके हैं. SSK को नेशनल अवॉर्ड फॉर ई-गवर्नेंस में गोल्ड अवॉर्ड दिया गया. इसके अलावा नीति आयोग ने भी इसे शिक्षा कैटेगरी में देश की सर्वश्रेष्ठ पहल बताया.
यह भी पढ़ें: UP BEd प्रवेश परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी, यहां डायरेक्ट लिंक से करें डाउनलोड
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Ravi Mallick
रवि मल्लिक, प्रभात खबर डिजिटल में सीनियर कंटेट राइटर हैं. सर्वविद्या की राजधानी कहे जाने वाले वाराणसी के रहने वाले हैं. यहीं से पढ़ाई की शुरुआत हुई. भारतेंदु हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज से स्कूलिंग खत्म करने के बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की ओर दिलचस्पी जगी और आगे की पढ़ाई के लिए लखनऊ चले गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकर वेबसाइट के साथ काम किया. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे तराशना भी जानते हैं. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के बाद साल 2019 में रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. एजुकेशन न्यूज पर काम शुरू करने के साथ-साथ रवि के करियर की गाड़ी भी आगे चली. साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और इस संस्थान में Career कैटेगरी की शुरुआत की. यहां करियर कैटेगरी पर काम करते हुए 3 साल पूरे कर लिए. साल 2024 में रवि मल्लिक Times Network के टाइम्सनाउ हिंदी के एजुकेशन टीम के साथ जुड़े. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की यंग और एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. कॉलेजों के बारे में डिटेल्स में बताना हो या किसी कोर्स की पूरी जानकारी रवि अच्छे से समझा सकते हैं. एजुकेशन न्यूज पर 7 साल का अनुभव रखने वाले रवि मल्लिक के लिए युवाओं को प्रेरित करना, उनके बीच के मुद्दों को उठाना, सही व सटीक जानकारी देना ही प्राथमिकता रही है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










