सरकारी स्कूलों में AI का कमाल, रिजल्ट में दिखा बदलाव

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Government Schools AI Learning

सांकेतिक फोटो

Government Schools AI Learning: देश के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदलती दिख रही है. झारखंड, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मेघालय और राजस्थान जैसे राज्यों के सरकारी स्कूलों में एक खास AI आधारित शिक्षा मॉडल ने ऐसा असर दिखाया है, जिसने हजारों छात्रों की पढ़ाई का तरीका ही बदल दिया है.

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Government Schools AI Learning: इस प्रोग्राम का नाम है ‘संपूर्ण शिक्षा कवच’ यानी SSK. यह पहल राज्य सरकारों और Filo नाम के AI एजुकेशन प्लेटफॉर्म के साथ मिलकर चलाई जा रही है. इसका मकसद सिर्फ टॉपर्स तैयार करना नहीं, बल्कि कमजोर छात्रों को भी पढ़ाई में आगे लाना है.

पर्सनल टीचर का सपोर्ट

इस मॉडल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि छात्रों को 24×7 लाइव पर्सनल टीचर सपोर्ट मिलता है. यानी अगर किसी छात्र को रात 10 बजे भी कोई सवाल समझ नहीं आता, तो वह तुरंत मदद ले सकता है.

प्लेटफॉर्म पर AI और लाइव टीचर दोनों की मदद से पढ़ाई कराई जाती है. खास बात यह है कि सरकारी स्कूलों के छात्रों और उनके परिवारों को इसके लिए कोई फीस नहीं देनी पड़ती.

Government Schools के रिजल्ट में बड़ा बदलाव

इस पहल का असर अब बोर्ड रिजल्ट्स में भी साफ दिखने लगा है. कई स्कूलों में सिर्फ एक साल के अंदर फेलियर रेट में 70 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है.

झारखंड के गुमला जिले का पास प्रतिशत 87% से बढ़कर 99.3% तक पहुंच गया. वहीं लातेहार जिला, जो पहले पिछड़े जिलों में गिना जाता था, अब राज्य की साइंस रैंकिंग में पहले नंबर पर पहुंच चुका है.

दुमका में SSK से जुड़े स्कूलों का रिजल्ट बाकी स्कूलों से करीब 20 प्रतिशत बेहतर रहा. वहीं रामगढ़ जिले के कमजोर माने जाने वाले स्कूलों में भी रिकॉर्ड सुधार देखने को मिला.

महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में भी दिखा असर

महाराष्ट्र के सांगली जिले में जिन स्कूलों के छात्रों ने AI ट्यूटरिंग प्लेटफॉर्म का ज्यादा इस्तेमाल किया, वहां रिजल्ट बाकी स्कूलों की तुलना में काफी बेहतर रहा.

वहीं मध्य प्रदेश के विदिशा में शुरू हुए पायलट प्रोजेक्ट में हजारों लाइव सेशंस हुए और कई छात्रों ने 90 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल किए. हिमाचल प्रदेश, मेघालय और राजस्थान में भी इस मॉडल को तेजी से लागू किया जा रहा है.

सरकार से भी मिल चुके हैं कई बड़े अवॉर्ड

इस AI आधारित शिक्षा मॉडल को भारत सरकार की तरफ से कई बड़े सम्मान भी मिल चुके हैं. SSK को नेशनल अवॉर्ड फॉर ई-गवर्नेंस में गोल्ड अवॉर्ड दिया गया. इसके अलावा नीति आयोग ने भी इसे शिक्षा कैटेगरी में देश की सर्वश्रेष्ठ पहल बताया.

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रवि मल्लिक

लेखक के बारे में

By रवि मल्लिक

रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से डिजिटल पत्रकारिता से जुड़े हैं. स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है. युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है. युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही उनकी प्राथमिकता है.

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