नालंदा डेयरी में 29 करोड़ से बनेगा फुली ऑटोमेटिक प्लांट, 2027 से रोज 20 टन दही-लस्सी का होगा उत्पादन

AI इमेज | प्रभात खबर
नालंदा डेयरी 2027 से 20 टन दही और लस्सी का उत्पादन आधुनिक तकनीक से शुरू करेगी. 29 करोड़ की लागत से बनने वाले इस फुली ऑटोमेटिक प्लांट का शिलान्यास मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे. इस परियोजना से डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी.
नालंदा डेयरी अगले वर्ष 2027 से आधुनिक तकनीक के साथ प्रतिदिन 20 टन दही और लस्सी का उत्पादन शुरू करेगी. इसके लिए डेयरी परिसर में लगभग 29 करोड़ की लागत से पूरी तरह डिजिटल और फुली ऑटोमेटिक दही-लस्सी उत्पादन प्लांट स्थापित किया जाएगा.
सोमवार को बिहारशरीफ स्थित नालंदा डेयरी में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास करेंगे. इसके साथ ही डेयरी के विस्तार और विपणन को बढ़ावा देने वाली कई अन्य योजनाओं की भी सौगात दी जाएगी.
नालंदा डेयरी के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (सीईओ) अरविंद कुमार सिन्हा ने बताया कि नई उत्पादन इकाई पूरी तरह स्वचालित होगी, जिसमें उत्पादन प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप नगण्य रहेगा. इससे दही और लस्सी का निर्माण अत्यंत स्वच्छ एवं उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होगा. अत्याधुनिक मशीनों के जरिए उत्पादन से लेकर पैकेजिंग तक की पूरी प्रक्रिया ऑटो मोड में संचालित होगी.
पेट्रोल पंप और सुधा कैफेटेरिया की भी होगी शुरुआत
मुख्यमंत्री नालंदा डेयरी परिसर के मुख्य प्रवेश क्षेत्र में एचपीसीएल के सहयोग से स्थापित होने वाले पेट्रोल पंप का भी शिलान्यास करेंगे. इसके लिए एचपीसीएल और कॉम्फेड के बीच समझौता होने जा रहा है.
पेट्रोल पंप के साथ सुधा कैफेटेरिया भी विकसित किया जाएगा, जिससे डेयरी परिसर एक बहुउद्देशीय सुविधा केंद्र के रूप में विकसित होगा.
इसके अलावा मुख्यमंत्री 300 डीप फ्रीजर का वितरण खुदरा विक्रेताओं के बीच करेंगे, जिससे डेयरी उत्पादों के भंडारण और बिक्री व्यवस्था को मजबूती मिलेगी. किसानों की सुविधा के लिए आठ पशु उठाव वाहनों का भी लोकार्पण किया जाएगा, जिनका उपयोग पशुपालकों की सेवा और दुग्ध संग्रहण व्यवस्था को बेहतर बनाने में होगा.
पूर्वोत्तर भारत की सबसे आधुनिक डेयरी इकाइयों में शामिल
नालंदा डेयरी पहले से ही पूर्वोत्तर भारत की अत्याधुनिक डेयरी इकाइयों में गिनी जाती है. यहां दूध की गुणवत्ता जांच, प्रसंस्करण और पैकेजिंग तक की पूरी प्रक्रिया आधुनिक मशीनों से होती है. डेयरी में प्रतिदिन पांच लाख लीटर दूध के भंडारण की क्षमता है.
यहां स्थापित मिल्क पाउडर निर्माण इकाई बिहार की एकमात्र ऐसी सुविधा है, जहां अतिरिक्त दूध को प्रोसेस कर मिल्क पाउडर बनाया जाता है. इससे डेयरी को अतिरिक्त आय भी प्राप्त होती है.
नालंदा डेयरी से तैयार होने वाले उत्पाद बिहार के अलावा असम सहित पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों और झारखंड के विभिन्न जिलों तक पहुंच रहे हैं. इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों और अस्पतालों के लिए पोषण आहार किट की भी आपूर्ति की जा रही है.
800 जीविका पशु सखियों को दिया गया प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत नालंदा डेयरी में नवादा, नालंदा और शेखपुरा जिले की जीविका दीदियों को पशुपालन और डेयरी प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. कुल 1,200 जीविका पशु सखियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें अब तक 800 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है.
सीईओ अरविंद कुमार सिन्हा ने बताया कि डेयरी के विस्तार और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से दुग्ध उत्पादक समितियों का गठन किया जा रहा है. नालंदा और शेखपुरा जिले के करीब दो लाख किसानों को दुग्ध व्यवसाय से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
इसके लिए जीविका दीदियों को लगातार प्रशिक्षण देकर उन्हें ग्रामीण स्तर पर डेयरी विकास की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है. नई परियोजनाओं के पूरा होने के बाद नालंदा डेयरी की उत्पादन क्षमता, विपणन नेटवर्क और किसानों को मिलने वाले लाभ में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










