ePaper

निर्दोष युवकों को बचाने के लिए किया आमरण अनशन

Updated at : 15 Sep 2025 9:25 PM (IST)
विज्ञापन
निर्दोष युवकों को बचाने के लिए किया आमरण अनशन

सोमवार को न्याय की मांग को लेकर हालात गरमा गए. ''''कुशवाहा कल्याण सेवा समिति'''' के बैनर तले दर्जनों परिजन और ग्रामीण बिहारशरीफ के हॉस्पिटल मोड़ पर आमरण अनशन पर बैठ गए.

विज्ञापन

बिहारशरीफ. सोमवार को न्याय की मांग को लेकर हालात गरमा गए. ””””””””कुशवाहा कल्याण सेवा समिति”””””””” के बैनर तले दर्जनों परिजन और ग्रामीण बिहारशरीफ के हॉस्पिटल मोड़ पर आमरण अनशन पर बैठ गए. इनका कहना है कि दीपनगर थाना क्षेत्र के डुमरावां गांव में हुए डबल मर्डर केस (कांड संख्या-294/2025) में कई निर्दोष युवकों को फर्जी तरीके से फंसा दिया गया है. अनशनकारी परिजनों का आरोप है कि हमारे बेटे उस समय खेतों में काम कर रहे थे या गांव से बाहर रोजगार में लगे थे. बावजूद इसके उन्हें हत्या का मुख्य आरोपी बना दिया गया. यह पूरी तरह से साजिश है. बताते चले कि 7 जुलाई 2025 को डुमरावां गांव में अन्नू और हिमांशु की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में वादिनी की ओर से 18 से अधिक लोगों को नामजद किया गया. इनमें से कई युवक जेल में बंद हैं. परिजनों का कहना है कि यह विवाद असल में डुमरावां और बियावानी गांव के लड़कों के बीच मोटरसाइकिल को लेकर हुआ झगड़ा था. लेकिन बाद में इसे जातीय रंग देकर एकतरफा कार्रवाई कर दी गई और निर्दोषों को बलि का बकरा बना दिया गया. अनशन पर बैठीं रुणा देवी (अभियुक्त कौशल कुमार की मां) ने रोते हुए कहा मामला बच्चों के झगड़े का था. पासवान जाति के लोगों ने मेरे बेटे को मुख्य आरोपी बना दिया, जबकि वह उस समय खेत पटा रहा था. इसी तरह सुनैना देवी (अभियुक्त प्रशांत कुमार की मां) ने कहा मेरा बेटा बालू का काम करता है और घटना के दिन गांव में था ही नहीं. फिर भी उसे जेल में डाल दिया गया. हम बस चाहते हैं कि निष्पक्ष जांच हो. अनशनकारियों ने नालंदा पुलिस अधीक्षक और डीजीपी को भेजे आवेदन में स्पष्ट मांग की है कि एसपी खुद घटनास्थल का निरीक्षण करें.पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की समीक्षा की जाए.अभियुक्त बनाए गए लोगों के मोबाइल टावर लोकेशन की वैज्ञानिक जांच हो. प्राथमिकी में दर्ज झूठे आरोपों की निष्पक्ष जांच हो. उनका कहना है कि जब तक निर्दोष युवकों को न्याय नहीं मिलता और वे जेल से रिहा नहीं होते, तब तक यह आमरण अनशन जारी रहेगा. परिजनों ने आरोप लगाया है कि पूरी एफआईआर मनगढ़ंत है और इसे सच्चे अपराधियों को बचाने और निर्दोषों को फंसाने के लिए तैयार किया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SANTOSH KUMAR SINGH

लेखक के बारे में

By SANTOSH KUMAR SINGH

SANTOSH KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन