तेतरावां में पांच मवेशियों की मौत, 200 से अधिक बीमार, पशुपालक परेशान

नालंदा जिले में लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है. इस बीमारी ने अब बिहारशरीफ प्रखंड के तेतरावां गांव को अपनी चपेट में ले लिया है.
यह बीमारी केवल तेतरावां तक सीमित नहीं है. एकंगरसराय, हिलसा, इस्लामपुर, परवलपुर, राजगीर, बेन, सिलाव, हरनौत और रहुई प्रखंडों में भी इसकी पुष्टि हो चुकी है. आंकड़ों के अनुसार, नालंदा जिले में अब तक 200 से अधिक मवेशी संक्रमित हो चुके हैं. संक्रमित पशुओं को तुरंत अलग करें. पशुशाला में नियमित रूप से साइपरमेथरिन और फिनाइल का छिड़काव करें. मच्छर-मक्खियों से बचाव के लिए नीम के पत्तों का धुआं करें. बीमार पशुओं को खुले मैदान में चरने न ले जाएं. साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें. समय पर इलाज मिलने पर 90% से अधिक मवेशी ठीक हो सकते हैं. जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ रमेश कुमार का कहना है कि प्रभावित गांवों में शिविर लगाने का निर्देश दिया गया है. पशु अस्पतालों में दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं. उन्होंने कहा कि डायल 1962 पर कॉल करने पर मेडिकल टीम घर तक पहुंचायी जायेगी.
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