जिले में सबसे अधिक चंडी मोड़ पर हुईं 35 सड़क दुर्घटनाएं

जिले में चंडी मोड़ पर सड़क दुर्घटनाएं एक बड़ा खतरा बन गयी हैं. यहां प्रत्येक माह में औसतन तीन वाहन दुर्घटनाएं हो रही हैं,
बिहारशरीफ.
जिले में चंडी मोड़ पर सड़क दुर्घटनाएं एक बड़ा खतरा बन गयी हैं. यहां प्रत्येक माह में औसतन तीन वाहन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिसमें 80 प्रतिशत दुर्घटनाओं में लोगों की मौत हो रही है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें 96 प्रतिशत दोपहिया चालक की मौत हुई है. वर्ष 2024 में पूरे जिले में 381 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, जिसमें करीब 261 लोगों की मौत ऑनस्पॉट हुई है, जिसकी प्राथमिकी दर्ज की गयी है. इसमें सबसे अधिक चंडी थाना क्षेत्र के गौड़ापर मोड़ के 35 सड़क हादसे हुए हैं. इसके अलावा, छोटी-मोटी सड़क दुर्घटनाओं की सूचना थाना पुलिस तक नहीं पहुंचती है. इस मोड़ पर सड़क दुर्घटनाओं को लेकर वाहन चालकों के बीच काफी चर्चा की विषय बना हुआ है. वाहन चालकों का कहना है कि इस मोड़ पर सड़क दुर्घटना के कई कारण है, तीखी मोड़ मुख्य कारण हैं. यातायात नियमों का पालन नहीं भी एक कारण है. इसके अतिरिक्त इस मोड़ पर दुर्घटना के अन्य कारण को लेकर भी लोगों में चर्चा है. बिहारशरीफ से चंडी होते पटना नियमित जाने वाले वाहन चालक पंकज कुमार, मनोज वर्मा आदि का कहना है कि गौड़ापर मोड़ के आसपास कोई अदृश्य शक्तियां हैं, जो सड़क दुर्घटना का कारण बन रही हैं. वहीं, वाहन चालक मृत्युंजय कुमार का कहना है कि शाम को पटना से आने के दौरान उन्हें गौड़ापर मोड़ के पास लगा कोई बीच सड़क पर हैं, लेकिन जब धीरे-धीरे वाहन आगे बढ़ाया तो कोई नहीं था. मृत्युंजय कुमार का कहना है कि गौड़ापर काफी तीखी मोड़ है, जो तेज गति वाले वाहनों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है. गत दो माह में इस मोड़ पर सड़क दुर्घटना में कई नामी व्यक्तियों की मौत हो गयी है. स्थानीय निवासी और चाय व्यापारी कपिल पटेल का कहना है कि इस मोड़ पर हर दिन दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. हालांकि पुलिस, परिवहन, सड़क और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की एक टीम सड़क हादसों को कम करने के लिए तकनीकी काम कर रही है. यह टीम एक साल में दस सड़क हादसे होने वाले 14 थाना क्षेत्र के ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित किया है.चंडी के दर्दनाक सड़क हादसेकेस-0125 फरवरी की घटना है. चंडी थाना क्षेत्र के गौड़ापर के समीप एक सड़क हादसे में बाइक सवार अलकेम लेबोरेट्री नामक कंपनी में मेडिकल रिप्रजेंटेटिव अभिषेक कुमार मौत हो गयी, जो हिलसा थाना क्षेत्र के मोमिनपुर गांव निवासी सत्येंद्र शर्मा के 25 वर्षीय पुत्र थे. इस हादसे में मोनू कुमार गंभीर रूप से जख्मी हो गया. अभिषेक कुमार अपने सहयोगी मोनू कुमार के साथ बिहारशरीफ से चंडी काम के सिलसिले में जा रहा था. इसी बीच गौढ़ापर के समीप पीछे से ट्रक ने टक्कर मार दी, जिसमें अभिषेक कुमार की मौके पर ही मौत हो गयी.
केस-02घटना सितंबर 2020 की है. चंडी के गौड़ापर गांव के समीप देर रात को सड़क हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की जान चली गयी. इसमें बिहार थाना के क्षेत्र चैनपुरा गांव निवासी 33 वर्षीय सुदामा पासवान, 28 वर्षीय वीरू पासवान, 23 वर्षीय शोभा देवी एवं 35 वर्षीय आशा देवी की मौत घटनास्थल पर हो गयी थी एवं अन्य तीन लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गये थे. शोभा देवी को इलाज कराने के लिए पटना ले जाने के दौरान यह सड़क हादसा हुआ था.केस-03दिसंबर 2020 की घटना है. चंडी के गौड़ापर मोड़ के आगे बेलधना गांव के पास सड़क हादसा में एक ही परिवार के दो लोगों की मौता घटनास्थल पर हो गया था. जबकि चार लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गये थे. यह घटना उस समय के सबसे चर्चित थी. एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पटर गयी थी. हादसा इतना भीषण था कि कार पटते हुए सड़क से लगभग 20 मीटर दूर खेत में जा कर गिरी थी. गाड़ी बिहारशरीफ से चंडी की ओर से आ रही थी. तभी सड़क हादसा हुआ था.
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