Bihar Teacher: बिहार में TRE 4 के तहत होने वाली करीब 26 हजार विद्यालय अध्यापकों की नियुक्ति फिलहाल रोस्टर क्लियरेंस की अड़चन में फंस गई है. सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से रोस्टर में उठाई गई आपत्तियों ने शिक्षा विभाग की तैयारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
इन्हीं विसंगतियों को दूर करने के लिए सोमवार को सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और स्थापना के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) को विभागीय मुख्यालय बुलाया गया. सुबह से शाम तक चली इस मैराथन बैठक में कई जिलों के रोस्टर मौके पर सुधारे गए, जबकि कुछ को सुधार के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है.
सामान्य प्रशासन की आपत्तियों से बढ़ी परेशानी
विद्यालय अध्यापकों की नियुक्ति के लिए सभी जिलों से रोस्टर क्लियरेंस की रिपोर्ट पहले ही सामान्य प्रशासन विभाग को भेजी गई थी. वहां तकनीकी समीक्षा के दौरान कई तरह की विसंगतियां सामने आईं. इन गड़बड़ियों की विस्तृत रिपोर्ट सामान्य प्रशासन विभाग ने शिक्षा विभाग को लौटा दी. इसके बाद शिक्षा विभाग को मजबूरन जिलों के अधिकारियों को तलब कर रोस्टर में सुधार की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी.
विकास भवन में दिनभर चला मंथन
सोमवार को विकास भवन स्थित शिक्षा विभाग के मुख्यालय में सुबह 10 बजे से बैठक शुरू हुई, जो देर शाम तक चली। बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग की मंशा के अनुसार रोस्टर क्लियरेंस को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए. कुछ जिलों के रोस्टर में तुरंत सुधार कराए गए, जबकि कई जिलों को आवश्यक संशोधन के लिए समय दिया गया है. विभागीय अधिकारियों का मानना है कि यह प्रक्रिया अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है.
एक हफ्ते से ज्यादा लग सकता है समय
सभी जिलों में रोस्टर क्लियरेंस की कवायद पूरी करने में एक हफ्ते से अधिक समय लग सकता है. इसके बाद संशोधित प्रस्ताव दोबारा सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा जाएगा. वहां से सहमति मिलने के बाद मामला वित्त विभाग जाएगा. यानी शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया में अभी कई प्रशासनिक पड़ाव बाकी हैं.
नियुक्ति की उम्मीद कर रहे अभ्यर्थियों में बेचैनी
टीआरई फोर के तहत शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों के लिए यह देरी चिंता का विषय बन गई है. पहले ही प्रक्रिया में समय लग चुका है और अब रोस्टर क्लियरेंस की अड़चन ने अनिश्चितता और बढ़ा दी है. शिक्षा विभाग हालांकि यह भरोसा दिला रहा है कि सभी तकनीकी खामियों को दूर कर जल्द प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.
शिक्षा व्यवस्था के लिए अहम है रोस्टर क्लियरेंस
विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षक नियुक्ति जैसी बड़ी प्रक्रिया में रोस्टर क्लियरेंस की पारदर्शिता बेहद जरूरी है. छोटी-सी चूक भी कानूनी और प्रशासनिक संकट खड़ा कर सकती है. ऐसे में शिक्षा विभाग अब किसी तरह की जल्दबाजी के बजाय सुधार पर जोर दे रहा है, ताकि आगे चलकर भर्ती प्रक्रिया पर सवाल न उठें.

