Bihar Teacher: बिहार में सरकारी शिक्षकों को अब अपनी चल और अचल संपत्ति का पूरा ब्योरा देना अनिवार्य कर दिया गया है. मधुबनी जिले के बिस्फी प्रखंड के सभी प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को हर हाल में 12 जनवरी तक अपनी संपत्ति का विवरण बीआरसी (प्रखंड संसाधन केंद्र) में जमा करना होगा.
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी शेखर कुमार और महेश पासवान की ओर से इस संबंध में लेटर जारी किया गया है. जिसमें साफ कहा गया है कि सभी शिक्षकों को कंप्यूटराइज फॉर्मेट में ही अपनी संपत्ति का ब्योरा भरकर जमा करना होगा. हाथ से भरा हुआ फॉर्म किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा.
किन शिक्षकों को देना होगा संपत्ति का ब्योरा?
इस आदेश के दायरे में विशिष्ट शिक्षक, बीपीएससी शिक्षक, टीआर-1, टीआर-2 और टीआर-3 के शिक्षक, नियमित शिक्षक, प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक सभी शामिल हैं. शिक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि जो शिक्षक तय समय सीमा तक संपत्ति का विवरण जमा नहीं करेंगे, उनका जनवरी महीने का वेतन रोक दिया जाएगा.
शिक्षा विभाग ने क्यों लिया यह निर्णय?
शिक्षा विभाग के अनुसार यह फैसला बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसायटी के निर्देश पर लिया गया है. सोसायटी ने राज्य के समूह ‘क’, ‘ख’ और ‘ग’ के सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए हर साल अपनी चल और अचल संपत्ति का विवरण देना अनिवार्य किया है. चूंकि सरकारी शिक्षक भी इन्हीं कैटेगरिज में आते हैं, इसलिए अब शिक्षा विभाग ने इस नियम को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है.
भ्रष्टाचार पर भी लगेगी रोक
विभाग का कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाना और ईमानदारी को बढ़ावा देना है. साथ ही इससे भ्रष्टाचार पर भी रोक लगेगी. शिक्षा अधिकारियों ने सभी शिक्षकों से समय पर संपत्ति का विवरण जमा करने की अपील की है, ताकि किसी तरह की कार्रवाई या वेतन रुकने की स्थिति से बचा जा सके.
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