ePaper

Bihar Teacher: बिहार के इस जिले के शिक्षकों को हर हाल में करना होगा यह काम, शिक्षा विभाग ने दिया 12 जनवरी तक का अल्टीमेटम

Updated at : 05 Jan 2026 6:04 PM (IST)
विज्ञापन
Bihar Teacher News

AI से बनाई गई बिहार के शिक्षकों की तस्वीर

Bihar Teacher News: बिहार में सरकारी शिक्षकों के लिए चल-अचल संपत्ति का ब्योरा देना अनिवार्य कर दिया गया है. मधुबनी के बिस्फी प्रखंड के शिक्षकों को 12 जनवरी तक संपत्ति विवरण जमा करना होगा, नहीं तो जनवरी का वेतन रोक दिया जाएगा.

विज्ञापन

Bihar Teacher: बिहार में सरकारी शिक्षकों को अब अपनी चल और अचल संपत्ति का पूरा ब्योरा देना अनिवार्य कर दिया गया है. मधुबनी जिले के बिस्फी प्रखंड के सभी प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को हर हाल में 12 जनवरी तक अपनी संपत्ति का विवरण बीआरसी (प्रखंड संसाधन केंद्र) में जमा करना होगा.

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी शेखर कुमार और महेश पासवान की ओर से इस संबंध में लेटर जारी किया गया है. जिसमें साफ कहा गया है कि सभी शिक्षकों को कंप्यूटराइज फॉर्मेट में ही अपनी संपत्ति का ब्योरा भरकर जमा करना होगा. हाथ से भरा हुआ फॉर्म किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा.

किन शिक्षकों को देना होगा संपत्ति का ब्योरा?

इस आदेश के दायरे में विशिष्ट शिक्षक, बीपीएससी शिक्षक, टीआर-1, टीआर-2 और टीआर-3 के शिक्षक, नियमित शिक्षक, प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक सभी शामिल हैं. शिक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि जो शिक्षक तय समय सीमा तक संपत्ति का विवरण जमा नहीं करेंगे, उनका जनवरी महीने का वेतन रोक दिया जाएगा.

शिक्षा विभाग ने क्यों लिया यह निर्णय?

शिक्षा विभाग के अनुसार यह फैसला बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसायटी के निर्देश पर लिया गया है. सोसायटी ने राज्य के समूह ‘क’, ‘ख’ और ‘ग’ के सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए हर साल अपनी चल और अचल संपत्ति का विवरण देना अनिवार्य किया है. चूंकि सरकारी शिक्षक भी इन्हीं कैटेगरिज में आते हैं, इसलिए अब शिक्षा विभाग ने इस नियम को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है.

भ्रष्टाचार पर भी लगेगी रोक

विभाग का कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाना और ईमानदारी को बढ़ावा देना है. साथ ही इससे भ्रष्टाचार पर भी रोक लगेगी. शिक्षा अधिकारियों ने सभी शिक्षकों से समय पर संपत्ति का विवरण जमा करने की अपील की है, ताकि किसी तरह की कार्रवाई या वेतन रुकने की स्थिति से बचा जा सके.

Also Read: Bihar News: बिहार में खुलेंगे पांच Gen-Z डाकघर, युवाओं को मिलेंगी ये खास सुविधाएं और बचत प्लान भी

विज्ञापन
Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन