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अब हर वार्ड में बनेगी जीविका समिति, महिलाओं को मिलेगा रोजगार और प्रशिक्षण

Updated at : 22 Feb 2026 3:11 PM (IST)
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jeevika didi

सांकेतिक तस्वीर-jeevika didi

Bihar Government: महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत पटना में नई पहल शुरू हुई है. नगर विकास एवं आवास विभाग के निर्देश पर अब हर वार्ड में जीविका समिति गठित की जाएगी.

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Bihar Government: बिहार में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया गया है. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत अब नगर निगम क्षेत्रों के प्रत्येक वार्ड में ‘जीविका समिति’ का गठन किया जाएगा. मेयर सीता साहू ने नगर विकास एवं आवास विभाग के आदेश के आलोक में इसके निर्देश जारी कर दिए हैं.

इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहर की महिलाओं को न केवल संगठित करना है, बल्कि उन्हें हुनरमंद बनाकर उनके घर के पास ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है. अब महज सात दिनों के भीतर गठन की प्रक्रिया पूरी कर आवेदनों का निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा.

महिलाओं को संगठित कर स्वरोजगार से जोड़ने की तैयारी

पटना में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए नगर निगम स्तर पर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. योजना के तहत प्रत्येक वार्ड में जीविका समिति बनाई जाएगी, जो महिलाओं को संगठित करने के साथ उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने का काम करेगी.

इन समितियों के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा, ताकि महिलाएं छोटे उद्योगों और घरेलू उत्पादन से जुड़ सकें. सरकार का मानना है कि स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध होने से महिलाओं की आय बढ़ेगी और वे परिवार की आर्थिक मजबूती में बड़ी भूमिका निभा सकेंगी.

सात दिनों में समितियों के गठन का निर्देश

महापौर सीता साहू ने नगर निगम अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सात दिनों के भीतर सभी वार्डों में समितियों का गठन पूरा कर लिया जाए. साथ ही प्राप्त आवेदनों का त्वरित निपटारा करने को कहा गया है, ताकि पात्र महिलाओं तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंच सके.

नगर आयुक्त को पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से लागू कराने की जिम्मेदारी दी गई है. इसके लिए वार्ड स्तर पर नोडल पदाधिकारी नियुक्त किए जाएंगे, जो आवेदन प्रक्रिया, प्रशिक्षण और लाभ वितरण की निगरानी करेंगे.

प्रशिक्षण के साथ बढ़ेगा आत्मनिर्भरता का रास्ता

जीविका समितियों के गठन के बाद महिलाओं को अलग-अलग हुनर सिखाने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे. सिलाई, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और छोटे व्यापार जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की योजना है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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