ePaper

बिहार के नाम दर्ज हुआ एक और रिकॉर्ड, सरकार के प्रयास से 50 लाख परिवारों को मिलेगा लाभ

Updated at : 25 Mar 2025 4:32 PM (IST)
विज्ञापन
AI Image

AI Image

बिहार : राज्य के 30,207 में 29,779 वार्डों में नीतीश सरकार ने ‘अब हर घर नल का जल योजना’ से साफ पानी पहुंचाकर नया रिकॉर्ड बनाया है.

विज्ञापन

बिहार के नाम एक और रिकॉर्ड दर्ज हुआ है. सरकार की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक अब प्रदेश के कुल 30,207 में  29,779 वार्डों में अब हर घर नल का जल योजना से साफ पानी पहुंचाया जा रहा है. इसके बारे में जानकारी देते हुए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री नीरज कुमार सिंह ने बताया कि अब हर घर नल का जल योजना से प्रदेश के  46.51 लाख से अधिक परिवारों को सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो रहा है. शेष वार्डों को शीघ्र ही हर घर नल का जल से जोड़ जिया जाएगा. इससे कुल 47.68 लाख परिवारों को साफ पानी मिलेगा. 

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री नीरज कुमार सिंह की फाइल फोटो
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री नीरज कुमार सिंह की फाइल फोटो

46.51 लाख नल-जल कनेक्शन कर रहे काम : मंत्री

मंत्री ने बताया कि राज्य के सभी 4,709 आर्सेनिक प्रभावित वार्डों में हर घर नल का जल का कवरेज सुनिश्चित किया जा चुका है. इसी प्रकार, 3,789 फ्लोराइड प्रभावित वार्डों में से 3,784 वार्ड योजना के अंतर्गत आ चुके हैं. आयरन प्रभावित 21,709 वार्डों में से 21,286 वार्डों में भी अब सुरक्षित जल आपूर्ति उपलब्ध है. इन वार्डों में कुल 46.51 लाख नल-जल कनेक्शन कार्यरत हैं, जबकि कुल प्रभावित परिवारों की संख्या 47.68 लाख है.

मंत्रालय ने लागू किया वॉटर क्वालिटी मॉनिटरिंग प्रोटोकॉल 

मंत्री ने बताया कि लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा जल गुणवत्ता की प्रभावी निगरानी हेतु वॉटर क्वालिटी मॉनिटरिंग प्रोटोकॉल लागू किया गया है. इस प्रोटोकॉल के तहत आर्सेनिक एवं फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों में प्रत्येक दो माह में जल परीक्षण किया जाता है. आयरन प्रभावित क्षेत्रों में चार माह में एक बार तथा सामान्य जल गुणवत्ता वाले क्षेत्रों में न्यूनतम दो बार वार्षिक जल परीक्षण किया जाता है. 

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

बीआईएस के मानक पर मिल रहा पानी 

साथ ही उपभोक्ताओं को भारतीय मानक बीआईएस: 10500:2012 के अनुरूप स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है. राज्य, जिला एवं प्रमंडल स्तर पर स्थापित जल जांच प्रयोगशालाओं में 15 मानकों पर जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जा रही है। वर्तमान में राज्य में 75 अवर प्रमंडलीय, 38 जिला स्तरीय और एक राज्य स्तरीय जल जाँच प्रयोगशाला कार्यरत हैं. राज्य की 15 जिला जल परीक्षण प्रयोगशालाओं को एनएबीएल (NABL) की मान्यता  प्राप्त हो चुकी है. 

इसे भी पढ़ें : Bihar Board 12th Results : 12वीं में टॉप करने वाली प्रिया ने 10वीं में भी किया था टॉप, किसान परिवार से है तालुक्कात

विज्ञापन
Prashant Tiwari

लेखक के बारे में

By Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन