Bihar Politics: बिहार की सियासत में नीतीश क्रेज! CM के हाथों JDU की सदस्यता लेने के लिए नेताओं में मची होड़

Updated at : 06 Dec 2025 5:27 PM (IST)
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Bihar Politics: बिहार की सियासत में नीतीश क्रेज! CM के हाथों JDU की सदस्यता लेने के लिए नेताओं में मची होड़

leaders to take JDU membership from the CM

Bihar Politics: बिहार में चुनावी जीत के बाद जेडीयू मुख्यालय में ऐसा नजारा दिखा, जो शायद पहले कभी नहीं देखा गया. कई नेता एक ही चीज के लिए लाइन में खड़े थे, नीतीश कुमार के हाथों सदस्यता ग्रहण करने का मौका.

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Bihar Politics: बिहार चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद जदयू मुख्यालय में मंगलवार को पहली बड़ी बैठक आयोजित की गई. इसी दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सदस्यता अभियान की शुरुआत की और मंच पर ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने पूरे राजनीतिक माहौल को सुर्खियों में ला दिया.

नीतीश कुमार के हाथों सदस्यता लेने के लिए नेताओं की लंबी लाइन लग गई, जिसमें वरिष्ठ नेताओं से लेकर जिलास्तरीय पदाधिकारी भी शामिल रहे.

सीएम नीतीश ने खुद ग्रहण की सदस्यता

बैठक की शुरुआत में जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सदस्यता ग्रहण कराई. इसके तुरंत बाद नीतीश कुमार ने संजय झा को सदस्यता दिलाई. परंपरा के इस आदान-प्रदान के बाद जैसे ही मंच खुला, सदस्यता लेने की होड़ शुरू हो गई.

जदयू के वरिष्ठ नेता नारायण सिंह, प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और कई अन्य नेताओं ने सीएम नीतीश के हाथों सदस्यता ग्रहण की. मंच पर ‘नीतीश कुमार जिंदाबाद’ के नारों की गूंज लगातार सुनाई देती रही.

सीएम के हाथों सदस्यता दिलाने की क्यों पड़ी ‘भीड़’?

पार्टी के अंदरूनी नियमों के अनुसार, सदस्यता का कार्यकाल एक या दो वर्षों का होता है, जिसके बाद नेताओं को इसे नवीनीकृत करना होता है. लेकिन इस बार मामला सिर्फ नवीनीकरण का नहीं था, नेता चाहते थे कि उन्हें सीधे मुख्यमंत्री के हाथों सदस्यता मिले, ताकि संगठन में उनकी उपस्थिति और प्रभाव मजबूत दिखे.

जदयू ने आज से अपने नए सदस्यता अभियान की आधिकारिक शुरुआत भी कर दी, जिसके कारण बड़ी संख्या में नेता व प्रतिनिधि पटना के जदयू कार्यालय पहुंचे.

वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज होने पर बधाई

इस दौरान एक और महत्वपूर्ण क्षण देखने को मिला. संजय झा ने नीतीश कुमार को पार्टी की ओर से उस उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं, जिसमें मुख्यमंत्री का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन में दर्ज हुआ है. यह घोषणा होते ही कार्यकर्ताओं के बीच तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई दी.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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