पटना नगर निगम ने अपने ही मेयर को थमाया नोटिस, 26 हजार आवासीय संपत्तियों पर सीलिंग का खतरा

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मेयर सीता साहू की फाइल फोटो

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पटना नगर निगम ने आवासीय मकानों में बिना अनुमति चलाए जा रहे व्यावसायिक ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई शुरू की है. शहर के 26,745 मकान मालिकों को नोटिस भेजा गया है. 19 अगस्त से इन मामलों पर सुनवाई शुरू होगी, जिसमें जवाब न देने पर सीलिंग और जुर्माने की कार्रवाई हो सकती है.

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Patna Municipal Corporation: राजधानी के आवासीय मकानों में बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां चलाने वालों पर पटना नगर निगम ने शिकंजा कस दिया है. शहर के सभी छह अंचलों के कार्यपालक अधिकारियों की देखरेख में ऐसे 26,745 मकान मालिकों को नोटिस भेजा जा रहा है. अजीमाबाद अंचल से मेयर सीता साहू को भी नोटिस दिया गया है. नोटिस में मेयर के साथ उनके दोनों पुत्रों का भी नाम लिखा गया है.

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मेयर का आवास अजीमाबाद अंचल के बड़ी पटन देवी गली (महाराजगंज) में स्थित है, जहां निगम की टीम ने नोटिस दिया. नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर लिखित जवाब और मांगे गए दस्तावेज जमा नहीं कराने पर माना जाएगा कि संबंधित पक्ष को कुछ नहीं कहना है.

एसकेपुरी, लोदीपुर सहित इन इलाकों में मिले व्यावसायिक गतिविधियों के मामले

मुसल्लहपुर, बाजार समिति, कंकड़बाग, एसकेपुरी, गुलजारबाग, बड़ी पटना देवी गली, महाराजगंज, एजी कॉलोनी, पाटलिपुत्र कॉलोनी, कृष्णापुरी, लोदीपुर, आशियाना, विजय नगर, मंदिरी, दीदारगंज, गुरुगोविंद सिंह पथ, हरमंदिर गली और मारूफगंज सहित अन्य इलाकों में आवासीय परिसरों में व्यावसायिक गतिविधियां पायी गयी हैं.

हर वार्ड में 100 से अधिक घरों को भेजा जा रहा नोटिस

निगम प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद की जा रही है. निगम ने रोजाना प्रति वार्ड 100 से अधिक नोटिस भेजने का लक्ष्य रखा है. इसी माह सुप्रीम कोर्ट ने आवासीय संपत्तियों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर कड़ी नाराजगी जताई थी. कोर्ट में पेश रिपोर्ट के अनुसार पटना में ऐसे 26,746 मामले सामने आए हैं. शीर्ष अदालत ने टिप्पणी की कि इतनी बड़ी संख्या अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाती है.

बांकीपुर अंचल में सबसे अधिक मामले

नगर निगम द्वारा प्रॉपर्टी आईडी और सेल्फ असेसमेंट के जरिए तैयार सूची में बांकीपुर और कंकड़बाग अंचल सबसे ऊपर हैं. बांकीपुर में करीब सात हजार मामले दर्ज हैं, जिनमें मुसल्लहपुर और बाजार समिति (वार्ड 47) शीर्ष पर हैं. कंकड़बाग अंचल में छह हजार, पाटलिपुत्र अंचल में छह हजार, अजीमाबाद में 3,400, पटना सिटी में तीन हजार और नूतन राजधानी अंचल में करीब 2,800 मामले पाए गए हैं.

मेयर और उनके बेटों के नाम जारी हुआ नोटिस

इस कार्रवाई की खास बात यह है कि इसकी जद में पटना की मेयर सीता साहू भी आ गयी हैं. अजीमाबाद अंचल प्रशासन ने मेयर और उनके परिवार को 24 घंटे में जवाब दाखिल करने का अल्टीमेटम दिया है. अजीमाबाद अंचल की ओर से बड़ी पटन देवी गली, महाराजगंज स्थित परिसर के संबंध में भू-स्वामी शिशिर कुमार, सीता देवी (मेयर) और सुशांत के नाम नोटिस जारी किया गया है. नोटिस में आवासीय क्षेत्र में गैर-आवासीय उपयोग पाये जाने पर 24 घंटे के भीतर लिखित सफाई और वैध दस्तावेज पेश करने को कहा गया है

19 अगस्त से अंचलों में शुरू होगी सुनवाई

सफाई निरीक्षकों और सुपरवाइजरों द्वारा डोर-टू-डोर सत्यापन के बाद सभी सूचियां अंचल कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर चिपका दी गई हैं. जिन लोगों को नोटिस मिला है, उनके पक्ष और दस्तावेजों की समीक्षा के लिए 19 अगस्त से 10 सितंबर तक अंचलवार सुनवाई आयोजित की जाएगी. समयावधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सीधे सीलिंग और जुर्माने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी.

नोटिस मिलने पर देने होंगे ये दस्तावेज

  • गैर-आवासीय उपयोग से संबंधित आपत्ति या सफाई का लिखित प्रमाण.
  • संबंधित मकान या जमीन के भू-स्वामित्व का मूल दस्तावेज.
  • सक्षम प्राधिकार से स्वीकृत भवन का नक्शा.
  • नगर निगम द्वारा जारी अधिभोग प्रमाण पत्र की प्रति.
  • लिखित कारण कि आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधि क्यों चलाई जा रही है.

ऐसे हुआ सर्वे और सामने आए 26 हजार से अधिक मामले

नगर निगम की ओर से आवासीय मकानों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों का पता लगाने के लिए सबसे पहले प्रॉपर्टी आईडी के जरिए डिजिटल सूची तैयार की गई. जांच के दौरान यह बात सामने आई कि कई मकान मालिकों ने खुद से सेल्फ असेसमेंट आवासीय दर पर कराया है, लेकिन उन परिसरों का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है और वे कमर्शियल टैक्स दे रहे हैं.

इसके बाद राजधानी की मुख्य सड़कों और उनसे जुड़ी अन्य सड़कों के किनारे चल रही व्यावसायिक गतिविधियों वाले क्षेत्रों का खाका तैयार किया गया. डेटा मिलने के बाद नगर निगम ने वार्ड स्तर पर सफाई निरीक्षकों और सुपरवाइजरों को सूची दी, जिन्होंने घर-घर जाकर फिजिकल वेरिफिकेशन किया.

अलग-अलग अंचलों में इन तारीखों पर होगी सुनवाई

पाटलिपुत्र अंचल में 19, 27 अगस्त और 3 सितंबर, नूतन राजधानी में 20, 28 अगस्त और 5 सितंबर, जबकि कंकड़बाग अंचल में 21, 29 अगस्त और 7 सितंबर को सुनवाई होगी. इसी तरह बांकीपुर अंचल में 22, 31 अगस्त और 8 सितंबर, अजीमाबाद अंचल में 24 अगस्त, 1 और 9 सितंबर, वहीं पटना सिटी अंचल में 25 अगस्त, 2 और 10 सितंबर की तारीख तय की गई है.

Patna Municipal Corporation Notice  | Prabhat Khabar Network

सुनवाई में ये दस्तावेज लाना जरूरी

सुनवाई के दौरान मकान मालिकों और व्यवसायियों को संपत्ति का मालिकाना हक, पास हुआ नक्शा, ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट और गैर-आवासीय काम करने से जुड़ी एनओसी के दस्तावेज साथ लाने होंगे. तय तारीख पर हाजिर नहीं होने वालों के खिलाफ सर्वे रिपोर्ट के आधार पर एकतरफा कार्रवाई की जाएगी.

देश के अन्य शहरों में क्या है स्थिति

पटना: 26,746 आवासीय मकानों में व्यावसायिक इस्तेमाल की पहचान हुई, बड़े पैमाने पर नोटिस जारी.

भोपाल: सर्वे के बाद लगभग 1,000 नोटिस जारी किए गए और शुरुआती चरण में 100 से अधिक दुकानें सील किए गए.

लखनऊ: तीन सप्ताह के भीतर सर्वे पूरा करने का आदेश, 51 प्रमुख संपत्तियों की पहचान कर शुरुआती कार्रवाई शुरू.


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