बिहार पुलिस करेगी हिंदी शब्दों का प्रयोग, फाइल में नहीं दिखेंगे अब अंग्रेजी के ये शब्द

आने वाले समय में सरकारी फाइलों से अंग्रेजी के शब्द और कम होंगे. खास कर बिहार पुलिस अपने फाइलों व थाना के कामकाज से अंग्रेजी शब्द को हटाने के लिए और प्रयास करेगी. हिंदी को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने संसदीय राजभाषा समिति के निर्देशों का जिक्र करते हुए राज्यों को पत्र लिखा है.
पटना . आने वाले समय में सरकारी फाइलों से अंग्रेजी के शब्द और कम होंगे. खास कर बिहार पुलिस अपने फाइलों व थाना के कामकाज से अंग्रेजी शब्द को हटाने के लिए और प्रयास करेगी. दरअसल, राजभाषा हिंदी को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने संसदीय राजभाषा समिति के निर्देशों का जिक्र करते हुए राज्यों को पत्र लिखा है.
इस पत्र में 70 से ज्यादा अंग्रेजी के शब्द और टिप्पणियों की चर्चा की गयी है. उस खास शब्दों की जगह हिंदी शब्दों को इस्तेमाल करने को कहा गया है. विशेष कर पत्र में हिंदी में इस्तेमाल होने वाले शब्द और टिप्पणियां भी लिखी हैं. मसलन, अंग्रेजी में प्लीज वेरीफाइ की जगह हिंदी में ‘कृपया सत्यापित कर लें’ लिखे जाने की बात कही गयी है.
बिहार के राजभाषा विभाग ने हिंदी को बढ़ावा देने के लिए पुलिस मुख्यालय को पत्र भेजा है. जिसे पुलिस मुख्यालय की ओर से राज्य के सभी जिलों के थाने को भेज दिया गया है. राजभाषा विभाग के निदेशक ने अपने पत्र में संसदीय राजभाषा समिति के निर्देशों का जिक्र किया है. गौरतलब है कि हर वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता हैं.
सुझाव के तौर पर कहा गया है कि अंग्रेजी में ‘आइ एग्री’ की जगह हिंदी में सहमत हूं लिखें. इसी तरह ‘नोटेड थैंक्स’ की जगह नोट कर लिया ‘धन्यवाद’, ‘प्लीज डिस्कस’ की जगह कृपया चर्चा करें, ‘फॉर सिग्नेचर प्लीज’ की लिए हस्ताक्षर करें, ऐज डायरेक्टरेट की जगह निर्देशानुसार, ऐज रिवाइज्ड की जगह यथा संशोधित, कॉल फॉर द रिपोर्ट की जगह ‘रिपोर्ट मंगाइये’.
स्पोकन की जगह बात हो गयी, पुट अप द समरी की जगह सारांश प्रस्तुत करें, ‘अंडर कंसीडरेशन’ की जगह विचारधीन, कीप पेंडिंग की जगह ‘इसे रोके’ रखें.
Posted by Ashish Jha
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




