जमाबंदी में गलती है? अब RTPS काउंटर पर फ्री में कराएं आवेदन, साइबर कैफे जाने की जरूरत नहीं
RTPS काउंटर पर जमाबंदी कराते लोग, फोटो- एआई
Bihar Jamabandi Free: जमाबंदी में त्रुटि सुधार के लिए बिहार सरकार ने तीन विकल्प दिए हैं. RTPS काउंटर पर निशुल्क आवेदन होगा और साइबर कैफे भेजने वाले कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी.
मोतिहारी से सामंत कुमार गौतम की रिपोर्ट
Bihar Jamabandi Free: बिहार में जमाबंदी सुधार कराने वालों के लिए राहत की खबर है. अब RTPS काउंटर पर आवेदन पूरी तरह मुफ्त किया जाएगा और किसी भी आवेदक को निजी साइबर कैफे भेजने की अनुमति नहीं होगी. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इस संबंध में सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किया है. मोतिहारी सदर अंचल सीओ सुनील कुमार ने भी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है.
आवेदन कहां कर सकते हैं?
- RTPS काउंटर (पूरी तरह मुफ्त)
- बिहार भूमि पोर्टल (परिमार्जन प्लस)
- संबंधित अंचल कार्यालय
किस काम के लिए आवेदन कर सकते हैं?
- जमाबंदी में नाम, खाता या अन्य त्रुटि सुधार
- छूटी हुई जमाबंदी का ऑनलाइन दर्जीकरण
RTPS काउंटर पर मुफ्त में होगा आवेदन
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि आरटीपीएस काउंटर पर पहुंचने वाले आवेदकों का आवेदन संबंधित कर्मी बिना किसी शुल्क के ऑनलाइन दर्ज करेंगे. उन्हें किसी भी स्थिति में निजी साइबर कैफे भेजना स्वीकार नहीं किया जाएगा.
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अगर RTPS कर्मी साइबर कैफे भेजे तो क्या करें?
- आवेदन देने से मना नहीं किया जा सकता.
- RTPS काउंटर पर मुफ्त आवेदन लेना अनिवार्य है.
- शिकायत मिलने पर संबंधित कर्मी पर विभागीय कार्रवाई हो सकती है.
क्या बोले सदर सीओ?
सदर अंचल मोतिहारी के सीओ सुनील कुमार ने कहा कि विभाग के सभी निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा.
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By अनिकेत कुमार
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अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को जमीनी स्तर पर कवर किया है. प्रभात खबर के साथ बिहार विधानसभा चुनाव कवरेज के दौरान उन्होंने करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौपाल कार्यक्रम किए. नेताओं से सीधे सवाल पूछने के साथ उन्होंने जनता के बीच जाकर कई जमीनी मुद्दों को वीडियो रिपोर्ट के जरिए सामने रखा. चुनाव के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताने और लोगों के बीच रहकर रिपोर्टिंग करने के अनुभव उन्हें डेस्क पर खबरों को बेहतर संदर्भ के साथ समझने और प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.
प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.
बदलते मीडिया परिदृश्य और AI के दौर की पत्रकारिता को समझने में भी उनकी लगातार रुचि है. वे नए AI टूल्स और तकनीकों को सीखते हैं और उन्हें पत्रकारिता के काम में उपयोग करने के तरीकों पर लगातार प्रयोग करते रहते हैं. खाली समय में साहित्यिक किताबें पढ़ना और वीडियो बनाना उन्हें पसंद है. उनके लिए पत्रकारिता एक लगातार सीखने और बेहतर करने की प्रक्रिया है.
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