बिहार में रील्स और वीडियो बनाने वालों की बल्ले-बल्ले! 1 लाख व्यूज पर मिलेंगे 10 हजार रुपये, जानें नियम
सीएम सम्राट चौधरी और सोशल मीडिया के सांकेतिक तस्वीर
Bihar Government Social Media Policy: बिहार सरकार सोशल मीडिया और ऑनलाइन मीडिया के क्षेत्र में बड़ा बदलाव करने जा रही है. राज्य कैबिनेट ने सोशल मीडिया नीति में संशोधन को मंजूरी दी है, जिससे पात्र क्रिएटर्स को 1 लाख व्यूज पर 10 हजार रुपये तक का भुगतान मिल सकता है. यह डिजिटल माध्यमों से सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों को बढ़ावा देने की एक नई पहल है.
Bihar Government Social Media Policy: बिहार सरकार ने सोशल मीडिया और ऑनलाइन मीडिया के क्षेत्र में बड़ा बदलाव किया है. राज्य कैबिनेट ने बिहार सोशल मीडिया एवं अन्य ऑनलाइन मीडिया नीति/नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी है. इसके तहत सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों से संबंधित कंटेंट तैयार करने वाले पात्र सोशल मीडिया क्रिएटर्स और ऑनलाइन मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए भुगतान की व्यवस्था का रास्ता खुल सकता है. बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी सोशल मीडिया एवं ऑनलाइन मीडिया पॉलिसी-2024 के तहत व्यक्तिगत और पंजीकृत कंपनियों के लिए एम्पैनलमेंट की व्यवस्था उपलब्ध है.
1 लाख व्यूज पर 10 हजार रुपये तक भुगतान
कैबिनेट के फैसले के बाद सामने आई जानकारी के अनुसार, पात्र कंटेंट पर 1 लाख व्यूज तक के लिए अधिकतम 10 हजार रुपये तक भुगतान किया जा सकता है. इसी आधार पर 10 लाख व्यूज वाले कंटेंट पर राशि 1 लाख रुपये तक पहुंच सकती है. हालांकि, इसे हर वायरल वीडियो या पोस्ट पर स्वतः मिलने वाला भुगतान नहीं माना जाना चाहिए. वास्तविक भुगतान के लिए सरकार की ओर से तय पात्रता, कंटेंट की प्रकृति, प्लेटफॉर्म, व्यूज की गणना और अन्य शर्तें लागू होंगी.
सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों से जुड़े कंटेंट पर जोर
नई व्यवस्था का उद्देश्य डिजिटल माध्यमों के जरिए सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है. सोशल मीडिया पर सक्रिय क्रिएटर्स और ऑनलाइन मीडिया संस्थानों को इस अभियान से जोड़ने की तैयारी है. इससे सरकार और आम लोगों के बीच डिजिटल माध्यम से सूचना के प्रसार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
कौन-कौन से क्रिएटर्स होंगे पात्र, अभी तस्वीर साफ नहीं
इस फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि भुगतान के लिए किन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को शामिल किया जाएगा और किस तरह के कंटेंट को पात्र माना जाएगा. साथ ही क्रिएटर्स के फॉलोअर्स, कंटेंट की पहुंच, व्यूज, पंजीकरण और अन्य मानकों को लेकर भी अंतिम नियम महत्वपूर्ण होंगे. बिहार सरकार की मौजूदा सोशल मीडिया एवं ऑनलाइन मीडिया पॉलिसी में व्यक्तिगत आवेदक और पंजीकृत कंपनियों के लिए एम्पैनलमेंट की प्रक्रिया मौजूद है.
अधिसूचना जारी होने के बाद स्पष्ट होगी पूरी प्रक्रिया
कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब विस्तृत अधिसूचना और संशोधित नियमों का इंतजार है. अधिसूचना जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि भुगतान के लिए आवेदन कैसे किया जाएगा, व्यूज का सत्यापन किस तरीके से होगा, किन प्लेटफॉर्म पर कंटेंट मान्य होगा और भुगतान की अधिकतम सीमा व अन्य शर्तें क्या होंगी.
डिजिटल क्रिएटर्स के लिए बन सकता है कमाई का नया अवसर
अगर प्रस्तावित भुगतान व्यवस्था निर्धारित शर्तों के साथ लागू होती है, तो बिहार में सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों से जुड़ा तथ्यात्मक कंटेंट तैयार करने वाले पात्र डिजिटल क्रिएटर्स के लिए यह कमाई का नया अवसर बन सकता है. हालांकि, फिलहाल 1 लाख व्यूज पर ₹10 हजार को अधिकतम संभावित भुगतान के रूप में समझना जरूरी है, न कि हर कंटेंट पर मिलने वाली निश्चित राशि के तौर पर.
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लेखक के बारे में
By विवेक पाण्डेय
विवेक रंजन पाण्डेय पिछले 8 वर्षों से मुख्यधारा की पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें बिहार की राजनीति, प्रशासन, अपराध, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सरोकार और स्थानीय-क्षेत्रीय मुद्दों की गहरी समझ है. खबरों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए वे तथ्यों की पुष्टि और विभिन्न स्रोतों से जानकारी का सत्यापन करने को प्राथमिकता देते हैं.
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विवेक रंजन पाण्डेय की विशेष रुचि बिहार की राजनीति, ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम अपडेट, प्रशासनिक गतिविधियों, चुनाव, अपराध, मौसम, शिक्षा तथा रिसर्च आधारित खबरों में है. वे लाइव कवरेज, एक्सक्लूसिव स्टोरी, SEO फ्रेंडली डिजिटल कंटेंट और डेटा आधारित रिपोर्टिंग में भी दक्ष हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, विशेषकर एक्स पर सक्रिय रहकर ट्रेंडिंग और महत्वपूर्ण घटनाक्रमों पर लगातार नजर बनाए रखते हैं.
पत्रकारिता अनुभव
पत्रकारिता के क्षेत्र में विवेक रंजन पाण्डेय का आठ वर्षों का अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टीवी और डिजिटल मीडिया से की तथा विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए रिपोर्टिंग, डिजिटल कंटेंट लेखन, लाइव कवरेज, हेडलाइन लेखन, ब्रेकिंग न्यूज, फैक्ट चेकिंग में विशेषज्ञता हासिल की. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिहार से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों का लेखन और विश्लेषण कर रहे हैं.
शिक्षा
विवेक रंजन पाण्डेय ने आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी, पटना से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की है. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, मीडिया एथिक्स, डिजिटल जर्नलिज्म और जनसंचार के विभिन्न आयामों का अध्ययन किया.
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