सम्राट कैबिनेट में शामिल इन 5 मंत्रियों का देखें प्रोफाइल, गांधी मैदान में मंत्री पद की ली शपथ

Samrat Cabinet 5 ministers profiles
सम्राट कैबिनेट का विस्तार हो गया है. गांधी मैदान में 32 मंत्रियों ने शपथ ग्रहण की. सम्राट कैबिनेट में श्रेयसी सिंह, मदन सहनी, लेशी सिंह, संजीव चौरसिया और सुरेंद्र मेहता शामिल हैं. आइए इनका प्रोफाइल जानते हैं.
Bihar Cabinet Expansion: बिहार में सम्राट कैबिनेट का विस्तार हो गया है. सम्राट कैबिनेट में अब 32 मंत्री मौजूद हैं. जमुई विधानसभा सीट से दूसरी बार विधायक बनीं श्रेयसी सिंह ने भी मंत्री पद की शपथ ली है. 2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत के बाद श्रेयसी सिंह पहली बार मंत्री बनी थीं. अब एक बार फिर श्रेयसी सिंह सम्राट कैबिनेट में मंत्री बने है. इसके साथ ही मदन सहनी, लेशी सिंह, संजीव चौरसिया और सुरेंद्र मेहता ने मंत्री पद की शपथ ली. आइए इन पांचों नेता के बारे में विस्तार से जानते हैं.
कौन हैं श्रेयसी सिंह
जमुई विधानसभा सीट से दूसरी बार विधायक बनीं श्रेयसी सिंह अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज़ रही हैं. साथ ही वह शुरू से ही राजनीतिक परिवार से है. उनके पिता दिग्विजय सिंह बिहार की बांका लोकसभा सीट से सांसद रहे थे. भाजपा से श्रेयसी सिंह लगातार दूसरी बार जमुई विधानसभा सीट से विधायक बनी हैं. पहली बार श्रेयसी सिंह ने 2020 में अपने निकटतम प्रत्याशी राजद के विजय प्रकाश को 41 हजार 49 वोटों से हराया था. 2025 के चुनाव में उन्होंने आरजेडी के मो. शमशाद आलम को 54,498 वोटों से हराया है. श्रेयसी सिंह जमुई जिले के गिद्धौर की रहने वाली हैं. उनके पिता दिवंगत दिग्विजय सिंह बिहार के चर्चित राजनेता थे. केंद्र में मंत्री भी रह चुके थे. मां पुतुल देवी भी सांसद रह चुकी है. पहली बार 34 वर्षीय बीजेपी की विधायक श्रेयसी सिंह को भी नीतीश कैबिनेट में जगह मिली है और उनको खेल और आइटी विभाग की जिम्मेदारी मिली थी.
मदन सहनी बने मंत्री
बिहार के दरभंगा जिले के खराजपुर पंचायत में जन्मे मदन सहनी राज्य की सियासत में एक चर्चित नाम है. 17 मई 1971 को जन्मे मदन सहनी दरभंगा जिले की बहादुरपुर विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते है. वर्तमान में मदन सहनी जेडीयू के कोटे से पांचवीं बार बिहार सरकार में मंत्री बनेंगे. मदन सहनी ने राजनीतिक करियर की शुरुआत जिला परिषद सदस्य के रूप में की. बाद में जिला बोर्ड अध्यक्ष का चुनाव जीता. उन्होंने 2010 में बहादुरपुर विधान सभा क्षेत्र से जीतकर पहली बार बिहार विधानसभा पहुंचे. 2015 में उन्हें गौरा बौराम विधानसभा क्षेत्र में भेजा गया. जहां उन्होंने बड़े अंतर से जीत हासिल की और उन्हें कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल किया गया. 2020 के चुनाव में उन्होंने अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र बहादुरपुर में वापसी की और जीत हासिल की. सहनी प्रारंभिक से लेकर स्नातक तक की शिक्षा दरभंगा से पूरी की. ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के अधीन कुंवर सिंह कॉलेज दरभंगा से 1992 में स्नातक किया. मदन सहनी बिहार सरकार में समाज कल्याण मंत्री के रूप में सामाजिक सुरक्षा और पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए कई योजनाओं को लागू कर चुके है. वह 2025 में जीत के बाद नीतीश मंत्रिमंडल में समाज कल्याण विभाग के मंत्री बनाये गये.
लेशी सिंह
विधानसभा चुनाव में छठी बार रिकार्ड मतों से पूर्णिया के धमदाहा सीट से जीतने वाली लेशी सिंह अपने करीब तीन दशकों के सियासी सफर में आठवीं बार बिहार में मंत्री बनीं हैं. वे न केवल पूर्णिया बल्कि पूरे सीमांचल में जदयू की सबसे कद्दावर चेहरा हैं. लेशी सिंह पहली और एकमात्र ऐसी नेत्री हैं जिन्होंने लगातार छठी बार धमदाहा में जीत हासिल की. इससे पहले लक्ष्मी नारायण सुधांशु लगातार चार बार जीते थे. इससे पहले सिंह सबसे पहले 2000 में समता पार्टी की टिकट से चुनाव लड़ीं और जीत कर आयीं. फिर उन्होंने जदयू प्रत्याशी के रुप में 2005, 2010, 2015 एवं 2020 में कुल पांच चुनाव जीत कर बिहार में अपनी अलग पहचान बनायी. समता पार्टी के कार्यकाल से ही सिंह की निष्ठा पार्टी के प्रति बरकरार रही है. उन्हें पहली बार 11 मार्च 2014 को नीतीश मंत्रिमंडल में उद्योग विभाग, 21 मार्च 2014 को जीतनराम मांझी मंत्रिमंडल में समाज कल्याण व आपदा विभाग, फरवरी 2015 में नीतीश मंत्रिमंडल में समाज कल्याण एवं आपदा प्रबंधन विभाग, नौ फरवरी 2021 में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ,
16 अगस्त 2022 में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, 16 मार्च 2024 में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग एवं 20 नवम्बर 2025 को दोबारा से मंत्री पद की शपथ ली और उन्हें खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग मिला.
संजीव चौरसिया
दीघा विधानसभा क्षेत्र से अब तक डा. संजीव चौरसिया तीन बार विधायक बन चुके है.यह सीट 2008 के परिसीमन के बाद बनी और तब से अब तक इसका राजनीतिक सफर दिलचस्प रहा है. बीते तीन विधानसभा चुनावों में भाजपा और जदयू के बीच सत्ता की अदला-बदली देखी गई, लेकिन 2015 से भाजपा के डॉ. संजीव चौरसिया इस सीट पर लगातार तीन बार जीत दर्ज कर चुके हैं. 2015 में भाजपा के संजीव चौरसिया ने पहली बार चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. उन्हें 50.75 प्रतिशत वोट मिले, 2020 में संजीव चौरसिया ने जीत दोहराई और 46 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत हासिल की. वहीं, तीसरी बार डा. चौरसिया ने 2025 में लगभग 59 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की.
सुरेंद्र मेहता
सुरेन्द्र मेहता पिछली सरकार में खेल विभाग के मंत्री थे. कांग्रेस के शिव प्रकाश को 15841 वोट से हराकर बिहार विधान सभा में तीसरी बार पहुंचे हैं. मेहता ने अपना पहला चुनाव 2005 में बरौनी से सीपीआई के राजेंद्र प्रसाद सिंह के खिलाफ लड़ा था लेकिन 4957 वोटों से हार गए थे. उन्होंने 2010 में बेगूसराय से लोजपा के उपेंद्र प्रसाद सिंह को 19,618 वोटों से हराया. 2020 में उन्होंने बछवाड़ा से सीपीआई के अवधेश राय को 484 वोटों से हराया था.
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