Bihar Bhumi: राजस्व महाभियान में बड़ा डिजिटल कदम, पोर्टल पर अपलोड होंगे जमाबंदी आवेदन, कमी पर सीधे मिलेगी सूचना

Revenue Department Bihar Bhumi
Bihar Bhumi: अब जमाबंदी सुधार और नामांतरण के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. पटना जिले में राजस्व महाभियान के तहत पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने जा रही है.
Bihar Bhumi: पटना जिले में चल रहे राजस्व महाभियान को और पारदर्शी व तेज बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है. डिजिटाइज्ड जमाबंदी में त्रुटि सुधार, छूटी हुई जमाबंदी को ऑनलाइन करने और बंटवारा-नामांतरण से जुड़े सभी जमा आवेदन अब राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे.
आवेदन अपलोड होते ही अगर कागजात में कोई कमी पाई गई, तो इसकी सूचना सीधे संबंधित आवेदक को दी जाएगी, ताकि समय रहते जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए जा सकें.
2.06 लाख आवेदनों में 80 हजार की स्कैनिंग पूरी
पटना जिले में राजस्व महाभियान के तहत कुल 2.06 लाख से अधिक जमा आवेदन प्राप्त हुए हैं. इनमें से करीब 80 हजार आवेदनों की स्कैनिंग का काम पूरा कर लिया गया है. अब अगला चरण इन स्कैन किए गए आवेदनों को विभागीय पोर्टल पर अपलोड करने का है. अधिकारियों के मुताबिक यह प्रक्रिया शुरू होते ही आवेदनों की जांच और निबटारे में तेजी आएगी.
अनुमंडलों में अलग-अलग रफ्तार से काम
जिले के विभिन्न अनुमंडलों में स्कैनिंग का काम अलग-अलग स्तर पर पूरा हुआ है. पालीगंज, पटना सिटी, पटना सदर, दानापुर, बाढ़ और मसौढ़ी अनुमंडलों में हजारों आवेदनों की स्कैनिंग पूरी हो चुकी है. कहीं यह आंकड़ा 40 हजार के पार है तो कहीं अभी प्रक्रिया शुरुआती चरण में है. प्रशासन का फोकस अब उन अनुमंडलों पर है, जहां स्कैनिंग की गति अपेक्षाकृत धीमी रही है.
31 दिसंबर तक बाकी 1.20 लाख आवेदनों की स्कैनिंग का लक्ष्य
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने शेष करीब 1.20 लाख आवेदनों की स्कैनिंग 31 दिसंबर तक हर हाल में पूरी करने का लक्ष्य तय किया है. इसको लेकर सभी अंचल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे संसाधनों और मानवबल का बेहतर उपयोग कर तय समयसीमा में स्कैनिंग और अपलोडिंग का काम पूरा करें. माना जा रहा है कि इसके बाद आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन मोड में आ जाएगी.
मार्च तक निबटारे का निर्देश, बढ़ी अधिकारियों की सक्रियता
राजस्व महाभियान के तहत जमा सभी आवेदनों का निबटारा मार्च तक किया जाना है. विभाग ने साफ कर दिया है कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसी निर्देश के बाद से राजस्व कर्मियों और अधिकारियों में सक्रियता बढ़ी है और रोजाना स्कैनिंग व डेटा अपलोडिंग की मॉनिटरिंग की जा रही है.
आवेदकों को मिलेगी सीधी सूचना, घटेगी भागदौड़
इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा आम लोगों को मिलने वाला है. आवेदन में अगर किसी दस्तावेज की कमी होगी, तो इसकी जानकारी पोर्टल के माध्यम से सीधे आवेदक तक पहुंचाई जाएगी. इससे न सिर्फ पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि लोगों को अंचल कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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